तीन कृषि कानूनों की वापसी पर लगी संसद की मुहर, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पूरी तरह से होगा खत्म: Latest News

Farmers Protest

संसद के विंटर सेशन के पहले ही दिन आज तीन कृषि कानूनों की वापसी पर संसद की मुहर लग गई. कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पास हो गया. हालांकि विपक्ष कृषि कानूनों की वापसी के बिल पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा. संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बातचीत की और कहा कि देश हित और विकास के लिए संसद में चर्चा हो. संसद में सवाल भी हों और शांति भी हो.

इसके बाद सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई. दोनों सदनों में नए सदस्यों का शपथ ग्रहण हुआ. इसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की, लेकिन भारी शोर शराबे के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हुई.

विपक्ष के विरोध के बावजूद पास हुआ बिल

दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में विधेयक पेश किया और विपक्ष के विरोध के बावजूद बिल को पारित कर दिया गया. दोपहर दो बजे के बाद इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया और ध्वनिमत से उच्च सदन से भी बिल पास हो गया. अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद तीन कृषि कानून खत्म हो जाएंगे. हालांकि बिल वापसी पर नहीं चर्चा कराने को लेकर सदन के बाहर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्लाबोला.

TMC सांसदों ने भी संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि विपक्ष की नाराजगी पर सरकार की तरफ से ये दलील दी गई कि कानून वापसी पर चर्चा नहीं होती है. उधर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के 32 किसान संगठनों ने बैठक की. पंजाब के किसान नेताओं ने कहा कि संसद में कृषि कानून निरस्त करने वाला विधेयक पारित होना हमारी जीत है, लेकिन आंदोलन के आगे के एजेंडा पर चर्चा के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक एक दिसंबर को होगी. एक दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने इमरेजेंसी मीटिंग बुलाई है. माना जा रहा है कि उस दिन संयुक्त किसान मोर्चा कोई बड़ा फैसला ले सकता है.

हंगामा करने वाले 12 सांसदों को आज राज्यसभा से किया गया निलंबित

अब बात मॉनसून सत्र में हुए हंगामे पर शीतकालीन सत्र में लिए एक्शन की. मॉनसून सत्र में हंगामा करने वाले 12 सांसदों को आज राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. इन सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है, यानी विपक्ष के ये सांसद कल से सदन कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकेंगे. कांग्रेस के फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, CPM के एलाराम करीम, CPI के बिनॉय विश्वम, TMC नेता डोला सेन, शांता छेत्री और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई. ये राज्यसभा के उन सांसदों की लिस्ट है, जिन्हें आज निलंबित किया गया.

वहीं इस फैसले को विपक्ष ने अलोकतांत्रिक करार दिया. अब जानिए कि राज्यसभा के इन सांसदों को निलंबित क्यों किया गया? दरअसल संसद के पिछले सत्र यानी मॉनसून सत्र में विपक्षी सांसदों ने एक दिन को छोड़कर हर दिन संसद की मर्यादा तोड़ी. 22 जुलाई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से पेपर छीन लिया गया. 22 जुलाई को ही 24 सांसदों ने सदन का कायदा-कानून तोड़ा. टेहल के ऊपर डांस किया. सांसद और मंत्रियों के बोलते वक्त उनके मुंह के सामने पोस्टर्स लगराए. 30 जुलाई को संसद में विपक्षी सांसदों ने सिटी बजाई.

9 अगस्त को ट्रिब्यूनल बिल पर कुछ सांसद अपनी कुर्सी पर बैठ गए, डिवीजन की डिमांड की उसमें भी सरकार को 79 वोट मिले विपक्ष को 44 वोट मिले थे. हर बार संसद की कार्यवाही के बाद शिकायत होती थी. फिर वो पुरानी बातें छोड़ने की बात करते थे. आगे नहीं हंगामा करने का भरोसा देते थे और हर बार हंगामा करते थे. 11 अगस्त को सदन में हंगामे को देखकर सभापति रो पड़े थे. अब ये जान लीजिए..कि जिन सांसदों को सस्पेंड किया गया है उन्होंने सदन में क्या किया था?

राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन को केंद्र सरकार ने जायज ठहराया

अनिल देसाई ने भी सुरक्षा घेरा तोड़ने और गर्दन पकड़कर मार्शल को चोट पहुंचाने का आरोप है. फूलो देवी नेताम पर चेयर के ऊपर पेपर फेंकने का आरोप है. अखिलेश प्रसाद पर आरोप है कि वो वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे. प्रियंका चतुर्वेदी पर भी पेपर फाड़कर चेयर के ऊपर फेंकने का आरोप है. नासिर हुसैन पर आरोप है कि उन्होंने संजय राउत को सिक्योरिटी कि तरफ ढकेल दिया, उसके बाद बाकी सांसदों ने सिक्योरिटी घेरा तोड़ने की कोशिश की. अनुशासनहीनता के कारण केंद्र सरकार ने राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन को जायज ठहराया. इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि अगर अनुशासनहीनता के आरोपी सभी सांसद सदन के भीतर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हैं तो सरकार सभी निलंबित सांसदों के मुद्दे पर खुले दिमाग से विचार कर सकती है.

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PRAJA PARKHI: तीन कृषि कानूनों की वापसी पर लगी संसद की मुहर, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पूरी तरह से होगा खत्म: Latest News
तीन कृषि कानूनों की वापसी पर लगी संसद की मुहर, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पूरी तरह से होगा खत्म: Latest News
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