उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 29 महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार-2020 और 2021 से सम्मानित किया

आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को 11.22 लाख स्मार्ट फोन दिये गये; राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 12.65 लाख वृद्धि निगरानी उपकरणों की खरीद

पोषण ट्रैकर पर 9.84 करोड़ लाभार्थी शामिल किए गए; "पोषण ट्रैकर" पर पंजीकृत लगभग 85.63% लाभार्थियों को सफलतापूर्वक आधार से जोड़ा गया

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 12,241 करोड़ रुपये के भुगतान सहित 2.79 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित हुए  

36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 730 वन स्टॉप सेंटर या सखी केंद्रों के माध्यम से 88 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई।

किशोर न्याय मॉडल संशोधन नियम, 2022 को 1 सितंबर 2022 को अधिसूचित किया गया और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 को 23 सितंबर 2022 से अधिसूचित किया गया

नई दिल्ली । महिलाओं और बच्चों का सशक्तिकरण एवं सुरक्षा और उनका संपूर्ण विकास सुनिश्चित करना देश के सतत और न्‍यायोचित विकास के लिए महत्वपूर्ण है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नीतियों और कार्यक्रमों को संयोजित करते हुए महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, जेंडर से संबंधित सरोकारों को मुख्यधारा में लाने, उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने और उन्हें अपने मानवीय अधिकारों का अहसास करने में सक्षम बनाने तथा उन्‍हें अपनी पूरी क्षमता का विकास करने के लिए संस्थागत और विधायी सहायता सुगम बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इसी तरह, नीतियों और कार्यक्रमों के संयोजन के माध्यम से बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने और शिक्षण, पोषण, संस्थागत और विधायी सहायता तक पहुंच सुगम बनाते हुए हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित बचपन भी सुनिश्चित किया गया है।

वर्ष 2022 के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख पहलें/उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का तीन कार्यक्षेत्रों में व्‍यवस्‍थापन किया गया : मंत्रालय द्वारा देश भर में महिलाओं और बच्चों के लिए लागू की जा रही सभी योजनाओं की बेहतर निगरानी और कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उनका तीन कार्यक्षेत्रों - (1) बच्चों, किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण सहायता और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के लिए - सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0-; (2) महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए -मिशन शक्ति (3) बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए -मिशन वात्सल्य- में 15वें वित्त आयोग चक्र में क्रमशः 20,989 करोड़ रुपये, 10,916 करोड़ रुपये और 1,02,031 करोड़ रुपये के बढ़े हुए परिव्यय के साथ व्‍यवस्‍थापन किया गया है।

 मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 01.08.2022 को मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए योजना दिशानिर्देश जारी किए। इसके साथ ही एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम- सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण (2.0), नियम, 2022 दिनांक 12.09.2022 को अधिसूचित किए गए और दिनांक 06.10.2022 को नियम प्रकाशित किए गए। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आकांक्षी जिलों में बेहतर पोषण और शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रति वर्ष 40,000 आंगनवाड़ी केंद्रों की दर से 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों का मजबूत, उन्नत और नवीकरण किया जाएगा। वित्त वर्ष 2022-23 में आकांक्षी जिलों में सभी 40,000 सक्षम आंगनबाड़ियों की पहचान की गई है।

अब तक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 11.22 लाख स्मार्ट फोन प्रदान किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बच्चों के विकास की नियमित निगरानी को बढ़ावा देने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इन्फैंटोमीटर, स्टैडोमीटर, मां और शिशु का वजन मापने का स्‍केल, बच्चे का वजन मापने का स्‍केल जैसे 12.65 लाख वृद्धि निगरानी उपकरणों की खरीद की गई है।

पोषण ट्रैकर: महिलाओं और बच्चों के पोषण की स्थिति को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य, तंदुरूस्ती और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने वाला एक पारदर्शी और सक्षम वातावरण तैयार किया जा रहा है। पूरक पोषण की रीयल टाइम निगरानी सुनिश्चित करने और सेवाओं के त्वरित पर्यवेक्षण और प्रबंधन हेतु जानकारी प्रदान करने के लिए नवीनतम तकनीक से पोशन ट्रैकर अनुप्रयोग बनाया गया है। 31.10.2022 तक, लगभग 9.84 करोड़ लाभार्थी इसमें शामिल किए जा चुके हैं। लास्ट माइल ट्रैकिंग और सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों को 'आधार' से जोड़ा जा रहा है। अब तक पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत लगभग 85.63% लाभार्थियों को सफलतापूर्वक 'आधार' से जोड़ा जा चुका है। पहली बार, पोषण ट्रैकर के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक राज्य के भीतर और बाहर एक आंगनवाड़ी केंद्र से दूसरे में प्रवास की सुविधा प्रदान की गई है। लाभार्थी की एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में प्रवास की सुविधा भी उपलब्ध है।

