जी.आर.बी. तथा के.बी.डिवीजन की समन्‍वय टीम का प्रभारी तथा एक अन्‍य नक्‍सली सीधी मुठभेड़ में धराशायी



नक्‍सल विरोधी अभियान में मिली बड़ी सफलता

मृत नक्‍सलियों पर था 43 लाख का ईनाम

भोपाल । पुलिस महानिरीक्षक (नक्‍सल विरोधी अभियान) फरीद शापू ने बताया कि मध्‍यप्रदेश पुलिस के नक्‍सल विरोधी अभियान के तहत हॉक फोर्स के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को दो ईनामी नक्‍सली को मारने में सफलता मिली है। जिसमें डीवीसीएम (डिवीजन कमेटी मेम्बर) तथा प्रभारी, समन्‍वय टीम एम.एम.सी.जोन नक्सली गणेश मड़ावी एवं ए.सी.एम./कमांडर (भोरमदेव एरिया कमेटी-पीएल 2) नक्‍सली राजेश मारा गया है। साथ ही इनसे एक एके-47 तथा एक 315 रायफल बरामद हुई है।

2 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक माओवादियों द्वारा मनाये जाने वाले पी एल जी ए सप्ताह के दृष्टिगत विगत कुछ समय से बालाघाट जिले के सूपखार वन क्षेत्र (मंडला तथा कवर्धा, छग सीमावर्ती) में नक्सली गतिविधियों की लगातार आसूचना प्राप्त होने पर बुधवार  30 नवम्‍बर 2022 को नक्सलियों की तलाश में हॉकफोर्स की पार्टी सर्चिग में रात्रि एक बजे रवाना हुई। ठंड, सघन जंगल तथा दुर्गम पहाड़ो पर तलाशी तथा नक्‍सलियों के आने के संभावित रास्‍तों पर एम्‍बुश तथा सर्चिंग करते हुए पुलिस पार्टी प्रात: वन विभाग के नाका के पास पहुँची। नक्सलियों ने आहट पाकर पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की। पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी संतुलित फायरिंग की गई। जो कि लगभग 11 बजे तक जारी रही।

फायरिंग रुकने के कुछ देर बाद पुलिस बल द्वारा घटना स्थल का सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें दो पुरुष नक्सली के शव बरामद हुए। वर्दीधारी पुरुष नक्सली की पहचान जीआरबी डिवीजन के डीवीसीएम (डिवीजन कमेटी मेम्बर) एवं प्रभारी, समन्‍वय टीम एम.एम.सी.जोन गणेश मड़ावी उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी थाना ग्येराहपत्ती जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र के रूप में हुई। गणेश पर मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ द्वारा संयुक्त रूप से 29 लाख का इनाम घोषित था। दूसरे नक्सली की शिनाख्त ए.सी.एम./कमांडर (भोरमदेव एरिया कमेटी-पीएल 2) राजेश उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी पश्चिम बस्तर छत्‍तीसगढ़ के रूप में हुई। इस पर मध्यप्रदेश शासन, महाराष्ट्र शासन तथा छत्तीसगढ शासन द्वारा संयुक्त रूप से 14 लाख का इनाम घोषित था। 

इन दोनों नक्सलियों पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। मध्‍यप्रदेश के इतिहास में यह प्रथम अवसर है जब पांच माह के अंतराल में दो बड़ी मुठभेड़ों में पांच दुर्दान्‍त माओवादियों को धराशायी कर आधुनिक आटोमेटिक हथियार जब्‍त किए गए हैं।
पूर्व में यह माओवादी गतिविधियों की सबसे हिंसक बटालियन नंबर 1 में दुर्दांत कमांडर हिडमा के साथ काम कर चुका है । वर्ष 2015 में इसे विस्तार हेतु एसजेडसीएम सुरेन्द्र उर्फ कबीर (निवासी सुकमा) के साथ पहली खेप में जीआरबी भेजा गया था। जहां से यह अमरकंटक तक माओवादी गतिविधियें के विस्तार हेतु वर्ष 2016 में गठित पीएल-2 (भोरमदेव एरिया कमेटी) में भेजा गया। डीव्हीसी दिवाकर के आत्मसर्मण पश्चात पीएल-2 के डिप्टी कमांडर के पद पर कार्यरत था । इसके विरूद्ध म0प्र0 में 13 तथा छ0ग0 में 05 अपराधिक प्रकरण दर्ज है।

 

 


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