Bhopal : गैस पीड़ित संगठन आज होंगे दिल्ली रवाना, जंतर मंतर पर करेंगे प्रदर्शन


भोपाल । यूनियन कार्बाइड गैस हादसे की 35वीं बरसी के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में गैस पीड़ितों के पाँच संगठनों के नेताओं ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार, सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन पर होने वाली सुनवाई में गैसकाण्ड से हुई मौतों और लोगों के स्वास्थ्य को पहुँचे नुकसान के सही आँकड़े पेश करने के अपने वादे को पूरा करेगी। नेताओं ने घोषणा की है कि वे यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल से गैसकाण्ड के लिए अतिरिक्त मुआवजे के मुद्दे पर कल जंतर-मंतर पर अपनी रैली के लिए आज शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा, "हाल ही में 17 नवंबर को भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास के प्रमुख सचिव ने हमें आधारान दिया है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में गैसकाण्ड से हुई मौतों के सही आंकड़े पेश करेगी और यह भी बताएगी कि पीड़ितों के स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान पहुँचा है, अस्थायी नहीं। वैसे राज्य सरकार द्वारा इसी तरह का वादा गैसकाण्ड की 27वीं बरसी पर भी किया गया था पर उसे भुला दिया गया, इसीलिए जबतक राज्य सरकार कथनी के अनुसार करती नहीं, हमलोग तब तक इस बारे में आशंकित रहेंगे।

राज्य सरकार के अन्य टूटे वादों के बारे में भोपाल गैस पीड़ित निराधित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा, काण्ड की 36वीं बरसी पर मुख्यमंत्री ने गैस पीड़ित सभी विधवाओं को आजीवन पेंशन देने का वादा किया था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार तथ्य यह है कि काण्ड की वजह से विधवा हुई 569 महिलाओं को अब तक कोई पेंशन नहीं मिली है। भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना डींगरा ने यूनियन कार्बाइड के परित्यक्त कारखाने के पास दूषित भूमि के उपचार के लिए ग्लोबल टेण्डर आमंत्रित करने के राज्य सरकार के 2010 के अधूरे वादे की ओर इशारा किया। गैस काण्ड की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य सरकार ने भोपाल गैसकाण्ड से संबंधित सभी कानूनी कार्यवाही की बारीकी से निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित करने का वादा किया था।" भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब खान ने कहा "जबकि आज तक इस विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाना बाकी है। पिछले महीने सुधार याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील की चुप्पी हम सबके लिए निराशाजनक श्री हमें उम्मीद है कि 10 जनवरी को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील गैसकाण्ड से हुई मौतों और बीमारियों के संशोधित आँकड़ों पर दलील पेश करेंगे।" 

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