Budget 2023: प्री-बजट मीटिंग खत्म, वित्त मंत्री ने सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार का दिया आश्वासन


new dehli . Budget 2023: केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट 2023-24 के लिए सप्ताह भर चलने वाली बजट पूर्व बैठकें सोमवार को संपन्न हुईं। बजट पर मंथन को लेकर अब तक आठ दौर की चर्चा में शामिल हुई हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वर्ष 2023-24 के लिए बजट तैयार करते समय सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 नवंबर (सोमवार) को नई दिल्ली में आयोजित बजट पूर्व 8वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वित्त वर्ष 2023-24 के बजट के कई मुद्दों पर चर्चा की। वित्त मंत्री के समक्ष श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को रखा।
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बजट पूर्व बैठक में वित्त मंत्री के साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और डॉ. भागवत किशनराव कराड, वित्त सचिव टीवी सोमनाथन और मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन समेत 7 हितधारक समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले 110 से भी अधिक आमंत्रित व्यक्तियों ने भाग लिया ।

बजट को लेकर अलग-अलग सुझाव द‍िये गए

बजट को लेकर द‍िए गए सुझावों में पर्सनल इनकम टैक्‍स में कटौती, रोजगार सृजन के लिये कार्यक्रम तैयार करने, अर्थयवस्था को बूस्‍ट करने के ल‍िए खर्च बढ़ाने और कुछ उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे सुझाव म‍िले हैं। बजट पर चर्चा की शुरुआत 21 नवंबर से उद्योग जगत के साथ बैठक से हुई। अर्थशास्त्रियों के साथ विचार- विमर्श के साथ ही 28 नवंबर को इसका समापन हुआ। फाइनेंश‍ियल ईयर 2023-24 का बजट संसद में 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्‍स कम करने का सुझाव

वित्त मंत्रालय की जानकारी के अनुसार अलग-अलग प्रतिनिधियों ने बजट को लेकर कई सुझाव द‍िए। इसमें रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये शहरी रोजगार गारंटी कार्यक्रम लाने, एमएसएमई (MSME) की सहायता के लिये ग्रीन सर्ट‍िफ‍िकेशन की व्यवस्था और आयकर को युक्तिसंगत बनाने के सुझाव शामिल हैं। इसके अलावा घरेलू स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने की योजना, इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्‍स कम करने, हरित हाइड्रोजन के लिये भारत को एक केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के उपाय शाम‍िल हैं।

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि हितधारक समूहों के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट के लिए कई सुझाव दिए गए हैं जिसमें एमएसएमई की मदद के लिए हरित प्रमाणन का एक तंत्र बनाने की बात भी कही गई है । उनकी मांगों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए एक शहरी रोजगार गारंटी कार्यक्रम और आयकर में कटौती की मांग भी शामिल है। घरेलू आपूर्ति शृंखला में सुधार के लिए योजना बनाने, बच्चों के लिए एक पोर्टेबल सामाजिक लाभ स्कीम लाने व ईएसआईसी के तहत असंगठित श्रमिकों का कवरेज बढ़ाने जैसी मागें भी बजट पूर्व बैठकों में सामने आईं हैं।

GST की 48वीं बैठक 17 दिसंबर को

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 48वीं बैठक 17 दिसंबर को होगी। इसकी जानकारी GST काउंसिल ने ट्वीट करके दी है। काउंसिल ने ट्विटर पर लिखा है कि GST काउंसिल की 48वीं बैठक 17 दिसंबर, 2022 को वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये होगी।
https://twitter.com/GST_Council/status/1596183614559256576?s=20&t=BK_QnNAOmwlHrQlRoacTBA

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