3 साल बाद भी स्थाई कर्मियों की सेवा पुस्तिका नहीं बनी

भोपाल। सरकार के स्पष्ट आदेश के 3 साल बाद भी प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत 48000 स्थाई कर्मियों की सेवा पुस्तिका नौकरशाही ने नहीं बनाई है ना ही उन्हें अवकाश सुविधा का लाभ दिया जा रहा है आज मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर मांग करी है कि शासन के आदेश अनुसार प्रदेश के स्थाई कर्मियों की तत्काल सेवा पुस्तिका बनाई जाए ताकि उनके सेवा अभिलेखों का संधारण हो सके और सरकारी कर्मचारी के समान अवकाश सुविधा का लाभ दिया जाए।
मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश के 52 शासकीय विभागों में 48000 स्थाई कर्मी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं सरकार ने 7 अक्टूबर 2016 में स्थाई कर्मी बनाकर वेतनमान का लाभ दिया था तथा 3 मई 20 17 में सरकारी कर्मचारियों के सामानसुविधा देने तथा नियमित करने का आदेश जारी किया था लेकिन प्रदेश के सरकारी विभागों में बैठी नौकरशाही ने स्थाई कर्मी तो बना लिया लेकिन स्थाई कर्मी के रूप में नियुक्त करने के बाद स्थाई कर्मियों को किसी भी प्रकार की शासकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई और ना ही उनको रिक्त पदों पर नियमित करने का आदेश जारी किया शासन ने दोबारा 18 फरवरी 2020 को आदेश जारी करके शासकीय विभागों को निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में कार्यरत स्थाई कर्मियों की सेवा पुस्तिका बनाई जाए उन्हें अवकाश सुविधा वार्षिक वेतन वृद्धि वेतनमान महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाए लेकिन नौकरशाही ने आदेश के 3 वर्ष निकल जाने के बावजूद भी प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत 48000 स्थाई कर्मियों में से किसी एक स्थाई कर्मी की सेवा पुस्तिका नहीं बनाई जिस कारण स्थाई कर्मियों का सेवा अभिलेख संधारित नहीं हो पा रहा है और उनका सेवा काल का अगला भविष्य अंधकार मय हो गया है मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच सरकार से मांग करी है कि सरकारी आदेश न मानने वाली नौकरशाही के विरुद्ध भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और स्थाई कर्मियों को शासन के आदेश अनुसार सुविधाओं का लाभ दिया जाए।
                              

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