पाँचवा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 13 जनवरी से

अर्थव्यवस्था, चीन और पाकिस्तान के साथ राजनयिक सम्बन्ध, विज्ञान, रामायण, महाभारत, उपनिषद व पुराण, देवदासी परंपरा, वास्तुकला सहित भारतीय सिनेमा, एल जी बी टी क्यू, रक्षा रणनीति, पर्यावरण और वन्य जीवन तक विभिन्न विषयों पर होगा बौद्धिक विचार विमर्श.
उद्घाटन सत्र में होगा गुंदेचा बंधुओं का गायन और समापन में लता मुंशी की प्रस्तुति तथा विभिन्न पुरुस्कारों का वितरण. 
भोपाल । पाँचवा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) जनवरी 13 से 15 तक बहु कला केंद्र भारत भवन में आयोजित किया जाएगा. तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में बड़ी संख्या में जाने-माने विचारक, लेखक, पूर्व नौकरशाह, पर्यावरणविद और अन्य हस्तियां शामिल होंगी। इस दौरान विभिन्न विषयों पर 60 से अधिक परिचर्चाओं के साथ साथ पुस्तक विमोचन, प्रश्नोत्तरी, गीत संगीत, पुस्तक प्रदर्शनी व पुरुस्कार वितरण जैसी विभिन्न साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी. 
उक्त आशय की जानकारी आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पूर्व आईएएस अधिकारी एवं बीएलएफ का आयोजन करने वाली संस्था सोसाइटी फॉर कल्चर एंड एनवायरनमेंट के अध्यक्ष, राघव चंद्रा ने दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष के प्रमुख आकर्षण होंगे श्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री (बीजेपी पर एक पुस्तक के लेखक), कबीर बेदी, टाटा संस के निदेशक आर गोपालकृष्ण, पूर्व राजनयिक टीसीए राघवन, शरत सभरवाल, लेखक और पत्रकार स्वपन दासगुप्ता, नीति आयोग के पूर्व प्रमुख मोंटेक सिंह अहलुवालिया और उनके बाद बने अध्यक्ष राजीव कुमार, इकोनॉमिक्स टाइम्स के एडिटर टी के अरुण, समाजशास्त्री स्वपन दासगुप्ता, पूर्व सीएजी और क्रिकेट प्रशासक विनोद राय, ज्ञानपीठ अवार्डी दामोदर मौजो, पंजाब के पूर्व सीएस रमेश इंदर सिंह जिन्होंने 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार पर एक किताब लिखी है। दिव्य भानु सिंह चावड़ा जिन्होंने चीता पर अनुसन्धान करके प्रस्तावित किया कि चीता को लाया जाए, वर्ल्ड वाइड फण्ड के निदेशक रवि सिंह, चिन्तक अनीता भोगले और अपर्णा पिरमला, रुजुता दिवेकर (जानी-मानी न्यूट्रीशनिष्ट व एक्सरसाइज साइंस एक्सपर्ट), भारतीय-अमेरिकी वास्तुकार क्रिस्टोफर बेनिंजर और फोटोग्राफर आदित्य आर्य और गणितज्ञ प्रोफेसर एसके बंडी और मुंबई आईआईटी के डॉ दाणी, पद्म श्री कत्थक डांसर शोभना नारायण, फेमिना की एडिटर सत्य सरन इत्यादि.
उन्होंने कहा कि इस फेस्टीवल का उद्देश्य युवाओं में अच्छे साहित्य के प्रति रूचि जाग्रत करना है. हमारा प्रयास इस आयोजन को ’ज्ञान उत्सव’ के रूप में विकसित करना है। चंद्रा ने कहा कि इस साल रामायण, महाभारत, उपनिषद व पुराण, देवदासी परंपरा, वास्तुकला सहित भारतीय सिनेमा, एल जी बी टी क्यू, देश की रक्षा रणनीति, पर्यावरण और वन्य जीवन तक विभिन्न विषयों पर होगा बौद्धिक विचार विमर्श. उन्होंने कहा कि इस बार स्थापित लेखकों के साथ-साथ हमने नए विचारकों को भी आमंत्रित किया है।
उन्होंने भोपाल के पुस्तक-प्रेमियों और रचनात्मक लोगों से ज्ञान की विभिन्न धाराओं को आत्मसात करने के लिए बड़े पैमाने पर आगे आने और इस समृद्ध और बौद्धिक रूप से जीवंत आयोजन में भाग लेने की अपील की ताकि इसे एक भव्य सफलता मिल सके।
दर्शकों के लिए साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रश्नों को आकर्षक पुरस्कारों के साथ पूरे कार्यक्रम के सत्रों के बीच अंतरित किया जाएगा। हमारा गंतव्य तब हासिल होगा जब मध्य प्रदेश किताबों के क्षेत्र में अग्रणी हो, और भोपाल हर घर में किताबें हों, और होटल्स में भी टीवी के साथ साथ किताबें भी हों. 
उन्होंने यह भी बताया कि फेस्टिवल के दौरान पद्म श्री भालू मोंधे कि कृतियों की प्रदर्शनी भी लगेगी. साथ ही राज्य स्तरीय कविता प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबले भी आयोजित होंगे.

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