पोषण पखवाड़ा (21 मार्च- 4 अप्रैल 2022):

पोषण अभियान के लिए पोषण केंद्रित जन आंदोलन सुनिश्चित करने हेतु व्यापक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए 21 मार्च से 4 अप्रैल 2022 तक पोषण पखवाड़ा आयोजित किया गया। यह आंगनवाड़ी केंद्र में 6 वर्ष तक की आयु के लाभार्थी बच्चों के कद और वजन की माप सहित विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में जेंडर की दृष्टि से संवेदनशील जल प्रबंधन, एनीमिया और स्वस्थ मां और बच्चे के लिए पारंपरिक भोजन से संबंधित गतिविधियों पर केंद्रित था। इन्‍हें जल शक्ति मंत्रालय और जनजातीय कार्य के मंत्रालय के साथ मिलकर कार्यान्वित किया गया।  

पोषण पखवाड़ा 2022 के दौरान सभी संबंधित हितधारकों की अत्‍यधिक भागीदारी के परिणामस्वरूप विभिन्न विषयों के तहत लगभग 3 करोड़ गतिविधियां संचालित की गईं। इनमें सर्वाधिक 10% गतिविधियां, वृद्धि निगरानी गतिविधियां रही। इसके बाद स्तनपान, स्वच्छता, पानी और स्वच्छता, पूरक आहार, पहले 1000 दिन, ईसीसीई, हाथ धोना और स्वच्छता, प्रसवपूर्व जांच, क्षेत्रीय पोषण किट वितरण के तहत मोटे अनाजों के साथ खाना पकाने का प्रदर्शन जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिनमें लगभग 40 लाख प्रतिभागियों की भागीदारी रही।

 राष्ट्रीय पोषण माह (सितंबर 2022)

5वां राष्ट्रीय पोषण माह ग्राम पंचायतों को सभी गतिविधियों के केंद्र में रखते हुए सितंबर,2022 में मनाया गया। पोषण माह 2022 के व्यापक विषयों में - महिला और स्वास्थ्य, बच्चा और शिक्षा, जेंडर की दृष्टि से संवेदनशील जल प्रबंधन तथा महिलाओं और बच्चों के लिए पारंपरिक भोजन शामिल थे। जेंडर की दृष्टि से संवेदनशील जल प्रबंधन और संरक्षण के विषय के अंतर्गत कार्यशालाओं, सेमिनारों और वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्‍थापना के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की पहचान करने के अभियान के माध्यम से लगभग 43 लाख गतिविधियां आयोजित की गईं। पोषण माह के दौरान देश भर में विभिन्न विषयों के तहत कुल मिलाकर 15 करोड़ से अधिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  

इसके मुख्य आकर्षण रहे -

शिशु और छोटे बच्चे के आहार की अपर्याप्त और अनुचित प्रथाओं, गर्भावस्था और किशोरावस्था के दौरान पोषण और देखभाल के महत्व तथा कुपोषण के पीढ़ी दर पीढ़ी चक्र को तोड़ने के लिए अच्छी स्वास्थ्य प्रथाओं के बारे में जागरूकता लाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में आमूल-चूल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए 'जन आंदोलन' के तहत व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए रणनीति।
माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली में 30 सितंबर 2022 को डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में प्रारंभिक बाल्‍यावस्‍था के विकास को प्रोत्‍साहन देने के लिए स्वदेशी खिलौनों पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं तक सभी आईसीडीएस पदाधिकारियों के लाभ के लिए कार्यशाला/संगोष्ठी का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया।
कर्तव्यपथ, नई दिल्ली में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर 2022 तक पोषण उत्सव के आयोजन के साथ पोषण माह का समापन हुआ। यह उत्‍सव पोषण की थीम पर केंद्रित पोषण परेड, स्वस्थ-भोजन के स्‍टॉल, स्वास्थ्य जांच के स्‍टॉल, सांस्कृतिक प्रस्‍तुतियों के साथ मेले के रूप में आयोजित किया गया। बड़े पैमाने पर बच्चों और आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के साथ एआर फोटो-ऑप की भी व्‍यवस्‍था की गई।
मिशन शक्ति-

