कला मंदिर का अलंकरण समारोह संपन्न

मंत्री जी द्वारा भोपाल के साहित्यकारों को साहित्यकार पार्क की उद्घोषणा ।

भोपाल । अखिल भारतीय साहित्यिक एवम सांस्कृतिक संस्था कला मंदिर द्वारा शहीद भवन में वर्ष 2020~21 हेतु साहित्यकारों एवम कला साधकों का सम्मान/अलंकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य अकादमी भोपाल एवं निराला सृजन पीठ के पूर्व निदेशक एवम वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेंद्र 'दीपक' जी ने की। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग स्वास्थय शिक्षा एवं गैस राहत मंत्री, विशेष अतिथि भोपाल नगर निगम महापौर मालती राय, सारस्वत अतिथि डॉ. साधना बलवटे अ.भा. साहित्य परिषद की महामन्त्री, एवं संस्था अध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर शर्मा गौरीश भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध गीतकार धर्मेंद्र सोलंकी ने, अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम तिवारी साहित्यार्थी ने एवम आभार प्रदर्शन संस्था के उपाध्यक्ष  हरिवल्लभ शर्मा 'हरि' ने किया। 
   कार्यक्रम का आरंभ संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.गौरीशंकर शर्मा 'गौरीश' के स्वागत उद्बोधन एवम उनकी रचना "राष्ट्र आराधन" व डॉ. रामवल्लभ आचार्य द्वारा रचित "कला मंदिर गान" से हुआ। माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री विश्वास सारंग ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्यकार राजनीति ही नहीं देश और समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने देश के पहले साहित्यकार पार्क की स्थापना, छह माह के अंदर भोपाल में करने की घोषणा की, जिसका साहित्यकारों ने करतल ध्वनि से आभार व्यक्त किया। नगर निगम महापौर सम्माननीय मालती राय ने भी साहित्यकारों को सदैव सहयोग देते रहने और शीघ्रतिशीघ्र साहित्यकार पार्क हेतु जमीन आवंटन के कार्य को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया। 
अध्यक्षता कर रहे डॉ. देवेंद्र दीपक ने इस अवसर पर फिल्मों द्वारा समाज में फैलाई जा रही अश्लीलता हेतु फिल्म निर्माताओं और सेंसर बोर्ड को आड़े हाथों लेते हुए एक प्रस्ताव पारित कराया जिसमे उपस्थित साहित्यकारों को अश्लीलता के विरुद्ध वैचारिक आव्हान छेड़ने और सरकार के संज्ञान में लाने का संकल्प व्यक्त किया गया। प्रस्ताव का समर्थन उपस्थित जन समुदाय ने "ओम नाद" से किया। श्रीमती साधना बलवटे ने भी अपने उद्बोधन में साहित्यकारों से सकारात्मक लेखन का आग्रह किया। 
इनका हुआ सम्मान_________
साहित्य हेतु शिखर सम्मान भोपाल के वरिष्ठ साहित्यकार श्री मयंक श्रीवास्तव को, शास्त्रीय संगीत पखावज वाद्य हेतु हेतु मैहर के डा. सुनील भट्ट को, शास्त्रीय संगीत गायन हेतु डा. जयश्री सबागुंजी को, साथ ही "साहित्य कलारत्न" सम्मानों से सुवर्णा जाधव (पुणे), वरिष्ठ साहित्यकार श्री गोकुल सोनी, डॉ. कुमकुम गुप्ता, श्रीमती सुधा दुबे, श्रीमती राधारानी चौहान, श्री सुरेश पटवा, श्री गोविंद श्रीवास्तव, श्रीमती श्वेता गोस्वामी, श्री अशोक बुलानी, श्री जगदीश कौशल, विनय बंसल, संजय सरस, शिवकुमार दीवान, श्रीमती मनोरमा पंत, चरणजीत सिंह कुकरेजा के साहित्यिक सम्मान के साथ ही प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के विजेता बच्चों, शांभवी श्रीवास्तव, कुमोद कुमार झरवड़े, आरुषि रिछारिया, कु रोमषा तिलैठे, को भी पुरस्कृत किया गया। 
पुरस्कृत गायकों, कलाकारों एवम बच्चों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में अभिषेक जैन, कीर्ति श्रीवास्तव, अंशु वर्मा, सुषमा श्रीवास्तव, प्रमिला झरवडे एवं सीमा हरि शर्मा
 का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के एवम बाहर से पधारे साहित्यकार एवम श्रोतागण उपस्थित रहे।

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