वीर बाल दिवस" सप्ताह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार के शौर्य से मप्र को परिचय कराएगा : उषा ठाकुर

शिक्षा में भारत के गौरवशाली इतिहास के समावेश के बिना भावी पीढ़ी का निर्माण संभव नहीं : परमार

गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित राज्य स्तरीय "वीर बाल दिवस" सप्ताह कार्यक्रम

भोपाल । संस्कृति, पर्यटन और अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा है कि "वीर बाल दिवस" सप्ताह के माध्यम से श्री गुरु गोबिंद सिंह के परिवार के शौर्य और पराक्रम के पावन इतिहास को जानने का अवसर मिला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत के स्वर्णिम और वास्तविक इतिहास से परिचय करा रही है। मंत्री सुश्री ठाकुर मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल में गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित राज्य स्तरीय "वीर बाल दिवस" सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। आजादी के अमृत महोत्सव" के परिप्रेक्ष्य में स्कूल शिक्षा विभाग, पंजाबी साहित्य अकादमी, संस्कृति परिषद् एवं मातृभाषा मंच द्वारा "वीर बाल दिवस" सप्ताह मनाया जा रहा है।

मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि संस्कृति विभाग अपने यूट्यूब चैनल पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की पावन गाथा का प्रसारण करेगा। उन्होंने बच्चों को सच्चे राष्ट्र नायकों को पहचान कर उनके पावन जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने की सीख दीं। सुश्री ठाकुर ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार से प्रेरणा लेकर उनके पद चिन्हों पर चलकर देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रेम के साथ साहसी होने का परिचय देना होगा।

स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में भारत के गौरवशाली इतिहास को सम्मान करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत, शौर्य और पराक्रम को स्मरण करने के लिए पूरे भारत में "वीर बाल दिवस" मनाने का निर्णय लिया है। इस परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मार्गदर्शन में स्कूल शिक्षा विभाग ने संस्कृति विभाग के सहयोग से प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अर्धशासकीय स्कूलों में 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक "वीर बाल दिवस सप्ताह" मनाया जा रहा है।

 राज्य मंत्री श्री परमार ने कहा कि शिक्षा में भारत के गौरवशाली इतिहास के समावेश और प्रेरणा के बिना भावी पीढ़ी का निर्माण संभव नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अनुरूप मप्र में शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। भारत के गौरवशाली सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं औद्योगिक इतिहास पर गर्व का भाव जाग्रत कर विश्व का भरण पोषण करने योग्य सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के पराक्रम और साहस की गाथा "सूरा सो पहिचानीऐ" का विमोचन किया गया। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत, साहस, शौर्य और पराक्रम पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। प्रख्यात समाजसेवी डॉ. पी. एस. बिन्द्रा एवं शिक्षाविद मातृभाषा मंच डॉ. अमिताभ सक्सेना, निदेशक पंजाबी साहित्य अकादमी नीरू सिंह ज्ञानी सहित विभिन्न समाज के प्रतिनिधि, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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