सरकार और मीडिया के बीच पुल की तरह काम करता है पीआईबीः सिद्धार्थ बहुगुणा

दो तरफा संवाद को बढ़ावा देने की प्रक्रिया है मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप': अपर महानिदेशक श्री प्रशांत पाठराबे


जबलपुर । पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) सरकार और मीडिया के बीच एक पुल की तरह काम करता है। पीआईबी द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जाता है और जमीनी स्तर पर इन योजनाओं के कार्यान्वयन का फीडबैक भी सरकार को देने का कार्य किया जाता है। यह बात जबलपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री सिद्धार्थ बहुगुणा ने पीआईबी, भोपाल द्वारा मंगलवार को जबलपुर में आयोजित मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने जबलपुर में मीडिया कार्यशाला वार्तालाप आयोजित करने के लिए पीआईबी को धन्यवाद दिया और कहा कि समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित होती रहनी चाहिए। श्री बहुगुणा ने देश की आजादी की लडाई मे पत्रकारिता के योगदान को याद किया और कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सिस्टम में कुछ ऐसा व्यवस्था होनी चाहिए जिससे 'फर्जी' और 'असली' पत्रकारों की पहचान की जा सके।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए पीआईबी, भोपाल के अपर महानिदेशक श्री प्रशांत पाठराबे ने कहा कि मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' दो तरफा संवाद को बढ़ावा देने की एक प्रक्रिया है। साथ ही इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं के बारे में मीडियाकर्मियों को सेंसिटाइज भी किया जाता है ताकि वे इन योजनाओं की बारीकियों को आम जनता तक पहुंचा सकें। उन्होंने पीआईबी द्वारा किये जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की नोडल एजेंसी है जो मीडिया के माध्यम से सूचनाओं का आदान- प्रदान करती है।

कार्यशाला में 'महाकौशल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास एवं कनेक्टिविटी को नया आयाम' विषय पर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक श्री सुमेश बांझल ने एक पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के जरिए महाकौशल में क्षेत्र में NHAI द्वारा राजमार्ग विकास में किए जा रहे कार्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से आम जनता काफी लाभान्वित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाओं से आम जनता के जीवन में काफी बदलाव आया। उन्होंने जबलपुर रिंग रोड परियोजना के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। कटनी बायपास रीवा जबलपुर रोड, सतना मैहर खंड, चित्रकूट मैहर मार्ग इत्यादि जैसे महाकौशल और विंध्य क्षेत्र की तमाम योजनाओं से आम जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी जिक्र किया। 

कार्यशाला को 'कृषि विकास में नई तकनीक एवं नवाचारों का महत्व' विषय पर जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश गुप्ता ने एक पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कृषि विकास में माइक्रो इरिगेशन, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस टेक्नॉलॉजी की बारीकियों से मीडिया कर्मियों को रूबरू कराया। उन्होंने कि ड्रॉप इरिगेशन, स्रिंपकल इरिगेशन, रेन हाउस इरिगेशन इत्यादि सिंचाई के तरीकों के बारे में बताया और उससे होने वाले फायदों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'मोर क्रॉप पर ड्रॉप' के नारे का जिक्र करते हुए सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई प्रणाली के बारे में भी बताया। उन्होंने फर्टिगेशन तकनीक के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक से होने वाले फायदों को भी गिनाया। उन्होने कहा ड्रोन तकनीक से भी कृषि विकास को काफी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तो ड्रोन की कस्टम हायरिंग से उपयोग हो रहा है। डॉ. राजेश ने कहा रिमोट सेंसिंग से किसानों के आय में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आप अपने मोबाइल के जरिए भी रिमोट सेंसिंग के एपलिकेशन का उपयोग कर सकते हैं। कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकार श्री दुर्गेश कुमार ने कहा कि कोविड महामारी की मार पत्रकारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ी है। उन्होंने हर पत्रकार को आयुष्मान योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने का सुझाव दिया।

कार्यशाला में सीबीसी, जबलपुर की सहायक निदेशक सुश्री वर्षा शुक्ला पाठक ने भी हिस्सा लिया। जबलपुर के जाने-माने बहुत सारे मीडियाकर्मियों ने कार्यशाला में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इसको सुशोभित किया । कार्यशाला में मंच संचालन पीआईबी, भोपाल के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री प्रेम चन्द्र गुप्ता ने किया।

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