पधारो म्हारे देश: 4 से 7 दिसंबर तक G-20 शेरपा बैठक, दिखेगी भारतीय संस्कृति और शाही अंदाज की झलक


भारत में पहली G-20 शेरपा बैठक आज से राजस्थान के उदयपुर में शुरू हो गई है। 4 दिसंबर से 7 दिसंबर तक होने वाली G-20 शेरपा बैठक की अध्यक्षता भारतीय शेरपा अमिताभ कांत कर रहे हैं। बैठक में यूरोपीय संघ और नौ विशेष आमंत्रित देशों समेत 19 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस बैठक में 40 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचेंगे। बता दें कि भारत ने एक दिसम्बर को G-20 समूह की अध्यक्षता संभाली है। मेजबान देश के रूप में भारत, अगले वर्ष नई दिल्ली में होने वाली G-20 शिखर बैठक का एजेंडा तय करेगा।

कहां हो रही है शेरपा की बैठक

शौर्य और स्वाभिमान की धरा, देश- दुनिया में पूर्व का वेनिस और झीलों का शहर के रूप में विख्यात उदयपुर G-20 शेरपा बैठक की मेजबानी कर रहा है। विश्व की प्राचीनतम अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे हुए उदयपुर का न सिर्फ प्रशासनिक अमला बल्कि यहां के हर आम व्यक्ति का रोम-रोम इस धरा पर आने वाले परदेसी पांवणों के स्वागत को पुलकित है। उदयपुर अपनी संस्कृति, सुंदर स्थानों और शाही महलों के लिए जाना जाता है। G-20 शेरपा बैठक से झीलों के शहर उदयपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।

क्या होगा खास और कार्यक्रम

यात्रा के दौरान, प्रतिनिधि भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन देखेंगे और शिल्पग्राम का भ्रमण भी करेंगे। वे कुंभलगढ़ किले और रणकपुर मंदिर परिसर के पूरे दिन के भ्रमण का हिस्सा होंगे। देशी-विदेशी अतिथियों के सामने लोक कलाकार राजस्थानी संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे। 4 दिसंबर से 7 दिसंबर के बीच शाम को राजस्थान की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

दूसरे दिन 5 दिसंबर को विदेशी मेहमानों के लिए शाम जगमंदिर पैलेस में प्रदेश के विभिन्न लोक कलाकार मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम 'राजस्थान के रंग' में प्रस्तुति देंगें। वहीं अगले दिन 6 दिसंबर की शाम को उदयपुर के सिटी पैलेस माणक चौक पर भारत की विभिन्न कला शैलियों पर प्रस्तुति दी जाएगी। चौथे दिन रणकपुर में सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।

भारत ने रखी G-20 की थीम

'वसुधैव कुटुम्बकम - एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य' की अपनी G-20 प्रेसीडेंसी थीम से प्रेरणा लेते हुए, भारत 32 विभिन्न कार्यक्षेत्रों में 50 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा, और G-20 प्रतिनिधियों और मेहमानों के समक्ष भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक झलक की पेशकश करने का अवसर होगा।

बाइडन और मैक्रों ने पीएम मोदी पर जताया भरोसा

वैसे तो G-20 के शेरपा की बैठक 4 दिसंबर से शुरू हुई है, लेकिन इसका आरंभ 1 दिसंबर को G-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम से हुआ है और समापन 9-10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में आर्थिक दृष्टिकोण से दुनिया के शीर्ष 20 देशों के प्रमुखों की बैठक के साथ होगा। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस बार G-20 को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि- 'भारत ने G-20 की अध्यक्षता संभाल ली है। मुझे विश्वास है कि मेरे मित्र नरेन्द्र मोदी हमें शांति और अधिक टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए साथ लाएंगे।'
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुशी जताते हुए भारत को अमेरिका का मजबूत साझीदार बताया है। उन्होंने कहा कि G-20 देशों की अध्यक्षता के दौर में वह अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरा समर्थन करेंगे। राष्ट्रपति बाइडन ने एक ट्वीट में कहा कि वह भारत के साथ बेहतर होते संबंधों में भी विकास का क्रम देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों वाले क्षेत्र-पर्यावरण, ऊर्जा और खाद्य समस्या पर कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें

बता दें कि भारत ने प्रभावशाली समूह की साल भर की अध्यक्षता ग्रहण की है, जिसके दौरान देश में 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। G-20 या 20 का समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं। G-20 समूह वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई और वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है।

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