भोपाल के कवि ने चार हजार फीट की ऊंचाई पर पढ़ीं 40 कविताएं

इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हुआ नाम

भोपाल । कवियों को साहित्यिक गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों के मंचों पर कविता पाठ करते हुए तो सभी ने देखा होगा, जमीन से चार हजार फीट की ऊंचाई पर हवा में कविता पाठ करते हुए शायद ही किसी को देखा हो। ऐसा ही एक कारनामा भोपाल के एक कवि ने कर दिखाया है। कवि अटल कश्यप ने पैराग्लाइडिंग करते हुए हवा में अपनी 40 कविताओं का पाठ करते हुए यह कारनामा किया। उन्होंने आसमान में 4 हजार 2 सौ फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग करते हुए 45 मिनट में अपनी 40 कविताएं पढ़ डाली। उनके इस कारनामे को इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया है।

पेशे से फार्मासिस्ट भोपाल के अटल कश्यप सिक्किम में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें ज्यादातर सिक्किम में ही रहना पड़ता है, इसलिए इस रिकार्ड को बनाने के लिए उन्होंने दार्जिलिंग को चुना। पैराग्लाइडिंग करते हुए 40 कविताओं के पाठ में उन्हें 45 मिनट का समय लगा।

अटल ने बताया कि उन्होंने सोचा कि क्यों न लीक से हटकर कुछ किया जाए। चूंकि जमीन पर तो सभी कविताएं पढ़ते हैं, इसलिए मैंने आकाश में कविताएं पढ़ने के बारे में सोचा। जोखिम तो बहुत था लेकिन एक प्रशिक्षित पेशेवर ने इसमें मेरी मदद की और पैराग्लाइडिंग करवाई। अटल पिछले दस सालों से कविताएं लिख रहे हैं। उनकी सात किताबें पब्लिश हो चुकी हैं और यह रिकार्ड उन्होंने अपनी सातवीं किताब 'बातें हमारी तुम्हारी' की कविताओं के जरिए बनाया।
अटल ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य लिम्का बुक आफ रिकार्ड है। इंडिया बुक आफ रिकार्ड के इस कारनामे को उन्होंने लिम्का को भेज दिया है। इसके लिए 4 सप्ताह का समय लगता है। उसके बाद रिकार्ड की आधिकारिक पुष्टि की जाती है। उम्मीद है कि लिम्का में भी इसे सराहना मिलेगी और दर्ज किया जाएगा।

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