फ्रेंकलिन टेम्पलटन के एपीएसी इन्वेस्टर फोरम 2022 में एक्सपर्ट्स ने अगले दशक के लिए इन्वेस्टमेंट रोडमैप और अवसरों पर विचार साझा किए

मुंबई। फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने सिंगापुर में एक हाइब्रिड इवेंट एपीएसी इन्वेस्टर फोरम 2022 को होस्ट किया। इसका उद्देश्य स्पेशलिस्ट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट टीम्स के कलेक्शन से सीआईओ और पोर्टफोलियो मैनेजर्स सहित इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स के पैनल को एक साथ लाना है, ताकि आज के बढ़ते मैक्रो वातावरण और अगले दशक के लिए संभावित इन्वेस्टमेंट रोडमैप पर चर्चा की जा सके, जिसका मौजूदा समय में इन्वेस्टर्स सामना कर रहे हैं।
स्टीफन डोवर, चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट और हेड- फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित सीआईओ पैनल में, पैनलिस्ट्स ने मंदी और बदलते आर्थिक परिदृश्य के संभावित वास्तविक और वित्तीय प्रभाव में अपने विचार साझा किए।
वैश्विक मंदी की संभावना, चीन के दृष्टिकोण और इन्वेस्टर्स के लिए इम्प्लिकेशन्स पर टिप्पणी करते हुए डोवर ने कहा जबकि कई इंडीकेटर्स अगले 12 महीनों में मंदी की उच्च संभावना की ओर इशारा करते हैं, संभावित गंभीरता अभी-भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न बना हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि एशिया, मुद्रास्फीति के मामले में अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, क्योंकि यहाँ उच्च आवास कीमतों और श्रम की कमी का मुद्दा उतना तीव्र नहीं है, जितना कि यूरोप जैसे स्थानों में है। चीन में दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में, गतिशीलता अलग रूप ले रही है और यदि मोनेटरी पॉलिसी सहज रहती है और कोविड रेस्ट्रिक्शन्स में कमी आँकी जाती है, तो अर्थव्यवस्था के बेहतर होने की उम्मीद है। निकट और दीर्घावधि दोनों में चीन के विकास पथ के संदर्भ में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चीन के संबंध एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा।
मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण और फिक्स्ड इनकम मार्केट्स में अवसरों पर टिप्पणी करते हुए सोनल देसाई, चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन फिक्स्ड इनकम, ने कहा:
मेरा मानना है कि वित्तीय बाजारों की तुलना में मुद्रास्फीति अधिक स्थिर साबित होगी। 9-10% की दर से नीचे आना तुलनात्मक रूप से आसान होता है, क्योंकि इसमें ऊर्जा की जरुरत कम हो जाती है; लेकिन इसे 2% तक नीचे लाना बहुत कठिन होगा। फेड को फेड फंड दर को लगभग 5.25% तक लाने की आवश्यकता होगी और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इसे लम्बे समय तक बरकरार रखना होगा। अन्य वैश्विक सेंट्रल बैंक्स को भी सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने की आवश्यकता होगी। दूसरी तरफ, मेरा मानना है कि हम सिर्फ यूएस में मध्यम मंदी देख रहे हैं, और यह एशिया और शेष विश्व के लिए कुछ हद तक सहायक सिद्ध होगा। फिक्स्ड इनकम में उच्च प्रतिफल नए अवसर पैदा कर रहा है, जो कि अंततः फिर से आय उत्पन्न करना शुरू कर रहा है। प्रतिफल में और वृद्धि होने की संभावना है, लेकिन जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, इन्वेस्टमेंट ग्रेड बॉन्ड्स और अमेरिकी ट्रेज़रीस सबसे पहले लाभान्वित होने की कतार में है।
आगामी कुछ तिमाहियों में उच्च प्रतिफल और उभरते बाजारों जैसे जोखिम वाले परिसंपत्ति वर्गों को देखते हुए मेरा मानना है कि सेलेक्टिव सिक्योरिटी सिलेक्शन, इन्वेस्टर्स को प्रतिफल से लाभान्वित करना शुरू कर देगा, जो कई मामलों में अब 10% से ऊपर चल रहा है। मेरी चिंताओं की सूची में सबसे ऊपर, डेढ़ दशक की अल्ट्रा-लूज़ मोनेटरी पॉलिसीज़ का परिणाम है, जिसके कारण बाजारों में बहुत अधिक जोखिम उठा है, जिसके परिणामस्वरूप अब अस्थिरता और परिवर्तनशीलता का दौर चल रहा है। यूके के बॉन्ड की कीमतों और एफएक्स में अचानक गिरावट या यूएस क्रिप्टो एसेट्स में मौजूदा समस्या विचारणीय है। हमें एक बड़ा झटका लग सकता है, जो वैश्विक वित्तीय बाजारों और यह एशिया को प्रभावित करेगा, यह महज़ एक विचार है।
वैश्विक और उभरते बाजार इक्विटी के दृष्टिकोण पर टिप्पणी करते हुए मनराज सेखोन, हेड, टेम्पलटन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स, ने कहा:
वैश्विक वित्तीय स्थितियों में तंगी और बढ़े हुए भू-राजनीतिक वातावरण ने कहीं न कहीं विरोध को प्रेरित किया है, जिसने वर्ष 2022 के अधिकांश समय में एक जटिल बाजार की स्थापना की है। इन स्थितियों में कुछ विगलन के संकेत बताते हैं कि वर्ष 2023 में बाजार का दृष्टिकोण काफी अलग साबित होगा। जैसा कि हम अगले 12 महीनों की ओर देखते हैं, इन्वेस्टर्स को आकर्षक मूल्यांकन और सहज नीति दृष्टिकोण के साथ अल्पावधि में निरंतर बिगड़ते बुनियादी सिद्धांतों का सामना करना होगा। यह एक मध्यम से दीर्घ अवधि के दृष्टिकोण के साथ सक्रिय स्टॉक पिकर के लिए विश्व स्तर का स्थान प्रदान करेगा।



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