सांवेर के शासकीय महाविद्यालय को मिलेगा स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा सभी संकायों में शुरू होगी पढ़ाई

खेल मैदान और उद्यान भी होगा विकसित

उच्च शिक्षा मंत्री तथा जल संसाधन मंत्री ने शासकीय महाविद्यालय सांवेर में अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि पूजन किया

इंदौर । उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांवेर के शासकीय महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की सुविधा अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएगी। इसके लिए आवश्यक स्टॉफ दिया जाएगा और रिक्त पदों की पूर्ति भी होगी। साथ ही महाविद्यालय में खेल मैदान और उद्यान भी विकसित किया जाएगा। साथ ही महाविद्यालय में कम्प्यूटर लेब के लिए सौ कम्प्यूटर और स्मार्ट क्लास के लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर भी प्रदान किए जाएंगे। इस संबंध में आज उन्होंने सांवेर में आयोजित कार्यक्रम में स्वीकृति प्रदान की। सांवेर के शासकीय महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि पूजन किया।
  राज्य शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालय सांवेर के लिये स्वीकृत एक करोड़ 58 लाख रूपये की लागत से दो मंजिला नवीन कम्प्यूटर लेब का निर्माण, बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण एवं पुराने भवन का रिनोवेशन कार्य किया गया है। इसका लोकार्पण आज किया गया। साथ ही मंत्री श्री सिलावट के प्रयासों से 03 करोड़ 87 लाख रूपये की लागत से कक्षाओं हेतु 06 अतिरिक्त कक्षों के नवीन भवन की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है, जिसका भूमिपूजन भी मंत्रीद्वय द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त 16 लाख रूपये की लागत से कक्षाओं में फर्नीचर का कार्य कराया गया है।
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश मंर नई शिक्षा नीति लागू की गयी है। इसके बहुआयामी फायदे मिलेंगे। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा। प्रदेश में मेडिकल तथा तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में शुरू की गयी है। इससे युवाओं को आगे बढ़ने के लिए समूचित वातावरण तथा पर्याप्त अवसर मिलेंगे। 
 जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा हर समस्या का समाधान है। विकास एवं प्रगति की बुनियाद भी शिक्षा है। भविष्य के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे बड़ा साधन शिक्षा ही है। प्रदेश और विशेषकर सांवेर में शिक्षा सुविधा का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने मंत्री डॉ. यादव के समक्ष सांवेर के शासकीय महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय बनाने तथा यहां खेल मैदान और उद्यान विकसित करने की मांग रखी। मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि विद्यार्थियों के ज्ञान अर्जन एवं अध्ययन में सुविधा हेतु महाविद्यालय के ग्रंथालय को लगभग 1500 पुस्तकें भेंट की गई है। वर्तमान सत्र 2022-23 में महाविद्यालय में लगभग 1200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री शंकर लालवानी ने युवाओं से डिजीटल इंडिया में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से डिजीटल देश बन रहा है। डिजीटल इंडिया के फायदे प्राप्त करने के लिए शिक्षा का प्रसार जरूरी है। शिक्षा के विस्तारीकरण के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। 
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि भारत देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। युवाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा निरंतर दिए जा रहे हैं। अपना देश शीघ्र ही विश्व गुरू बनेगा। पूर्व विधायक श्री राजेश सोनकर ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार एवं रोजगार की व्यवस्था के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गयी है।

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