Pakistan: संकट में दिवालिया पाकिस्तान, राजनीतिक अनिश्चितता से हालात और गंभीर: Latest News

Shehbaz Sharif

पाकिस्तान (Pakistan) दिवालिया होने की कगार पर है ऐसे हालातों में उससे जो उम्मीद की जा रही है वह बहुत ज्यादा है. राजनीतिक अनिश्चितता के चलते पाकिस्तान के हालातों पर मानो दोहरी मार पड़ रही है. दूसरी तरफ देश के सत्ताधारी ‘अभिजात वर्ग’ से नाराज और दुखी पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान लगभग रोज ये बताने से नहीं चूकते कि उन्हें कैसे बेदखल किया गया और अब उन्हें अपनी हत्या का डर है. इस बीच सत्तारूढ़ PML-N के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने भाई पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से सलाह लेने के लिए अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ लंदन गए थे.

इस दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) घटकर मात्र 10.5 अरब डॉलर रह गया है, जो 40 दिनों से ज्यादा के आयात बिल को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. अप्रैल में पाकिस्तान का मासिक आयात बिल 6.6 अरब डॉलर था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10.5 बिलियन डॉलर में चीन का 4 बिलियन डॉलर, सऊदी अरब का 3 बिलियन डॉलर और यूएई का 2.5 बिलियन डॉलर शामिल है.

आगे के लिए मुश्किल विकल्प

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दो विकल्पों में से एक को चुनना होगा: पहला पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान के आक्रामक रुख को कम करने के लिए अगले आम चुनाव की तारीख की घोषणा करना या दूसरा हार मानने से इनकार करना और मौजूदा आर्थिक संकट को नियंत्रित करने की कोशिश करना. रविवार को पंजाब के फैसलाबाद में एक रैली में इमरान खान ने कहा कि वे 20 मई को इस्लामाबाद के लिए लॉन्ग मार्च की तारीख की घोषणा करेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों की एक सुनामी देश की राजधानी में पहुंचेगी और आम चुनाव की अगली तारीख दिए जाने तक वापस नहीं लौटेगी.

14 मई को इमरान ने उनकी हत्या की साजिश रचने की बात भी कही थी. इमरान ने कहा कि उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया है जिसमें उन सभी लोगों के नाम हैं जो उनकी सरकार को हटाने की कथित साजिश में शामिल थे. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो उस वीडियो को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. देश के बिजनेस, इकोनॉमी और पॉलिटिक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान दिवालिया हो रहा है और देनदारों को उनके पैसे चुकाने की स्थिति में नहीं है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये में तेजी से आती गिरावट से उनका यह डर और बढ़ रहा है – शनिवार को एक डॉलर की कीमत लगभग 195 पाकिस्तानी रुपये के बराबर थी.

वरिष्ठ पत्रकार सैयद तलत हुसैन ने ट्वीट किया: ‘(PML-N Quaid) नवाज शरीफ ने सत्ता में इमरान के खराब प्रदर्शन की राजनीतिक कीमत नहीं चुकाने का फैसला किया है. हालांकि शहबाज़ शरीफ के पास अब विधानसभा को भंग करने और नए सिरे से चुनाव कराने के अलावा बहुत कम विकल्प बचे हैं.’ इस बीच डिप्टी स्पीकर के फैसले और बाद में नेशनल असेंबली को भंग करने के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को रोककर संविधान को “तोड़ने” के लिए पीटीआई नेताओं के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत कार्यवाही शुरू करने के लिए सरकारी सांसदों के बीच बहस शुरू हो गई है.

कोई नया बेलआउट पैकेज नहीं

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी हालिया यात्रा के दौरान सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित अपने मित्र देशों से कोई नया बेलआउट पैकेज प्राप्त करने में सफल नहीं हुए हैं. पाकिस्तान सरकार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अधिकारियों के बीच 18 मई को दोहा में एक बैठक होने की संभावना है क्योंकि देश के पास दिवालिया होने से बचने के सीमित विकल्प बचे हैं. इसकी वजह है यह कि उसे तुरंत कोई बड़ी वित्तीय सहायता नहीं मिल पाई है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि 15 मई से फ्यूल सब्सिडी को वापस लेने की सरकार की इच्छा के आधार पर दोनों पक्षों ने प्रोग्राम को फिर से जीवित करने और इसकी समय सीमा और आकार को 8 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने की चर्चा के लिए कतर में मिलने की अस्थायी रूप से योजना बनाई है. अधिकारियों ने कहा कि IMF ने सरकार को सूचित किया है कि वह एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी के रिवाइवल पर पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए 18 मई को एक सप्ताह के लिए एक मिशन दोहा भेज सकता है. हालांकि फ्यूल सब्सिडी पर फैसला शहबाज शरीफ को लेना होगा.

सऊदी अरब, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ नए ऋण सौदों को अंतिम रूप देने में हो रही देरी के चलते विकास के लिए जो निर्णय लिए जाने हैं उनमें देरी हो रही है. पिछले साल पाकिस्तान ने 3.8 प्रतिशत की ब्याज दर पर स्थगित भुगतान (deferred payment) पर 1.2 बिलियन डॉलर की सालाना तेल सुविधा (प्रति माह 100 मिलियन डॉलर) हासिल की थी. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है सऊदी अरब ने इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक की वाणिज्यिक शाखा – इंटरनेशनल इस्लामिक ट्रेड फाइनेंस कॉरपोरेशन (ITFC) से तेल सुविधा प्राप्त करने या अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) फंड से पाकिस्तान को सुविधा प्रदान करने की पेशकश की है.

हालांकि ITFC और OPEC फंड सुविधाएं पाकिस्तान की मांग से अलग होंगी. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास पहले से ही 4.5 प्रतिशत ब्याज दर पर ITFC की तेल सुविधा मौजूद है.

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