Electoral bond: SBI की अधिकृत शाखाओं में चुनावी बॉन्डों की बिक्री देशभर में शुरू, जानिए पूरी डिटेल्स


Electoral Bonds: वित्‍त मंत्रालय ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स की 24 वीं किस्त जारी करने को मंजूरी दे दी है और एसबीआई की शाखाओं में आज 5 दिसंबर (सोमवार) से इसकी बिक्री शुरू हो गई है। सरकार द्वारा बॉन्ड के 24वें चरण की बिक्री के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 29 शाखाओं को चुनावी बॉन्ड जारी करने और इनकैश करने के लिए अधिकृत किया गया है। चुनावी बॉन्ड 5 से 12 दिसंबर 2022 तक खरीदा जा सकता है।

सरकार ने 2018 में पॉलिटिकल फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ने के दावे के साथ राजनीतिक दलों की ओर से फंड जुटाने के लिए बॉन्ड जारी किया था। इस बॉन्ड के जरिए अपनी पसंद की पार्टी को चंदा दिया जा सकता है। इसमें व्यक्ति, कॉरपोरेट और संस्थाएं ये बॉन्ड खरीद सकते हैं और राजनीतिक पार्टियां इस बॉन्ड को बैंक में भुनाकर रकम हासिल करते हैं। बैंक चुनावी बॉन्ड उसी ग्राहक को बेचते हैं, जिनका केवाईसी वेरिफाइड होगा। बॉन्ड पर चंदा देने वाले का नाम नहीं होता और इसे गुप्त रखा जाता है।

इलेक्टोरल बॉन्ड्स की मियाद

एक इलेक्टोरल बॉन्ड की मियाद जारी किए जाने की तारीख से 15 दिन तक होगी। वैलिडिटी अवधि बीतने के बाद अधिकृत शाखाओं में बॉन्ड जमा किए जाने पर राजनीतिक दलों को कोई भी भुगतान नहीं मिल पाएगा।

क्या है चुनावी बांड

चुनावी बांड से मतलब एक ऐसे बांड से होता है जिसके ऊपर एक करंसी नोट की तरह उसकी वैल्यू या मूल्य लिखा होता है। चुनावी यानी इलेक्टोरल बांड का इस्तेमाल व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने 2017-18 के बजट में चुनावी बांड (Electoral Bond) शुरू करने के एलान के समय सरकार ने कहा था इससे देश के राजनीतिक दलों के चुनावी चंदे में पारदर्शीता आएगी।

राजनतिक दलों को कैसे मिलता है पैसा

आपके द्वारा खरीदे गए हर चुनावी बॉन्‍ड की मियाद होती है और पार्टियों को इस तय समय के भीतर ही बॉन्‍ड भुनाकर अपना पैसा बैंकों से लेना होता है। अगर कोई दल ऐसा नहीं कर पाया तो उसका बॉन्‍ड निरस्‍त कर दिया जाता है और पैसा बॉन्‍ड खरीदने वाले को वापस कर दिया जाता है। इसके लिए दलों को 15 दिन का समय दिया जाता है और इस समय सीमा के भीतर ही बॉन्‍ड भुनाना जरूरी है। बॉन्‍ड खरीदने के बाद ग्राहक इसे अपनी पसंद की पार्टी को देता है और वह बैंक से पैसा लेती है।

चुनावी बांड से जुड़ी 10 खास बातें…

-चुनावी बांड 1000, 10,000 और 1 लाख और 1 करोड़ रुपये के मल्टीपल में खरीदे जा सकते हैं।
-इस बार बांड्स देश भर में SBI की 29 चुनिंदा ब्रांचेज पर उपलब्ध होंगे
-चुनावी बांड सिर्फ वही खरीद सकते हैं जिनके खाते का केवाईसी वेरिफाइड होगा
-चंदा देने वाले लोग इन बांड्स को अपनी पसंद की पार्टी को बांड खरीदने के 15 दिन के भीतर देना होगा
-पॉलिटिकल पार्टी इस बांड को बैंक में वेरिफाइड एकाउंट के जरिए कैश कराएंगी
-पार्टियों को बांड कलेक्ट करने के लिए बैंक में अपना खाता खोलना होगा और इसे चुनाव आयोग से वेरिफाई कराना होगा।
-केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक हर तिमाही की शुरुआत में 10 दिनों तक बांड खरीदे जा सकते हैं।
-सालभर में 85 दिन ही बॉन्‍ड जारी किए जा सकते हैं
-चुनावी बॉन्ड खरीदने वालों के नाम गोपनीय रखा जाएगा, इन बांड्स पर बैंक कोई ब्याज नहीं देता है।
-बांड पर चंदा देने वाले का नाम नहीं होगा और इसकी डिटेल्स सिर्फ बैंक के पास रहेगी।

SBI की इन 29 शाखाओं पर होगी बिक्री

इलेक्टोरल बॉन्ड को एसबीआई की लखनऊ, शिमला, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, पटना, नयी दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई समेत 29 शाखाओं से खरीदा और भुनाया जा सकेगा। बिक्री का इससे पिछला चरण 9-15 नवंबर, 2022 के दौरान हुआ था।

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post