भारतीय रेलवे बनी देश की विकास यात्रा का इंजन, यात्री किराए से राजस्व आय में की 76% की ग्रोथ



यात्रियों के किराए से भारतीय रेलवे की राजस्व आय में 76% की वृद्धि हुई है। अप्रैल से नवंबर 2022 के दौरान प्रारंभिक आधार पर भारतीय रेलवे की कुल अनुमानित कमाई 43,324 करोड़ रुपए हुई है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 24,631 करोड़ रही थी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर पिछले वर्ष की तुलना में भारतीय रेलवे ने इस बार यात्रियों के किराए से राजस्व में करीब 76 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इसे रेलवे की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

वहीं रेलवे ने नवंबर 2022 तक माल लदान से 10,5905 करोड़ रुपए अर्जित किए हैं। ज्ञात हो, मिशन मोड के अंतर्गत, इस वित्त वर्ष यानि 2022-23 के पहले 8 महीनों के लिए भारतीय रेलवे का माल लदान पिछले साल की इसी अवधि के माल लदान और आय, दोनों को पार कर गया है। अप्रैल-नवंबर, 2022 में संचयी आधार पर, पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुए 903.16 मीट्रिक टन के माल लदान के मुकाबले 978.72 मीट्रिक टन का माल लदान हुआ, जो 8 प्रतिशत अधिक है। रेलवे ने पिछले वर्ष के 91127 करोड़ रुपए की तुलना में 105905 करोड़ रुपए अर्जित किए हैं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है।

घाटे का सौदा बताई जाने वाली भारतीय रेलवे कमा रही मुनाफा

गौरतलब हो, जिस भारतीय रेलवे को कभी घाटे का सौदा बताया जाता था आज वही देश में सरकार के लिए खूब कमाई कर रही है। दरअसल, अगस्त 2022 की समाप्ति तक भारतीय रेलवे के रेवेन्यू में करीब 38% की बढ़ोतरी हुई है। केवल इतना ही नहीं भारतीय रेलवे ने यात्री यातायात में 116% की बेतहाशा वृद्धि दर्ज की और अब यात्रियों के किराए से रेलवे की राजस्व आय में 76% की वृद्धि दर्ज की है। केवल इतना ही नहीं रेलवे ने नवंबर 2022 तक माल लदान से अच्छी कमाई की है। जी हां, भारतीय रेलवे माल लदान से 105905 करोड़ रुपए अर्जित कर चुकी है। इस प्रकार भारतीय रेलवे नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

रेलवे की कहां-कहां बढ़ी कमाई ?

भारतीय रेलवे के आरक्षित व अनारक्षित दोनों श्रेणियों में पिछले साल की तुलना में राजस्व की बढ़ोतरी हुई है। इसमें लंबी दूरी की आरक्षित मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की वृद्धि यात्री और उपनगरीय ट्रेनों की तुलना में तेज रही है। वहीं अन्य कोचिंग रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा है। यह बढ़ोतरी पिछले साल की तुलना में 811.82 करोड़ रुपए रही है। तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार कोचिंग रेवेन्यू में 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा रेलवे ने माल लदान में भी अपनी कमाई बढ़ाई है।

केंद्र सरकार के प्रयासों से बदला भारतीय रेलवे का स्वरूप

पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी केंद्र सरकार में भारतीय रेलवे ने तेजी से अपने स्वरूप को बदलकर विकास की धारा में स्वयं को शामिल कर लिया है। आरक्षित यात्री खंड में, 1 अप्रैल से 30 नवंबर 2022 की अवधि के दौरान बुक किए गए यात्रियों की कुल अनुमानित संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 4,860 लाख की तुलना में 5,365 लाख है, जो 10% की वृद्धि को दर्शाती है। 1 अप्रैल से 30 नवंबर 2022 की अवधि के दौरान आरक्षित यात्री खंड से उत्पन्न राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 22,904 करोड़ की तुलना में 34,303 करोड़ है, जो 50% की वृद्धि दर्शाता है।

