न्यायालय गए स्थाई कर्मियों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को मिलेगा सातवें वेतनमान का लाभ

भोपाल। प्रदेश के शासकीय विभागों में काम करने वाले स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ न्यायालय में प्रकरण दायर करने के बाद ही सरकार देगी न्यायालय से आदेश प्राप्त कर चुके स्थाई कर्मी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने 12 जनवरी 2023 को पत्र जारी करके नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण जल संसाधन विभाग लोक निर्माण विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के न्यायालय से आदेश प्राप्त कर चुके स्थाई कर्मियों एवं दैनिकों वेतन भोगी कर्मचारियों की संपूर्ण जानकारी व्यय भार सहित सक्षम अधिकारी की मंत्रालय में 19 जनवरी 2023 को बैठक आयोजित करी है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि कर्मचारी मंच लंबे समय से सरकार से मांग कर रहा है कि प्रदेश के स्थाई कर्मियों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 15 दिसंबर 2016 के पालन में सातवें वेतनमान का न्यूनतम वेतनमान का एरियर सहित दिया जाए और यह लाभ समस्त विभागों के स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को दिया जाए लेकिन सरकार ने अभी मात्र जल संसाधन विभाग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लोक निर्माण विभाग के न्यायालय से आदेश प्राप्त कर चुके स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ही सातवें वेतनमान का लाभ देने की कार्रवाई शुरू करी है मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग करी है कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश समस्त विभागों के स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगियों के लिए लागू होता है अतः न्यायालय से आदेश प्राप्त स्थाई कर्मियों दैनिक वेतन भोगियों के साथ ही जो स्थाई कर्मी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी न्यायालय नहीं भी गए हैं और दिसंबर 2016 के पूर्व से कार्यरत हैं उन समस्त स्थाई कर्मी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ एरियर सहित देने का आदेश जारी करे आ जाए जिससे प्रदेश के 48000 स्थाई कर्मियों एवं 20000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिल सके।
                                

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