आरिफ नगर से रेलवे अतिक्रमण को हटाया गया

भोपाल ।  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से रामगंजमंडी (राजस्थान) को जोड़ने के लिये नई रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है। किन्तु भोपाल से संत हिरदाराम नगर स्टेशन के मध्य स्थित लगभग 100 अतिक्रमण की वजह से रेलवे लाइन के कार्य में बाधा उतपन्न हो रही थी। इसके अलावा भोपाल से अप लाइन के साइड में 759 मीटर के लूप लाइन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। लेकिन 347 झुग्गियों की वजह से लूप लाइन के निर्माण कार्य में बाधा आ रही थी।

                      रेल प्रशासन द्वारा फरवरी 2022 तक अतिक्रमणकारियों की पहचान कर ली गई थी एवं एनको नोटिस दे दिये गये थे। स्थानीय प्रशासन से संवाद करके मार्च 2022 से अतिक्रमणकारियों को हटाने की प्रक्रिया जारी थी। सभी से सामजस्य कर सोमवार 12 दिसंबर 2022 को अतिक्रमण हटाने का दिन निश्चिित किया गया। इस अतिक्रमण को हटाने के लिये एक पोकलेन एवं 3 जे.सी.बी. मशीन का उपयोग किया गया।

                      जिला कलेक्टर,भोपाल ने एस.डी.एम. बैरागढ़ को कार्यपालन मजिस्टेट नियुक्त किया था। अतिक्रमण हटाने के लिये स्थानीय पुलिस, रेल सुरक्षा बल (आर.पी.एफ.) के 70 जवानों (जिसमें 14 महिलायें) ने भाग लिया। इसके साथ ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित थे।

                      स्थानीय प्रशासन ने विस्थापितों के परिवार वालों के लिये करीब 4 एकड़़ का भूखण्ड उपलब्ध कराया गया एवं उनसे बातचीत करके विस्थापित परिवारों को बाहर जाने के लिये राजी किया गया। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया कल 13 दिसंबर 2022 को भी जारी रहेगी। 

 भोपाल से संत हिरदाराम नगर स्टेशन के मध्य स्थित लगभग 100 अतिक्रमण की वजह से रेलवे लाइन के कार्य में बाधा उतपन्न हो रही थी। इसके अलावा भोपाल से अप लाइन के साइड में 759 मीटर के लूप लाइन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। लेकिन 347 झुग्गियों की वजह से लूप लाइन के निर्माण कार्य में बाधा आ रही थी।
  रेल प्रशासन द्वारा फरवरी 2022 तक अतिक्रमणकारियों की पहचान कर ली गई थी एवं एनको नोटिस दे दिये गये थे। स्थानीय प्रशासन से संवाद करके मार्च 2022 से अतिक्रमणकारियों को हटाने की प्रक्रिया जारी थी। अतः सभी से सामजस्य कर सोमवार12 दिसंबर 2022 को अतिक्रमण हटाने का दिन निश्चिित किया गया। इस अतिक्रमण को हटाने के लिये एक पोकलेन एवं 3 जे.सी.बी. मशीन का उपयोग किया गया।
  जिला कलेक्टर,भोपाल ने एस.डी.एम. बैरागढ़ को कार्यपालन मजिस्टेट नियुक्त किया था। अतिक्रमण हटाने के लिये स्थानीय पुलिस, रेल सुरक्षा बल (आर.पी.एफ.) के 70 जवानों (जिसमें 14 महिलायें) ने भाग लिया। इसके साथ ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित थे।
  स्थानीय प्रशासन ने विस्थापितों के परिवार वालों के लिये करीब 4 एकड़़ का भूखण्ड उपलब्ध कराया गया एवं उनसे बातचीत करके विस्थापित परिवारों को बाहर जाने के लिये राजी किया गया। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया कल 13 दिसंबर 2022 को भी जारी रहेगी।

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