रेलवे ने अनारक्षित यात्री खंड में की 422% की वृद्धि दर्ज

अनारक्षित यात्री खंड में, 1 अप्रैल से 30 नवंबर 2022 की अवधि के दौरान बुक किए गए यात्रियों की कुल अनुमानित संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 13,813 लाख की तुलना में 35,273 लाख है, जो 155% की वृद्धि दर्शाती है। 1 अप्रैल से 30 नवंबर 2022 की अवधि के दौरान अनारक्षित यात्री खंड से उत्पन्न राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 1,728 करोड़ रुपये की तुलना में 9,021 करोड़ रुपए है, जो 422% की वृद्धि दर्शाता है।

रेलवे देश की विकास यात्रा का इंजन बनने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले 8 वर्षों में, रेलवे ने प्रणालियों, प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए प्रयास किया है। रेलवे न्यू इंडिया की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए एक कुशल, स्वयं टिकाऊ, किफायती, यात्रियों का एक आधुनिक वाहक और उच्चतम मानकों का माल वाहक प्रदाता बनने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्टेशन विकास और आधुनिकीकरण

बताना चाहेंगे कि रेलवे स्टेशन विकास और आधुनिकीकरण पर भी खासा काम कर रही है। इसके तहत गांधीनगर, हबीबगंज और अयोध्या स्टेशनों के विकास का काम तेजी से किया गया है। स्टेशनों के विकास के लिए रेलवे साझेदारी का तरीका अपना रहा है और सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मोड पर नई दिल्ली, छत्रपति शिवाजी मुंबई टर्मिनल, नागपुर, ग्वालियर, साबरमती, अमृतसर, पुड्डुचेरी, नेल्लोर, देहरादून और तिरुपति स्टेशनों के लिए रिक्‍वेस्‍ट फॉर क्वालिफिकेशन (RFQ) आमंत्रित किया गया। सारे मिले-जुले प्रयासों से ही आज भारतीय रेलवे इस मुकाम तक पहुंची है।

कोचों का आधुनिकीकरण

भारत सबसे शक्तिशाली रेलवे इंजन का उत्पादन करता है। अब भारत कोचों का आधुनिकीकरण पर भी काम कर रहा है। प्रतिष्ठित मेड इन इंडिया परियोजना 120 किलोमीटर प्रति घंटे की उच्चतम गति के साथ एचएचपी लोकोमोटिव होने के नाते 12000 एचपी बना रही है।

स्टेशनों पर यात्रियों के लिए अधिक सुविधाएं

• भारतीय रेलवे को 32 एस्केलेटर और 66 लिफ्ट प्रदान की गई, इसके अलावा 774 एस्केलेटर और 642 लिफ्टों को प्रदान किया गया
• हवाई अड्डे के मानकों की तरह अब 893 रेलवे स्टेशन बेहतर रोशनी के स्तर के साथ उपलब्ध कराए गए
• बेहतर ट्रेन सूचना प्रदर्शन कोच मार्गदर्शन प्रणाली 673 स्टेशनों पर है, जबकि ट्रेन संकेत बोर्ड अब 1208 स्टेशनों पर चालू हैं
• 6 हजार से अधिक रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई प्रदान किया गया

उल्लेखनीय है कि आज भारतीय रेलवे अपने साथ-साथ देश के उन तमाम हिस्सों का कायाकल्प करने में लगी है जो कभी पीछे छूट गए थे। देश के जिन क्षेत्रों से सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका है उन्हें रेलवे के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। ऐसे तमाम कार्य भारतीय रेलवे के माध्यम से किए जा रहे हैं। भारतीय रेलवे के जरिए यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान की जा रही है। इस प्रकार भारतीय रेलवे देश में विकास की गति को नए आयाम दे रही है। यही कारण है कि आज भारतीय रेलवे लाभ कमाने की स्थिति में आ गई है।

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