आरिफ नगर से हटाए गए परिवारो के लिए प्रशासन करे पूरी व्यवस्था. समाजसेवी मोहसिन

कोर्ट की अवमानना हो रही है, जिला प्रशासन के विरुद्ध इन गरीब बेसहारा ,आवंटित, इमाम एवम अन्य के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वैधानिक विधि पूर्वक लड़ने के लिए मोहसिन अली खान खड़ा हे और इनको इंसाफ दिलवाकर रहेगा।

भोपाल । राजधानी में आरिफ नगर एवं नवाब कॉलोनी में 30 वर्ष से अधिक समय से रेलवे लाइन के दोनों तरफ बसे लोगों को बेघर कर दिया गया जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है उन्हें स्थाई पुनर्वास करा एवं मकान के नोटिसओं को एक लाख रुपए का मुआवजा जिला प्रशासन द्वारा दिया जाए। जब तक इन परिवारों का पुनर्वास नहीं किया जाता तब तक इनके रहने खाने की व्यवस्था सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इंतजाम खाने का, बच्चों के लिए दूध एवं बुजुर्गों के लिए दवाओं का इंतजाम किया जाए मोहसिन अली ने यह प्रशासन से मांग की।

आरिफ नगर के पास रेलवे लाइन चौड़ीकरण के कारण हटाई गई पांच सौ से ज्यादा झुग्गियां,जो की 30 वर्ष से अधिक समय से रेलवे लाइन के दोनो तरफ बसी हुई थी जिनको रेलवे ने नोटिस थमा कर बुल्डोजर से हटा दिया।


हाई कोर्ट के आदेश थे 2012 द्वारा रिट पिटीशन नंबर 13895/2008 द्वारा स्पष्ट कर दिया गया था ,यह जमीन खसरा नंबर 127 -128 रकवा नंबर 16.23 हेक्टर ओफाक अहले इस्लाम वफ्क संपत्ति है और सारे कब्जेदारो और अतिक्रमण धारियों को हटाने के सख्त निर्देश दिए गए थे जिसकी अबमानना कांटेक्ट पिटीशन नंबर 1044/2013 में कलेक्टर भोपाल निकुंज श्रीवास्तव को पुलिस द्वारा पुलिस बल द्वारा अतिक्रमण धारियों को हटाने के पुनः आदेश किए गए थे परंतु आज तक उच्च न्यायालय के आदेशों का राजनीतिक हस्तक्षेप होने के कारण पालन नहीं किया जा सका। इसी जमीन पर सन 2011 से तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष की अनुशंसा पर ओफाक शाही द्वारा मस्जिद के इमाम व मुआजिन के अलावा गरीब लोगों को भी प्लाट आवंटित किए गए थे जिन प्लाटों का आवंटन आज दिनांक तक नहीं हो पाया है आज भी उक्त खाली जमीन पड़ी है जिसमें कई प्लाट लोगों ने दफ्तर ओफाक शाही भोपाल में रसीद वसूली जायदाद मुतलवात जायदाद वफ्किया कटाई थी । इन लोगों को जमीन नहीं मिलना घोर नाइंसाफी की बात होगी एवं जिला प्रशासन की नाकामयाबी भी होगी।

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