bhopal : झूठी शिकायत से त्रस्त बुजुर्ग दम्पत्ति परिवार ने दी आत्महत्या की चेतावनी

 जिला बदर रह चुका सुनील यादव के बहकावे में आकर चतर सिंह एवं पार्वती बाई ने दर्ज कराई झूठी और गलत आपराधिक प्रकरण : शशि 
 .भोपाल। झूठी शिकायत पर प्रकरण कायम होने से हताश, लगातार ब्लैकमेलिंग और प्रताडऩा से हताश होकर चूनाभट्टी निवासी एक बुजुर्ग दम्पत्ति ने परिवार सहित आत्महत्या की चेतावनी दी है। पीडि़त शशि शर्मा पति शशिशंकर शर्मा ने कहा कि आदिवासी चतर सिंह एवं पार्वती बाई कोलार के ही सुनील यादव (जिला बदर रह चुका है इसके खिलाफ 420 की कई मामले दर्ज है) के बहकावे में आकर झूठी शिकायत कर प्रकरण कायम कराया। इसके द्वारा लगातार ब्लैकमेलिंग और प्रताडि़त किया जा रहा है।  
-यह है पूरा मामला
 बुजुर्ग दंपत्ति शशि शर्मा के अनुसार वर्ष 2012-2014 में चतर सिंह एवं पार्वती बाई से 1.56 हेक्टर कुल 4 एकड़ भूमि ग्राम दौलतपुर कोलार भोपाल में क्रय की थी। चंूकि चतर सिंह एवं पार्वती बाई आदिवासी वर्ग से थे अत: उनके द्वारा कलेक्टर से धारा 165/6 की अनुमति प्राप्त कर भूमि का विक्रय पत्र शशि शर्मा को निष्पादन कराया गया था। जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए के्रता प्रार्थी शशि शर्मा द्वारा भूमि को क्रय किया गया एवं भूमि का नामांतरण करवाकर कब्जा प्राप्त किया गया था। चतर सिंह एवं पार्वती बाई द्वारा तहसीलदार हुज़ूर एवं उपपंजीयक के सामने दिए गए कथन में यह बताया कि भूमि विक्रय करने के पश्चात प्राप्त राशि 1 करोड़ 55 लाख का कहां-कहां भुगतान किया गया। लीलाखेड़ी में भूमि क्रय की नयापुरा कोलार में मकान सईद मियंां का कर्ज, आरके लालवानी का कर्ज केनरा बैंक भोपाल से कर्ज एवं सेंट्रिंग का सामान इत्यादि क्रय किया था। 
- पूर्व के सभी शिकायत का हो चुका है निराकरण नस्तीबद्ध  
शशि शर्मा द्वारा चतर सिंह एवं पार्वती बाई से क्रय भूमि का आधिपत्य प्राप्त कर वर्ष 2014 से 2019 तक कृषि कार्य किया जाता रहा था। वर्ष 2019 में के्रता की भूमि पर विके्रता चतर सिंह एवं पार्वती बाई द्वारा 15 से 20 लोगो के साथ मिलकर भूमि पर कब्जा कर फसल काट ली थी। जिसकी शिकायत प्रार्थी द्वारा थाना कोलार में की गई थी। उसके बाद चतर सिंह एवं पार्वती बाई द्वारा थाना अजाक जिला भोपाल, पुलिस अधीक्षक अजाक भोपाल थाना कोलार एवं थाना चूनाभट्टी में शशि शर्मा व परिवार के सदस्यों के विरुद्ध शिकायती आवेदन भी दिया। सभी शिकायतों को प्रत्येक स्तर पर निराकरण कर नस्तीबद्ध किया जा चुका है। चतर सिंह द्वारा भूमि के संबंध में जिला न्यायालय में धारा 1563 में प्रस्तुत वाद को वर्ष 2021 में खारिज किया जा चुका है। उक्त वाद के खारिज होने के पश्चात चतर सिंह द्वारा उच्च न्यायालय में आपराधिक पुनरीक्षण क्रमांक 2411/ 2021 प्रस्तुत किया था जो उच्च न्यायालय में लंबित है।
- अर्थ दंड और एक वर्ष के कारावास बचने सुनील ने आदिवासी से बनवाया दबाब 
थाना प्रभारी अजाक के सामने दिए गए कथन में चतर सिंह द्वारा यह बताया कि उनके द्वारा सुनील यादव के कहने पर झूठी शिकायत की थी। सुनील यादव एक आपराधिक लड़का है। सुनील के विरुद्ध विभिन्न थानों में 12 से 14 आपराधिक प्रकरण कायम है। वर्ष 2019 से जब से सुनील यादव के विरुद्ध मेरे पुत्र विकास शर्मा द्वारा एक करोड़ चौहत्तर लाख रूपए के चेक अनादरित होने पर जिला न्यायलय भोपाल द्वारा क्लोज फॉर ऑर्डर का आदेश जारी किया गया तभी से सुनील यादव द्वारा झूठी शिकायत करवाई जा रही है। उक्त प्रकरण में जिला न्यायालय भोपाल द्वारा तीन करोड़ दस लाख रुपए का अर्थ दंड सहित एक वर्ष का कारावास किया गया है। उक्त आदेश के अनुपालन की तिथि 6 से 7 दिसंबर 2022 है। इस कारण से सुनील यादव द्वारा चतर सिंह एवं पार्वती बाई बिशना बाई एवं अन्य आदिवासियों से फिर से झूठी शिकायत करवाकर राजनैतिक व्यक्ति के दवाब से आपराधिक प्रकरण कायम करवाया है।

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