वसुधैव कुटुम्बकम' G20 के लिए भारत का ध्येय वाक्य

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नई दिल्ली । 'वसुधैव कुटुम्बकम' G20 के लिए भारत का ध्येय वाक्य भी यही है यानि 'एक पृथ्वी एक परिवार एक साझा भविष्य' (वन अर्थ वन फैमिली वन फ्यूचर)। G20 प्रेसीडेंसी की इसी थीम से प्रेरणा लेते हुए, भारत 32 विभिन्न कार्यक्षेत्रों में 50 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा, और G20 प्रतिनिधियों और मेहमानों की पेशकश करने का अवसर होगा। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक झलक और उन्हें एक अद्वितीय भारतीय अनुभव प्रदान करना।

क्या है G20?

G20 दुनिया की 20 प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है, जो इसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच बनाता है। G20 समूह का गठन सन् 1999 के दशक के अंत के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में किया गया था, जिसने विशेष रूप से पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को प्रभावित किया था। इसका उद्देश्य मध्यम आय वाले देशों को शामिल कर वैश्विक स्थिरता को सुरक्षित करना है। G20 देशों में दुनिया की 60% आबादी, वैश्विक GDP का 85% और वैश्विक व्यापार का 75% शामिल है।

G20 ग्रुप में ये देश शामिल

G20 ग्रुप में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपियन यूनियन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, कोरिया गणराज्य, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। G20 सम्मेलन में स्पेन को स्थायी अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है।

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