एग्रीवा ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल प्रा. लि.” के अंश पाटीदार बने ईओ ग्लोबल स्टूडेंट एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड्स के भोपाल चैप्टर विनर

भोपाल। एंटरप्रेन्योर्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा ग्लोबल स्टूडेंट एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड्स (जीएसईए) का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत भोपाल चैप्टर द्वारा शुक्रवार को फिनाले राउंड का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न स्टूडेंट्स द्वारा अपने स्टार्टअप आईडियाज को जूरी मेंबर्स के सामने पिच किया गया। इसमें एग्रीकल्चर के क्षेत्र में कार्यरत “एग्रीवा ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल” स्टार्टअप को सफलता मिली और फर्स्ट पोजीशन पाई। अंश पाटीदार द्वारा “एग्रीवा ऑर्गेनिक इंटरनेशनल” की स्थापना की गई है। सेकंड पोजीशन डिजिटल ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट क्षेत्र में कार्य कर रहे चंदन कुमार सोनी के स्टार्टअप “क्यूआर स्टाफ” स्टार्टअप को मिली। थर्ड पोजीशन ई-कॉमर्स क्षेत्र में कार्यरत “बुकजी एडुफाय” को मिली। यह स्टार्टअप रिधम जैन द्वारा स्थापित किया गया है। गौरतलब है कि ईओ जीएसईए द्वारा छात्रों में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देते हुए प्रतिवर्ष इस कॉम्पीटिशन का आयोजन किया जाता है जिसमें कुल तीन राउंड्स होते हैं। फर्स्ट राउंड, चैप्टर राउंड है जो कि रीजनल लेवल पर आयोजित किया जाता है। इसके प्रथम दो विजेता स्टार्टअप को नेशनल लेवल पर कॉम्पीटिशन में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। फिर यहां से चयनित स्टार्टअप ग्लोबल लेवल पर अपने स्टार्टअप को प्रेजेंट कर पाते हैं।
शुक्रवार को आयोजित भोपाल चैप्टर फिनाले में बतौर जूरी मेंबर्स में वेंचर केटेलिस्ट के वाइस प्रेसिडेंट अशांक सिंह, सॉफ्टवेयर टेकपार्क्स ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर एस.एस. अब्बास सिद्दकी, भोपाल स्मार्टसिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड से योगेश खाकरे और एआईसी-आरएनटीयू फाउंडेशन के सीईओ रोनाल्ड फर्नांडिस शामिल रहे। इस दौरान कुल सात स्टार्टअप ने अपने आईडियाज को पिच किया। प्रथम स्टार्टअप प्रेजेंटेशन समीप त्रिपाठी का “ कैरस मोबिलिटी प्रा. लि.” का रहा। दूसरा प्रेजेंटेशन “याचित लॉजिस्टिक्स” स्टार्टअप का यश फरवानी द्वारा दिया गया। तीसरा प्रेजेंटेशन “अग्रीवा ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल प्रा. लि.” के फाउंडर अंश पाटीदार का रहा। उन्होंने बताया कि उनकी कम्पनी ऑर्गेनिक प्रोटेक्शन, फर्टिलाइजर, स्टीम्यूलेंट प्रोडक्ट, ड्रोन स्प्रे बनाने का कार्य कर रही है। चौथा प्रेजेंटेशन “क्यूआर स्टाफ” स्टार्टअप के फाउंडर चंदन कुमार सोनी के द्वारा दिया गया जो कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
पांचवा प्रेजेंटेशन “बुकजी एजुफाय” के फाउंडर रिधम जैन द्वारा दिया गया जिनका स्टार्टअप बुक्स और स्टेशनरी से संबंधित ई-कॉमर्स इंडस्ट्री से संबंधित है। इसके बाद “कॉल स्मार्ट सर्विस डॉट कॉम” के योगेश जैन के द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने होम रेंटल सर्विस से संबंधित वन स्टॉप सेंटर तैयार किया है जहां कस्मटर की सभी समस्याओं का समाधान प्रदान किया जाता है।
अंतिम प्रेजेंटेशन “प्रायोगिक टेक्नोलॉजीज” स्टार्टअप के विजय ममतानी द्वारा दिया गया। उनके स्टार्टअप द्वारा थर्मोइलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज से एनर्जी सॉल्यूशन्स प्रदान किए जा रहे हैं।
प्रेजेंटेशन के बाद वेलेडिक्टरी सेशन का आयोजन हुआ जिसमें ईओ जीएसईए सदस्य और जीएसईए डायरेक्टर सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने ग्लोबल स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप अवॉर्ड के बारे में विस्तार से बताते हुए उद्देश्य से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप फाउंडर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में आगे आना एक उपलब्धि है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जियोनवर्स के फाउंडर अंशुल रस्तोगी रहे। इस अवसर पर उन्होंने वेब 1.0, 2.0, 3.0 पर बाद करते हुए इसकी भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से बात की। इसके अलावा उन्होंने मेटावर्स की दुनिया में बदलते परिदृश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में एंटरप्रेन्योर्स ऑर्गनाइजेशन भोपाल चैप्टर के चेयरमैन अभिषेक गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी और सभी जूरी मेंबर्स और मुख्य वक्ता का धन्यवाद व्यक्त किया।
अंश पाटीदार के स्टार्टअप “एग्रीवा ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल प्रा. लि.” के बारे में संक्षिप्त परिचय
बड़वानी के बोरलाय गांव के रहने वाले अंश पाटीदार 10वीं क्लास के बाद से ही बिजनेस से जुड़े और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर एवं पेस्टीसाइड के क्षेत्र में नवाचार शुरू किया। वर्तमान में वे सेकंड ईयर के छात्र और “एग्रीवा ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल” के जरिए एग्रीकल्चर के क्षेत्र में नए बदलाव का कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 2021 में इस कम्पनी की स्थापना की जिसके जरिए बायो और ऑर्गेनिक प्रोटेक्शन, फर्टिलाइजर, स्टीम्यूलेंट प्रोडक्ट्स किसानों तक पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही वे किसानों को ड्रोन से स्प्रे की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराकर पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। वे करीब 10000 किसानों के साथ मप्र के 9 जिलों में कार्य कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने किसानों के उत्पादन को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने में सहायता की है। वे बताते हैं कि ड्रोन के इस्तेमाल के जरिए 90 प्रतिशत तक पानी, 25 प्रतिशत तक पेस्टिसाइड की बचत की जा सकती है। इसके अलावा स्प्रे के कार्य की गति को 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता है।

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