संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रकरण लिया जाए वापस अन्यथा नियमित कर्मचारी भी जाएंगे हड़ताल पर : सुरेन्द्र कौरव

भोपाल । प्रदेश एवं देश मे कोरोना की बड़ती आहट से चिन्तित सरकार के मंत्री एवं अधिकारीयों ने अस्पतालों के दौरे करना शुरू कर दिए हैं इसी कड़ी में शनिवार 24 दिसम्बर को जब स्वास्थ्य मंत्री जय प्रकाश चिकित्सालय में दोपहर के समय जायजा लेने पहुंचे तो अस्पताल परिसर में पूर्व से आन्दोलन रत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारीयों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौपना चाहा। और मिल कर अपनी बात रखना चाहा किन्तु स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी एक न सुनी और गुस्सा होकर वहां से चले गए और पुलिस को कार्यवाही करने का आदेश दे दिया जिसमें हमारे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी जायज मांग के निराकरण के लिए भूखे प्यासे साथियो को पकड़ कर रस्सी से बांध कर थाने ले गए जेसे वो अपराधी हो*। 
जिन स्वास्थ्य कर्माचारियों पर पहले सरकार फूल बरसा रही थी वही आज डंडा मार कर रस्सी से खींचते हुए अपराधियों के समान थाने ले गई और विभिन्न धाराओं में बंद कर जैल भेज दिया।
बहुत शर्मनाक स्थिति है कि जो कर्मचारी सरकार के हर कार्य को अपनी जान की बाज़ी लगा कर अंजाम तक पहुंचाने का काम करते हैं उनके साथ ऐसा सुलूक किया इसका स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ घोर निंदा कर्ता है और मुख्यमंत्री एवं ग्रह मंत्री को 26 दिसम्बर को ज्ञापन सौंप कर महासंघ के समस्त पदाधिकारी मांग करेंगे कि उक्त कर्माचारियों पर लगाए गए आरोप और प्रकरण तत्काल वापस लिए जाये और उनको तत्काल रिहा किया जाए अन्यथा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। 


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