मिशन शक्ति में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए क्रमशः दो उप-योजनाएं ‘संबल’ और ‘सामर्थ्य’ शामिल हैं। वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), महिला हेल्पलाइन (181-डब्‍ल्‍यूएचएल) और बेटी बचाओ बेटी पढाओ (बीबीबीपी) की मौजूदा योजनाओं को ‘संबल’ उप-योजना का हिस्सा बनाया गया है और नारी अदालत नामक एक नया घटक शुरु किया गया है; जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई), उज्जवला और स्वाधार गृह (शक्ति सदन), कामकाजी महिला छात्रावास (सखी निवास), जेंडर बजटिंग और राष्ट्रीय क्रेच योजना की मौजूदा योजनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय, राज्य, जिला स्तरों पर महिलाओं के सशक्तिकरण केंद्रों के नए घटक को ‘सामर्थ्य’ में समाहित किया गया है। मिशन शक्ति के लिए योजना दिशानिर्देश 14 जुलाई 2022 को जारी किए गए।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई): इस योजना में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (पीडब्ल्यू और एलएम) को गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान 5,000/ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में उनके बैंक / डाकघर खाते में डीबीटी मोड में सीधे प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इसके अतिरिक्त, दूसरे बच्चे को कवर करने के लिए इस योजना का विस्तार करके 6000/- रुपये की राशि का मातृत्व लाभ प्रदान किया गया है, लेकिन यह लाभ दूसरे बच्‍चे के बालिका होने पर ही प्रदान किया जाएगा। ऐसा पूर्व-जन्म लिंग चयन को हतोत्साहित करने के लिए किया गया है। यह वेतन मुआवजे और स्वास्थ्यप्रद व्यवहार को बढ़ावा देने के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक उपाय है। इस योजना के तहत 30.11.2022 तक कुल 12,241 करोड़ रुपये के भुगतान सहित 2.79 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं।

 बेटी बचाओ बेटी पढाओ: यह योजना बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेप के माध्यम से देश के सभी जिलों में लागू की जा रही है। इस योजना ने बालिकाओं को महत्व देने के संबंध में राष्ट्र की मानसिकता में बदलाव लाने की दिशा में सामूहिक चेतना को जगाया है। यह राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) में 16 अंकों तक के सुधार से परिलक्षित होता है,जो 2014-15 में 918 से बेहतर होकर 2021-22 में 934 हो गया (एमएच एंड एफडब्‍ल्‍यू का एचआईएमएस)।

लड़कियों के लिए गैर-पारंपरिक आजीविका में कौशल पर राष्ट्रीय सम्मेलन “बेटियां बने कुशल”

मंत्रालय ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी में 11 अक्टूबर 2022 को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किशोर लड़कियों के लिए गैर-पारंपरिक आजीविका (एनटीएल) पर एक अंतर-मंत्रालयी सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में मंत्रालयों और विभागों के बीच एकजुटता पर जोर दिया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लड़कियां अपने कौशल निर्माण के साथ-साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़े कार्यबल में प्रवेश करें, जहां ऐतिहासिक रूप से लड़कियों का प्रतिनिधित्व कम रहा है। इस कार्यक्रम में युवा लड़कियों की कार्यबल में बढ़ी हुई, समान और सशक्त भागीदारी के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मिशन शक्ति के दिशानिर्देशों के अनुसार किए गए परिवर्तनों के परिणामस्वरूप योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्यों/जिलों के मार्गदर्शन के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ परिचालन मैनुअल को भी लॉन्च किया गया ।

वन स्टॉप सेंटर: हिंसा से प्रभावित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक छत के नीचे विविध एकीकृत सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिनमें 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 730 वन स्टॉप सेंटर या सखी सेंटर के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा और कानूनी सहायता एवं परामर्श और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक परामर्श की सुविधा शामिल है। साथ ही, टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन (181) के माध्यम से आपातकालीन/गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान की जाती है। 30.09.2022 तक 88 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।

निर्भया फंड: अधिकारियों की अधिकार प्राप्त समिति (ईसी) की एक बैठक 17.10.2022 को आयोजित की गई। ईसी ने इस बैठक में पूर्व स्वीकृत 35 परियोजनाओं/योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करने के अलावा निर्भया फंड के तहत वित्तीय सहायता के लिए 3 और परियोजनाओं का मूल्यांकन किया। इन परियोजनाओं में शामिल हैं ( i) भंडारण बॉक्‍स की स्थापना और (ii) 16 महिला बाजारों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना (मणिपुर सरकार); (iii) सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर की निगरानी सहित टीएसआरटीसी की बसों में एसओएस बटन के साथ वाहन ट्रेसिंग डिवाइस की स्थापना(तेलंगाना सरकार)।

मिशन वात्सल्य

‘मिशन वात्सल्य’ के लिए योजना दिशानिर्देश 05 जुलाई 2022 को जारी किए गए।

किशोर न्याय संशोधन अधिनियम: किशोर न्याय मॉडल संशोधन नियम, 2022 को 1 सितंबर 2022 को अधिसूचित किया गया और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 को 23 सितंबर 2022 से अधिसूचित किया गया। जिला स्तर पर डीएम को बाल सुरक्षा, अधिकारिता और सुरक्षा से संबंधित तथा गोद लेने के आदेश जारी करने सहित सभी मामलों के लिए अब नोडल प्राधिकरण बनाया गया है। । जेजे अधिनियम और नियमों और दत्तक ग्रहण विनियमों में संशोधन के संबंध में 20-30 सितंबर, 2022 तक सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीएम/एडीएम, सीडब्ल्यूसी और डीसीपीयू के लिए आभासी रूप से क्षेत्रीय परामर्श आयोजित किए गए। 

