फ्रैंकलिन टेम्पलटन एक्सपर्ट्स तैयार कर रहे हैं मंदी के जोखिमों के बीच दीर्घकालिक अवसरों की रूपरेखा

एपीएसी इन्वेस्टर फोरम 2022 के दौरान एक्सपर्ट्स की एशिया और टेक सेक्टर में इन्वेस्टमेंट रोडमैप और अवसरों पर विशेष चर्चा


फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने सिंगापुर में एक हाइब्रिड इवेंट, एपीएसी इन्वेस्टर फोरम 2022 को होस्ट किया। इसका उद्देश्य स्पेशलिस्ट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट टीम्स के कलेक्शन से इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स के एक पैनल को एक साथ लाना है, ताकि इन्वेस्टर्स को आज के बढ़ते मैक्रो वातावरण और आगामी दशक के लिए संभावित इन्वेस्टमेंट रोडमैप से अवगत कराया जा सके।

जोनाथन कर्टिस, पोर्टफोलियो मैनेजर, फ्रैंकलिन इक्विटी ग्रुप के साथ ही इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स: फर्डिनेंड चेउक, पोर्टफोलियो मैनेजर, टेम्पलटन ग्लोबल इक्विटी ग्रुप और डेसमंड सून, हेड- इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, एशिया (पूर्व-जापान) / पोर्टफोलियो मैनेजर, वेस्टर्न एसेट मैनेजमेंट ने प्रमुख मैक्रो बदलावों और इन्वेस्टर्स के लिए आगामी जोखिमों तथा अवसरों पर अपने नवीनतम अवलोकन साझा किए।

टेक्नोलॉजी सेक्टर में अवसरों पर टिप्पणी करते हुए, जोनाथन कर्टिस, पोर्टफोलियो मैनेजर, फ्रेंकलिन इक्विटी ग्रुप, ने कहा:

जैसे कि उपभोक्ता आधारित टेक्नोलॉजी सेक्टर में हम कई चुनौतियाँ देख चुके हैं, ऐसे में डिजिटल परिवर्तन को लेकर हमें दृढ़ विश्वास हैं, और सिक्योर क्लाउड और सास (सॉफ्टवेयर एज़ ए सर्विस) और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसे डिजिटलाइज़ेशन संबंधित विषयों में हम दीर्घकालिक अवसर देखते हैं। सिक्योर क्लाउड सर्विसेस सभी डिजिटल अनुभवों के अंतर्गत आती हैं। क्लाउड कम्प्यूटिंग मार्केट का आकार $3 ट्रिलियन से अधिक होने की संभावना है, ऐसा हमारा अनुमान है। कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी सेक्टर में फंडामेंटल्स आमतौर पर मजबूत दिखाई देते हैं। यहाँ तक कि जब दुनिया महामारी से उबर रही है, महामारी से डिजिटल लर्निंग्स का संचालन और विस्तार किया जा रहा है। साथ ही कंपनियों ने अधिक कुशल संचालन को सक्षम करने के लिए अपने व्यवसायों के अन्य हिस्सों में टेक इंवेस्टमेंट्स का विस्तार करना जारी रखा है, और यह टेक्नोलॉजी के बी2बी पक्ष को सहज रूप देने में मदद कर रहा है।

एशिया इक्विटी के लिए दृष्टिकोण पर टिप्पणी करते हुए, फर्डिनेंड चेउक, पोर्टफोलियो मैनेजर, टेम्पलटन ग्लोबल इक्विटी ग्रुप, ने कहा:

हम एक बॉटम-अप इन्वेस्टमेंट-आधारित इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी को नियोजित करने के साथ ही जापान में एशियन इक्विटी के बीच आकर्षक इन्वेस्टमेंट के अवसरों को देखते हैं, विशेष रूप से येन की वजह से बाजार में अव्यवस्था के रूप में। इसके साथ ही, जापान की अर्थव्यवस्था को चाहिए कि वह मंदी के परिदृश्य में अधिकांश विकसित बाज़ारों की तुलना में अधिक लचीली साबित हो, जो कि कोविड के प्रकोप के कम होने, कमजोर येन, साथ ही साथ सपोर्टिव मोनेटरी और फिस्कल पॉलिसीज़ से अनुकूल है। सेक्टर के दृष्टिकोण से, हम अपना ध्यान घरेलू कम्पनियों और संरचनात्मक विषयों पर केंद्रित कर रहे हैं, जो जापानी कम्पनियों को इस मौजूदा वातावरण में बने रहने और डिजिटलाइज़ेशन के माध्यम से आगे बढ़ने में सक्षम बना सकते हैं। कई जापानी कम्पनियाँ वैल्यू चैन के साथ प्रतिस्पर्धी स्थिति में हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर्स, आईटी सर्विसेस, सॉफ्टवेयर और सिस्टम इंटीग्रेटर्स शामिल हैं।

चीनी इक्विटी के मामले में सेलेक्टिव एप्रोच महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव निकट अवधि में बना रह सकता है। हम घरेलू कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो न सिर्फ बढ़ती खपत, बल्कि लोकलाइज़ेशन सहित दीर्घकालिक विषयगत विकास चालकों से भी लाभ प्राप्त कर सकेंगे। एशिया के शेष हिस्सों के लिए, ठोस बैलेंस शीट और मजबूत आय वृद्धि के साथ लाभांश भुगतान करने वाली कम्पनियों पर भी हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि उन्हें प्रतिफल प्राप्त करने में मदद मिल सके, मैक्रोइकोनॉमिक हेडविंड के बीच लचीलापन बने रहें और हमारे पोर्टफोलियो के लिए रक्षात्मक तत्व के रूप में काम करें।

एशिया के फिक्स्ड इनकम मार्केट्स में जोखिम और अवसरों पर टिप्पणी करते हुए डेसमंड सून, हेड- इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, एशिया (पूर्व-जापान) / पोर्टफोलियो मैनेजर, वेस्टर्न एसेट मैनेजमेंट ने कहा:

दशकों में पहली बार, फिक्स्ड इनकम एक बहुत बड़ी आय की पेशकश कर रही है और वर्तमान में इससे होने वाले लाभ बहुत आकर्षक हैं। उम्मीद है कि अगले तीन से पाँच वर्षों में, फिक्स्ड इनकम बेहतर मूल्य की पेशकश करेगी। कैपिटल प्रिज़र्वेशन, इनकम जनरेशन और लायबिलिटी इम्यूनाइज़ेशन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बॉन्ड खरीदना उचित मार्ग है। अनिश्चित दुनिया में विशेष रूप से, कैपिटल प्रिज़र्वेश इतना महत्वपूर्ण कभी नहीं रहा।

अवसरों के संदर्भ में, दो प्रमुख स्थानों के रूप में इंडोनेशिया और भारत उभरकर सामने आए हैं। इंडोनेशिया के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड्स में 7% प्रतिफल देखा जा रहा है, और रुपया भी इस वर्ष शीर्ष मुद्राओं में से एक है। इसी तरह, 10 वर्ष के भारत सरकार के बॉन्ड्स का प्रतिफल 7.25%


0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post