DRI दिवस पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने दिया बड़ा मैसेज, कहा- 'तस्करी के खिलाफ उठाए जा रहे सख्त कदम'


केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि देश में केंद्र सरकार द्वारा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के 65वें स्थापना दिवस के मौके पर दिए संबोधन में कही। बता दें DRI इस वर्ष 5 और 6 दिसंबर, 2022 को अपना स्थापना दिवस मना रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस 2 दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया।

भारत में तस्करी रिपोर्ट 2021-22 की जारी

केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस दौरान ‘भारत में तस्करी रिपोर्ट 2021-22’ भी जारी की। यह रिपोर्ट तस्करी विरोधी और वाणिज्यिक धोखाधड़ी के क्षेत्र के रुझानों और पिछले वित्त वर्ष में DRI के प्रदर्शन और अनुभव का वर्णन करती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

गौरतलब हो, DRI के स्थापना दिवस कार्यक्रम के अवसर पर 8वीं क्षेत्रीय सीमा शुल्क प्रवर्तक बैठक (RCEM) का भी आयोजन किया गया। इस बैठक का मकसद सीमा शुल्क संगठनों तथा विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO), इंटरपोल जैसे अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से प्रवर्तन संबंधित मुद्दों के लिए प्रभावी संपर्क स्थापित करना है।

सीमा शुल्क संबंधी मामलों में भारत की भूमिका मजबूत

उल्लेखनीय है कि DRI दिवस, अतीत की उपलब्धियों को सम्मान व महत्त्व देने तथा सीबीआईसी और डीआरआई के युवा अधिकारियों को प्रेरित करने का दिन है एवं यह क्षेत्रीय देशों के सीमा शुल्क प्रशासनों, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्रशासनों तथा व्यापार भागीदारों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श करने का भी अवसर प्रदान करता है, जिससे इस क्षेत्र के सीमा शुल्क संबंधी मामलों में भारत की भूमिका मजबूत होती है।

क्या है DRI ?

ज्ञात हो, भारत सरकार के अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अंतर्गत DRI तस्करी विरोधी मामलों पर प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है जिसकी स्थापना 4 दिसंबर 1957 को की गई थी। नई दिल्ली में अपने मुख्यालय के साथ DRI की 12 मंडल इकाइयां, 35 क्षेत्रीय इकाइयां और 15 उप-क्षेत्रीय इकाइयां हैं, जिनमें लगभग 800 अधिकारी कार्यरत हैं।

क्या हैं DRI के कार्य ?

करीब 60 वर्ष से भी अधिक समय से, DRI भारत और विदेश में अपनी उपस्थिति से मादक और नशीले पदार्थ, सोना, हीरा, कीमती धातु, वन्यजीव वस्तुओं, सिगरेट, हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक, नकली करेंसी नोट, विदेशी मुद्रा, एससीओएमईटी वस्तुओं, खतरनाक और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील सामग्री, प्राचीन वस्तुओं इत्यादि की तस्करी के मामलों को रोकने और उनका पता लगाने संबंधी अपने कार्यादेश को पूरा कर रहा है। यह तस्करी से जुड़े संगठित अपराध समूहों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है। DRI वाणिज्यिक धोखाधड़ी और सीमा शुल्क चोरी के बारे में पता लगाने का भी कार्य करता है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क सहयोग में सबसे आगे है DRI

डीआरआई (DRI) विभिन्न देशों के साथ किए गए सीमा शुल्क पारस्परिक सहायता समझौतों के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क सहयोग में भी सबसे आगे रहा है, जहां सूचना विनिमय और अन्य सीमा शुल्क प्रशासनों के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को सीखने पर जोर दिया जाता है।

बताना चाहेंगे कि इस साल के कार्यक्रम में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 22 सीमा शुल्क प्रशासन के साथ डब्ल्यूसीओ, दवा एवं अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) तथा क्षेत्रीय सूचना संपर्क कार्यालय-एशिया प्रशांत (आरआईएलओ-एपी) को भी आमंत्रित किया गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्व खुफिया निदेशालय, तस्करी रोधक मामलों पर एक आसूचना और प्रवर्तन एजेंसी है। यह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के तहत आता है।

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