भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता संभालना एक ऐतिहासिक क्षण: प्रधानमंत्री के सचिव मिश्रा


नई दिल्ली । प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने गुरुवार को भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता संभालने को ऐतिहासिक क्षण करार दिया और कहा कि ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने 'देश को सर्वश्रेष्ठ तरह से प्रस्तुत करें जिस ओहदे और महत्ता का वो हकदार है।"
उन्होंने कहा कि देश में 56 अलग-अलग स्थानों पर बैठक आयोजित करने से ये सुनिश्चित होगा कि इस घटना का अखिल भारतीय मिजाज सही मायने में प्रदर्शित हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि हरेक राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश और नागरिक भारत की इस अध्यक्षता में एक बराबरी का भागीदार है।
मिश्रा ने इस मौके पर आयोजित 'यूनिवर्सिटी कनेक्ट: एंगेजिंग यंग माइंड्स' कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, "भारत में जितनी विविधता है, उतनी ही विशिष्टता भी है। दुनिया के सामने भारत की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को लाना हमारी जिम्मेदारी है।"
एक बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सरजमीं पर इस सबसे बड़े बहुपक्षीय कार्यक्रम की मेजबानी करने का गौरवशाली अवसर मिला है।
मिश्रा ने कहा, "जी-20 की अध्यक्षता भारत की विविधता को बाहरी दुनिया के सामने पेश करने का एक मौका है। हमारे विश्वविद्यालय स्थानीय इतिहास और महत्वपूर्ण स्थलों, कला-रूपों और अन्य सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में छात्रों को प्रशिक्षित कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र उसके बाद बैठकों के आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं और विदेशी मेहमानों का मार्गदर्शन कर सकते हैं। 
बड़ी संख्या में मौजूद विश्वविद्यालय छात्रों और श्रोताओं को उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों के अलावा प्रकृति की सैर, गांव का दौरा, साप्ताहिक और स्थानीय बाजारों की यात्रा जैसे रोमांचक अनुभव भी प्रदान किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालय मेधावी छात्रों का चयन कर सकते हैं और उन्हें ऐसे सत्रों के प्रतिवेदक बनने के लिए प्रशिक्षित कर सकते हैं।"
दुनिया अभी चुनौतीपूर्ण वक्त से गुजर रही है इसका जिक्र करते हुए मिश्रा ने कहा कि इस वक्त ने अवसर भी पेश किए हैं और भारत ने विश्व में ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों की दिशा में इस बदलाव का नेतृत्व करने में अग्रणी भूमिका निभानी शुरू की है।
उन्होंने कहा, "वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड और इंटरनेशनल सोलर एलायंस जैसी हमारी वैश्विक पहलों को गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50 प्रतिशत तक स्थापित बिजली क्षमता हासिल करने की हमारी घरेलू प्रतिबद्धता का समर्थन मिला है। अगर हमारे जैसा देश रास्ता दिखाता है तो दुनिया को अनुसरण करना ही होगा।" 
जी-20 की अध्यक्षता भारत को उसके "अमृतकाल" के दौरान मिली है। अमृतकाल वो शब्द है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्वतंत्रता शताब्दी की अवधि को परिभाषित करने के लिए इस्तेमाल किया है। मिश्रा ने कहा कि इस प्रक्रिया से संबंधित घटनाओं में "अतिथि देवो भवः" की हमारी परंपरा की झलक मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दूरंदेशी कदमों के महत्व पर बल दिया है, लेकिन उनकी मजबूत जड़ें हमारी संस्कृति में हों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उपस्थिति में उन्होंने 'मिशन लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट' के लॉन्च को याद किया।
मिश्रा ने कहा, "ये लाइफ मिशन एक ऐसा मंत्र है जो हमने दुनिया को दिया है।"
उन्होंने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जिसे भारत लेकर आया, वो एक और मिसाल है कि कैसे भारतीय समाधानों में दुनिया की मदद करने की क्षमता है।

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