6 जनवरी से हड़ताल पर जाने की तैयारी में बिजली आउटसोर्स, संविदा व नियमित तकनीकी कर्मचारी

बिजली कर्मचारी के संयुक्त संगठन सम्मेलन का आयोजन भोपाल में...
आपनी दो सूत्री मांगों को लेकर बिजली आउटसोर्स ,संविदा, तकनीकी कर्मचारियों का हुआ सम्मेलन...
सम्मेलन में लगभग 10 हजार कर्मचारियों ने लिया भाग...
भोपाल । मध्य प्रदेश बिजली आउट सोर्स , संविदा एवम् तकनीकी कर्मचारियो ने संयुक्त सम्मेलन किया जिसमें उन्होंने सरकार से अपनी दो सूत्रीय मांग संविलियन एवम् नियमितीकरण को लेकर सरकार को अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों का कहना है कि अन्यथा आने वाले समय में काम बंद आंदोलन किया जाएगा...कर्मचारियों की मांगों को लेकर पिछले कई महीनों से कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से मांग कर रहा है लेकिन इसके बाद भी बिजली आउट सोर्स संविदा तकनीकी कर्मियों की सुनवाई नहीं हुई है...जबकि इससे पहले भी भरोसा दिलाया गया था कि संविदा कर्मचारियों की सुनवाई की जाएगी लेकिन इसके बाद भी आउट सोर्स संविदा तकनीकी कर्मचारियों के बारे में कोई फैसला बिजली विभाग ने नहीं लिया है...6 जनवरी से प्रदेश भर में मध्य प्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर जायेंगे...मध्य प्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव का कहना है कि इस सम्मेलन के जरिए आंदोलन की रणनीति बनाकर कर्मचारी संयुक्त ताकत दिखाएंगे...जिससे मध्य प्रदेश सरकार आउट सोर्स संविदा कर्मचारियों को लेकर अन्य राज्यों की तरह निर्णय लेने पर मजबूर हो सके...इस संबंध में संयुक्त सम्मेलन करके कर्मचारियों से चर्चा की गई है..5 जनवरी तक कर्मचारियों की मांगों को अगर राज्य सरकार ने नहीं पूरा किया तो राजधानी सहित प्रदेश भर में कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेने के लिए मजबूर होंगे...6 जनवरी से बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी संविदा कर्मचारी और रेगुलर कर्मचारी भी हड़ताल पर जाएंगे...प्रदेश में लगभग कुल 60 हजार बिजली आउटसोर्स ,संविदा एवम् तकनीकी कर्मचारी काम बंद हड़ताल करेगे। विद्युत अधिकारी संविदा कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरुण ठाकुर ने कहा कि संविदा कैंसर है, इसे खत्म कर सरकार नियमितीकरण का वादा पूरा करें। मनोज भार्गव भार्गव ने कहा कि भारत में उड़ीसा बिहार पंजाब आंध्र प्रदेश हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड कि राज्य सरकारों ने अपने राज्यों के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला किया है पर मध्य प्रदेश सरकार संविदा को नियमित करने से कतरा रही है जबकि भाजपा ने 4 वर्ष पूर्व विधानसभा चुनाव मैं संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वचन घोषणा पत्र में दर्शाया था। इसी तरह पंजाब सरकार ने वहां के आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की है जबकि तेलंगाना जैसी सरकार अपने यहां के आउटसोर्स कर्मचारियों को केंद्र के कर्मचारियों के समान दोगुना न्यूनतम वेतन प्रदान कर रही हैं पर मध्य प्रदेश सरकार केंद्र के आउटसोर्स कर्मचारियों से आला न्यूनतम वेतन प्रदान कर रही हैं, यहां तक की 2019 में जो न्यूनतम वेतन मध्यप्रदेश सरकार को रिवाइज करना था वह उसने 5 वर्ष के बजाय 7 वर्ष बीतने के बाद भी अब तक नहीं किया है इससे कर्मचारियों में खासा आक्रोश है। इसलिए बिजली कंपनी के इतिहास में पहली बार आउट सोर्स संविदा और निमित्त तकनीकी कर्मचारी संयुक्त रुप से लामबंद होकर काम बंद आंदोलन का आगाज कर रहे है। आयोजन महामंत्री राहुल मालवीय ने कहा कि इस बार संविदा आउटसोर्स कर्मचारी अपनी बात मनवा कर ही दम लेंगे। तकनीकी संघ के सचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि इस बार आउट सोर्स और संविदा के साथी तकनीकी कर्मचारी भी हड़ताल यहां तक की जेल भरो आंदोलन में भी साथ देंगे।

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