पर्यावरणीय स्वच्छता को टिकाऊ बनाने में योगदान देना है: लवानिया

स्वच्छ मातृ भूमि अभियान के क्रियान्वयन के लिए के दिए कलेक्टर ने निर्देश

भोपाल । कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन फैज-2 का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2025 तक ग्रामों में अपशिष्ट प्रबंधन की गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यावरणीय स्वच्छता को टिकाऊ बनाने में योगदान देना है जिससे ग्रामीण आबादी का जीवन स्तर बेहतर हो सके। यह अभियान अपशिष्ट प्रबंधन का स्वच्छ मातृ भूमि अभियान कहलाएगा। 

 कलेक्टर श्री लवानिया ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ऋतुराज सिंह को निर्देश दिए कि ठोस तरल और अपशिष्ट प्रबंधन की प्रणालियां भिन्न-भिन्न है इसके लिए इन्हें व्यवस्थित क्रियान्वित कराने के लिए पृथक-पृथक मानक क्रियान्वयन निर्देश और मार्गदर्शिका का होना आवश्यक है। यह मानक क्रियान्वयन निर्देश ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित है। जिला जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। 

 कलेक्टर श्री लवानिया ने बताया कि 2 हजार या इससे अधिक आबादी के ग्राम सहित सभी सेन्सस / पेरी शहरी ग्राम, पर्यटक तीर्थ, औद्योगिक केन्द्रों वाले ग्राम, राष्ट्रीय / राजमार्ग पर स्थित ग्राम तथा रूर्बन मिशन के ग्राम को प्राथमिकता के आधार पर दो वर्षों में तथा इसके बाद शेष अन्य ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से कवर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम में जनित जैविक अपशिष्ट के प्रबंधन के गतिविधियां ग्राम और घरेलू स्तर पर होगी और प्लस्टिक सही - सही प्रकार के आजैविक ठोस का प्रबंधन ब्लाक स्तर पर किया जाएगा। 

 कलेक्टर ने कहा कि सीईओ जिला पंचायत प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ब्लॉकवार, चिन्हित किए ग्रामों को एआईपी में शामिल कर जिला जल एवं स्वच्छता समिति से अनुमोदन पश्चात राज्य स्वच्छ भारत मिशन को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि चयनित ग्रामों में संभावित गतिविधियों को जेपीडीपी एवं मनरेगा की वार्षिक कार्ययोजना में अनिवार्य प्रविष्ट कराने की जिम्मेदारी सीईओ जिला एवं जनपद पंचायत की होगी। कलेक्टर ने कहा कि राज्य कार्यक्रम अधिकारी जिला पंचायत से प्राप्त एआईपी का प्रशिक्षण कर इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल कर प्रक्रिया अनुसार स्वीकृत करायेंगे। 

 कलेक्टर श्री लवानिया ने बताया कि ग्राम स्तरीय कार्य योजना निर्माण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया, योजना निर्माण दल, ग्राम कार्य योजना निर्माण, पूंजीगत लागत एवं कार्य निर्माण, परिचालन कार्य एवं लागत, खतरनाक कचरा प्रबंघन, ग्राम कार्य योजना की स्वीकृति की रूपरेखा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ तैयार की जाएगी। 

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