देश की तटीय सीमा की सुरक्षा होगी और मजबूत, एमके-III स्कवॉड्रन चेन्नई में किया गया कमीशन


नई दिल्ली । भारत की लंबी तटीय सीमा रेखा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। एक तरफ जहां आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों को तटरक्षक बल में शामिल किया जा रहा है, वहीं उन्नत हेलीकॉप्टर को भारतीय तट रक्षक बल से जोड़कर उसकी क्षमताओं में इजाफा किया जा रहा है। इसी क्रम में तटरक्षक क्षेत्र पूर्व, 840 स्क्वॉड्रन (सीजी) को और मजबूत करने के प्रमुख प्रयास के तहत उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके-III स्कवॉड्रन को आईसीजी एयर स्टेशन, चेन्नई में कमीशन किया। 840 स्कवॉड्रन (सीजी) को कमीशन किया जाना इस बात का संकेत है कि हेलीकॉप्टर निर्माण के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र को मिल रही गति

एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने निर्मित किया है, जो पूरी तरह स्वदेशी है। यह प्रयास केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप है। इससे तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा के लिये भारतीय तट रक्षक की क्षमताओं में बहुत बढ़ोतरी हो जायेगी।

कई तरह की गतिविधियां चलाने में सक्षम

इसमें उन्नत रडार के साथ इलेक्ट्रो ऑप्टिकल संवेदी यंत्र, शक्ति इंजन, पूरी तरह शीशे का बना कॉकपिट, तेज प्रकाश वाली सर्च लाइट, उन्नत संचार प्रणालियां, स्वचालित पहचान प्रणाली, तलाश व बचाव प्रणालियां लगी हैं। इन उपकरणों और सुविधाओं की सहायता से हेलीकॉप्टर समुद्री टोही गतिविधियों के अलावा दूर तक तलाशी व बचाव कार्य कर सकता है। हेलीकॉप्टर दिन और रात, दोनों समय पोतों से उड़ान भरकर उपरोक्त गतिविधियां चलाने में सक्षम है।

आधुनिक तकनीक से लैस है एमके-III

हेलीकॉप्टर में भारी मशीनगन लगी हुई है, इसलिये यह पलक झपकते आक्रामक मुद्रा में आ सकता है। इसमें एक गहन चिकित्सा सुविधा इकाई भी मौजूद है, ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को फौरन अस्पताल पहुंचाया जा सके। भारतीय तट रक्षक में चरणबद्ध तरीके से कुल 16 एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया है। इनमें से चार हेलीकॉप्टरों को चेन्नई में तैनात किया गया है। शामिल होने के बाद से स्कवॉड्रन ने 430 घंटों से अधिक समय की उड़ान भरी है तथा अनेक संचालन अभियानों को पूरा किया है।

कब हुई तटरक्षक बल की स्थापना ?

भारतीय तटरक्षक की स्थापना शांतिकाल में भारतीय समुद्र की सुरक्षा करने के उद्देश्य से 18 अगस्‍त 1978 को संघ के एक स्‍वतंत्र सशस्‍त्र बल के रूप में संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम,1978 के अंतर्गत की गई। भारतीय तटरक्षक का आदर्श वाक्‍य ’वयम् रक्षाम:' है जिसका अर्थ 'हम रक्षा करते हैं' होता है। तटरक्षक या तटरक्षक बल एक नौसेना के समान सैन्य या अर्द्ध-सैन्य संगठन होता है, परन्तु इसका मुख्य कर्तव्य आतंकवाद और अपराध से एक देश के समुद्री क्षेत्रों की रक्षा करना है, इसके अतिरिक्त यह खतरे में पड़े पोतों और नौकाओं को बचाने का कार्य भी करते हैं। भारत की तटीय सीमा की सुरक्षा करने वाला बल भारतीय तटरक्षक कहलाता है।

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