तानपुर में नल-जल योजना ठप, हाथ में टोंटी और खाली पाइप लेकर बैठे ग्रामीण

- पीएचई के अधिकारी बोले- बिजली के कारण ठप पड़ी है नल जल योजना

- ग्रामीणों का आरोप योजना में हुआ घटिया काम

शिवपुरी। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नल-जल योजना ठप हो गई है। यहां पर लाखों रुपए के बजट से नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी, पाइप लाइन डालने सहित अन्य काम किए गए लेकिन घटिया काम और अव्यस्थित मैनेजमेंट के कारण ग्रामवासियों को नल जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिवपुरी विकासखंड के तानपुर गांव में लाखों रुपए खर्च कर नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई और टंकी बनाई गई लेकिन आज स्थिति है कि यहां पर पानी सप्लाई ठप है। ग्रामीणों को नलों से पानी नहीं मिल रहा है। इस गांव के ग्रामीण आसपास के ट्यूबवेल से पानी भर कर ला रहे हैं। ग्रामवासी पीएचई के अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। तानपुर के ग्रामीणजनों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पिछले 15 दिनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामवासियों का कहना है कि जब से नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी और पाइप लाइन डली है तब से मुश्किल से दो-चार बार पानी आया है। टंकी से नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचई के अधिकारी और पंचायत के जिम्मेदार लोगों को इसकी शिकायत की गई है लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

अधिकांश क्षेत्रों में योजना का बुरा हाल-

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रतीक्षित नल-जल योजना शहरी क्षेत्र से लगे ही ग्रामीण इलाकों में ठप्प है। शहर से लगे हुए तानपुर, रातौर और पिपरसमां आदि इलाकों में नल जल योजना के तहत काम ठप पड़े हुए हैं। जिस उद्देश्य से नल जल जोड़ना से काम कराए गए थे वह पूरे नहीं हो पा रहे हैं। नल जल योजना का उद्देश्य था कि ग्रामीण क्षेत्रों के गांव में ग्रामीणजनों को अपने घरों पर टोटियों से पानी मिले लेकिन इस स्कीम को भ्रष्ट अधिकारियों ने फेल कर दिया है।

दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं पीएचई के अधिकारी-

शिवपुरी में नल-जल योजना के क्रियान्वयन का काम पीएचई के अधिकारियों को दिया गया है। नल-जल योजना में शिवपुरी जिले में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जगह पर भ्रष्टाचार के कारण यह नल-जल योजना ठप हो गई है। कई नेताओं ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों को इसके टेंडर दिला दिए और उन्हें काम दे दिया। नेताओं के रिश्तेदारों ने यहां पर घटिया काम किए। गांवों में जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ और सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव के कारण पीएचई के अधिकारी भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। शिवपुरी विकासखंड के रातौर गांव में घटिया काम के कारण संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। वहीं तानपुर गांव में पानी सप्लाई नहीं होने पर पीएचई के एई अरविंद शर्मा का कहना है कि वहां पर बिजली की सप्लाई ठप होने के कारण पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। पीएचई के एई अरविंद शर्मा का कहना है कि लाइट व्यवस्था दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरे मामले में पीएचई के अधिकारी दूसरे विभाग के अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ते नजर आए।

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