मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच का प्रांतीय सम्मेलन आयोजित

रोड पर भी लड़ेंगे और कोर्ट में भी लड़ेंगे अनियमित कर्मचारी

भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले आज प्रदेश के स्थाई कर्मियों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों अंशकालीन कर्मचारियों का प्रांतीय सम्मेलन सरकार की सीधी भर्ती करने के निर्णय के विरोध में स्थानी चिनार पार्क लिंक रोड नंबर 1 भोपाल में संपन्न हुआ । प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश भर के कर्मचारी मंच के पदाधिकारियों स्थाई कर्मियों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों अंशकालीन कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा अनियमित कर्मचारियों ने ऐलान करा है कि हम सरकार से सीधी भर्ती के विरोध में कोर्ट में भी लड़ेंगे और रोड पर भी लड़ेंगे सम्मेलन में मुख्यमंत्री मुख्य सचिव को देने वाला 6 सूत्रीय ज्ञापन भी तैयार किया गया। प्रांतीय सम्मेलन को अशोक पांडे सीपी शर्मा सुनील पाठक श्याम बिहारी सिंह महेंद्र सारस बिहारी यादव आदि ने संबोधित किया संचालन जिला महामंत्री लव प्रकाश पाराशर ने किया।
मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि राज्य सरकार ने सीधी भर्ती का निर्णय लेकर प्रदेश के 52शासकीय विभाग के लाखों स्थाई कर्मियों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमित करण के अधिकार का हनन कर दिया है । अनियमित स्थाई कर्मी दैनिक वेतन भोगी अंशकालीन कर्मचारी लंबे समय से नियमित करने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रख रहा है लेकिन राज्य सरकार ने मांगों पर कभी भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया सुप्रीम कोर्ट ने भी उमा देवी कर्नाटक सरकार में आदेश जारी करा है कि 10 साल की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विभाग के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति दी जाए वही सुप्रीम कोर्ट ने ही आदेश जारी करा है कि प्रदेश के स्थाई कर्मियों को दिसंबर 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए । लेकिन राज्य सरकार स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लाभ नहीं दे रही है । अंशकालीन कर्मचारियों को भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का दर्जा देकर श्रम आयुक्त का न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिस कारण प्रदेशभर के इन तीनों संवर्ग के अनियमित कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। आज प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेशभर से उपस्थित कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर सरकार से मांग करी है कि प्रदेश के स्थाई कर्मी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सन 2004 से न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाए । स्थाई कर्मियों को दिसंबर 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति दी जाए फिर सीधी भर्ती की जाए स्थाई। कर्मियों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों अंशकालीन कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए एवं प्रतिवर्ष अर्जित अवकाश का लाभ भी दिया जाए। अंशकालीन कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का दर्जा देते हुए श्रम आयुक्त का न्यूनतम वेतन भुगतान किया जाए इन्हीं मांगों का ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को अगले चरण में सौंपा जाएगा ।

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