 कोविड-19 के कारण संकट से घिरे बच्चों के लिए पीएम केयर्स फंड- पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन स्कीम: जिन बच्चों ने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता दोनों, एकल जीवित अभिभावक, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को खो दिया है, उनकी मदद के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 29 मई, 2021 को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना लॉन्च की। कुल 4345 बच्चे इस योजना के तहत पात्र पाए गए।

30 मई, 2022 को प्रधानमंत्री ने योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चों को लाभ और सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने इस योजना के तहत आने वाले बच्चों और सभी हितधारकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। यह कार्यक्रम सभी 31 राज्यों की राजधानियों और 557 जिलों में आयोजित किया गया, जहां योजना के तहत आने वाले बच्चे रह रहे हैं।

बच्चे अपने अभिभावकों/देखभाल करने वालों और अपने जिले के संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के साथ अपने जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने कक्षा 1 से 12 वीं में पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए 20,000/- रुपये की छात्रवृत्ति के रीयल टाइम डिजिटल अंतरण की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान, बच्चों को माननीय प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत पत्र; स्नेहपत्र (पीएम केयर सर्टिफिकेट); पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम की पासबुक; और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) कार्ड सौंपे गए ।

घर-गो होम एंड री-यूनाइट का शुभारंभ (बच्चों के पुनर्वास और गृह-प्रत्यावर्तन के लिए पोर्टल)

विश्व बाल दिवस 20 नवंबर 2022 के अवसर पर विज्ञान भवन में उन बच्चों को फिर से मिलाने हेतु एसओपी लॉन्‍च करने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिनके किसी दूसरे जिले, राज्य या देश में बाल देखभाल संस्थानों में रहने के बारे में पता चला हो। इस सम्‍मेलन में सभी राज्य सरकारों के अधिकारियों, राज्य आयोगों, देश भर के सभी जिलों की सभी बाल संरक्षण समितियों; जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अध्यक्षों और सदस्यों; किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों आदि ने भाग लिया। 'बच्चों के पुनर्वास और गृह-प्रत्यावर्तन के लिए प्रोटोकॉल' नामक उपरोक्त एसओपी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया। बच्चों की डिजिटल ट्रैकिंग और निगरानी सुनिश्चित करने वाले प्रोटोकॉल को संचालित करने के लिए घर (गो होम एंड रीयूनाइट) नाम का एक वेब पोर्टल भी उसी दिन लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्षों और सदस्यों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल भी शामिल थे।

अन्य गतिविधियां

'आजादी का अमृत महोत्सव': बच्चों के विचार, अधिकार और पोषण:

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 1 से 8 मार्च 2022 तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-सप्ताह को 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 'प्रतिष्ठित सप्ताह' के रूप में मनाया। सप्ताह भर चलने वाले समारोहों अंतर्गत मंत्रालय ने महिला सुरक्षा और अधिकारिता से संबंधित विभिन्न विषयों पर विविध कार्यक्रमों और सोशल मीडिया अभियानों का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विशेषज्ञों की साझेदारी में कार्यक्रम आयोजित किए गए,जिनमें महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले प्रत्‍यक्ष रूप से काम करने वाले कर्मियों की भी भागीदारी रही।

सप्ताह के दौरान, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने एनसीपीसीआर का नया आदर्श वाक्य "भविष्यो रक्षति रक्षति:" लॉन्च किया। मंत्रालय ने वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों और परामर्शदाताओं के लिए मनोवैज्ञानिक सामाजिक प्रशिक्षण के लिए निम्हान्स बेंगलुरु के सहयोग से "स्त्री मनोरक्षा परियोजना" भी शुरू की। बाल अधिकारों से संबंधित समसामयिक मुद्दों पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोगों (एससीपीसीआर) के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सप्ताह के दौरान, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च 2022) के अवसर पर, शिक्षा मंत्रालय और यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से 'कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव' नाम का एक अभियान शुरू किया गया, ताकि तत्‍कालीन एसएजी योजना (11-14 वर्ष) की किशोरियों को औपचारिक शिक्षा और/या कौशल प्रणाली में वापस लाया जा सके। माननीय राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट और असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाली 29 उत्कृष्ट महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार-2020 और 2021 से सम्‍मानित किया। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्‍मानित होने वाली महिलाओं से बातचीत भी की।

सीपीजीआरएएमएस संस्करण 7.0 का कार्यान्वयन- सीपीजीआरएएमएस संस्करण 7.0 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में जुलाई, 2022 से सफलतापूर्वक लागू और परिचालित किया गया।

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