स्वास्थ्य संस्थाओं में कोविड-19 हेतु कि गई मॉकड्रिल

 
सभी संसाधनों का किया गया पुनः मूल्यांकन

  भोपाल । कोविड-19 के विभिन्न देशों में हुए प्रकरणों में आकस्मिक प्रगति को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। इस संबंध में तैयारियों की निरंतर समीक्षा कर आवश्यक निर्देश राज्य स्तर से जारी किए जा रहे हैं। कोविड-19 के नए वेरिएंट की त्वरित पहचान व मौजूदा वेरिएंट हेतु संदिग्ध और पुष्ट प्रकरणों का शीघ्र पता लगाने के लिए शीघ्र पहचान , आइसोलेशन, परीक्षण और समय पर प्रबंधन के साथ निगरानी की जा रही है।

   कोविड-19 की आवश्यक तैयारियों की पुनः समीक्षा हेतु जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में 27 दिसम्बर को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । जिसके तहत भोपाल की 26 संस्थाओं में मॉक ड्रिल की गई । जिसमें स्वास्थ्य संस्थाओं की बिस्तर क्षमता , उपलब्ध मानव संसाधन, मानव संसाधन की क्षमतावर्धन, रेफरल सेवाएं, परीक्षण क्षमताएं, दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता, मेडिकल ऑक्सीजन एवं टेली मेडिसन की सेवाओं की समीक्षा की गई।  

     मॉक ड्रिल में जिला चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ,चिन्हित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, एम्स, ईएसआई, निजी क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों ,गैस राहत चिकित्सालय, रेलवे, ईएसआई, कस्तूरबा चिकित्सालय एवं चिह्नित निजी चिकित्सालय शामिल रहे। इन अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन युक्त आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बेड की समीक्षा की गई। उपलब्ध मानव संसाधन के अंतर्गत डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, आयुष डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता ,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, फ्रंटलाइन कार्यकर्ता तथा ग्राम स्तर के अन्य कार्यकर्ताओं की उपलब्धता का आंकलन किया गया एवं तकनीकी स्टाफ के प्रशिक्षण की स्थिति को देखा गया । 
   इसके साथ ही पी.एस.ए. संयंत्रों के संचालन की स्थिति को जांच आ गया। रेफ़रल सेवाओं के अंतर्गत एडवांस और बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एवं पीपीपी मोड के तहत कार्यात्मक एंबुलेंस एवं कॉल सेंटर की स्थिति का पुनः परीक्षण किया गया । 
    कोविड-19 की जांच हेतु आरटीपीसीआर एवं रैपिड एंटीजन किट की उपलब्धता, रिएजेंट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है । कोविड-19 के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों के साथ-साथ वेंटिलेटर पीपीई किट, एन 95 मास्क, नेबुलाइजर ,ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,ऑक्सीजन सिलेंडर , पीएसए प्लांट , लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन, स्टोरेज टैंक, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम को परखा गया। साथ ही टेलीमेडिसिन सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई।  
     मॉकड्रिल की रिपोर्ट को कोविड-19 इंडिया पोर्टल पर अपलोड किया जावेगा। जिससे कि कोविड-19 के संबंध में सभी तैयारियों का पुनः मूल्यांकन किया जा सके।

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