मुरलीधर प्र-भारी, या बीजेपी पर भारी, विपक्ष से ली सुपारी


मुरलीधर राव के विवादित बयान क्या इशारा करते हैं
वैसे ही माहौल खिलाफ, ऊपर से पार्टी को तोड़ने वाले बयान
पूर्व में प्रदेश प्रभारी पर फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों की धोखाधडी के लगे थे आरोप

भोपाल। विभीषण वह है जो भाई के दुश्मन से जाकर मिल गया था और जिसने अपने ही भाई मौत का राज बताया था जिससे भाई की मौत हुई थी। लेकिन भाई की मौत के बाद उन्हें राजपाट प्राप्त हुआ था। 
यहां पर बात हो रही है आज के विभीषण की कि आज कौन विभीषण है और कौन राम व रावण। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने दो दिन पहले एक सभा में सार्वजनिक तौर पर बयान में अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों व्व मंत्रियों के लिए संबोधित किया था। यह va पदाधिकारी हैं जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जिससे कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आने से गिर गई थी उसके बाद बीजेपी की सरकार बनी । जिन्होंने बीजेपी की सरकार बनाई आज वह मुरलीधर राव के लिए विभीषण हो गए। द्वापर में तो राम चंद्र जी ने विभीषण को पहले राज्याभिषेक किया था उसके बाद स्वयं अयोध्या के राजा बने थे। लेकिन यहां पर विभीषण को राजा तो बनाया नहीं उन्हें मंत्री बनाकर (दरबारी )खुश करने की कोशिश की जो नाकाफी रही। लेकिन बीजेपी में आने के बाद उन्हें विभीषण की उपाधि से जरूर नवाजा जा रहा है। 

ब्राह्मण बनिया मेरी जेब में 

मुरलीधर राव जब प्रदेश प्रभारी बनकर आए थे तभी उन्होंने एक विवादित बयान दिया था कि मेरी एक जेब में ब्राह्मण और दूसरी जेब में बनिया रहते है। उसके बाद दोनो समाज काफी नाराज हुए और बीजेपी की बहुत किरकिरी हुई थी तब संगठन के दबाव में मुरलीवधार राव ने माफी मांगी थी।

राव पर 2016 में गुजरात में 2,17 लाख की धोखाधडी के लगे थे आरोप
भाजपा महासचिव रहे मुरलीधर राव सहित 8 लोगों पर निर्मला सीतारमण के फर्जी साइन करने का मामला दर्ज किया गया था
शिकायत में कहा गया है कि मुरलीधर ने फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के फर्जी लेटरहेड पर तत्कालीन वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण के हस्ताक्षर किए।


बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव के खिलाफ वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली संस्था फार्मेक्सिल में एक पद का वादा करके कथित रूप से 2.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दंपति ने राव, उनके करीबी विश्वासपात्र किशोर राव और छह अन्य पर अक्टूबर 2016 में धोखा देने का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर करने के बाद एक स्थानीय अदालत के निर्देश पर सरूरनगर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की थी।
सरूरनगर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर ई श्रीनिवास ने कहा कि आईपीसी की धारा 420, 406, 468, 471 और 506 (120-बी के साथ पढ़ें) के तहत मंगलवार को मामला दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता टी प्रवरना रेड्डी ने आरोप लगाया कि राव के करीबी दोस्त ईश्वर रेड्डी ने फार्मेक्सिल के निदेशक के पद का वादा करते हुए उनसे और उनके पति से संपर्क किया था। उसने कथित तौर पर उन्हें शीर्ष पद का वादा करने वाले सीतारमण द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र दिखाया और दंपति से 2.17 करोड़ रुपये लिए।
 शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ईश्वर रेड्डी ने दावा किया कि मुरलीधर के करीबी विश्वासपात्र कृष्ण किशोर राव काम करवा देंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें एक पत्र दिखाया गया था, जिसमें निर्मला सीतारमण के हस्ताक्षर लेकिन वास्तव में यह राव द्वारा जाली थे। हालांकि, पैसे लेने के बाद, ईश्वर रेड्डी ने कथित तौर पर मामले में देरी की। जब उन्होंने रेड्डी पर दबाव डाला, तो उन्होंने राशि वापस करने का वादा किया, लेकिन ऐसा नहीं किया, उन्होंने आरोप लगाया। महिला ने कहा कि वे पिछले दो साल से अपना पैसा वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

बीजेपी प्र -भारी राव क्या विपक्ष की भूमिका में

 बीजेपी के प्रदेश में बीजेपी संगठन ने जबसे मुरलीधर राव को प्र-भारी बनाया है तभी से वह कभी ब्राह्मण को तो कभी बनिया के खिलाफ बयान देते हैं तो कभी जिन्होंने प्रदेश में सरकार बनवाई उन्हें विभीषण (गद्दार) की उपाधि से नवाज रहे है। उससे पहले पत्रकारों की मित्रता पर भी सवाल उठा चुके हैं। जिसक्टार से यह लगातार विवादित बयान दे रहे हैं उससे लगता है की यह बीजेपी के लिए का कांग्रेस के लिए अधिक काम कर रहे है। विपक्ष का काम यह खुद बखूभी ईमानदारी से निभा रहे है। 
 बयान देने से यह साफ कर दिया की सिंधिया खेमे के कार्यकर्ता और मंत्री, विधायक उन्हें रस नहीं आ रहे हैं । वहीं सिंधिया खेमा विभीषण वाले बयान से समझ गया होगा की उनकी यहां पर क्या बिसात है। 

एक कहावत सही बैठ रही है कि

हलुआ मिले न माड़े, दोऊ दीन से गए पांडे

खेर जो भी हो यह बयान नाही बीजेपी के लिए ठीक हैं और नाही सिंधिया जी के साथ आए नेताओं के लिए। अब ऐसा न हो की आने वाले समय में चुनाव से पहले एक बार फिर सिंधिया अपना पाला बदलने को मजबूर हो जाएं। उस स्थिति में बीजेपी की नैया डूब सकती है क्यों की गोबर जब जमीन पर गिरता है तो मिट्टी साथ में लेकर ही उठता है। 

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PRAJA PARKHI: मुरलीधर प्र-भारी, या बीजेपी पर भारी, विपक्ष से ली सुपारी
मुरलीधर प्र-भारी, या बीजेपी पर भारी, विपक्ष से ली सुपारी
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