Lootghar: गाजियाबाद में मौत के साए में जी रहे हैं अलकनंदा और मंदाकिनी टॉवर के निवासी, कभी भी ढह सकती हैं जर्जर इमारतें: Latest News

गाजियाबाद के वैशाली में खड़ी अलकनंदा और मंदाकिनी नाम की ये इमारतें कभी भी बैठ सकती हैं.नगर निगम ने इन्हें ख़तरनाक घोषित कर दिया है. फिर भी 30 साल पुरानी इस बिल्डिंग में करीब 150 परिवार जान हथेली पर लेकर रह रहे हैं. जिस इमारत के बेसमेंट में हूं वो नौ मंजिल है. ये पिलर देखिए.तीस साल पुरानी इमारत की हालत देखिए.जितने भी पिलर हैं. सबके यही हलात हैं. जर्जर सीमेंट बाहर छड़ें दिख रही हैं. निगम ने जीडीए को भी सूचित किया है कि यहां जो लोग रह रहे हैं, उनकी ज़िंदगी खतरे में है.

हमने इस बिल्डिंग में रहने वाले अमित से पूछा कि आपलोग कहीं और क्यों नहीं शिफ्ट हो जाते हैं? ऐसा है कि हमने जिंदगी भर की पूंजी लोन में लगाई है…हम क्या सड़क पर रहें. ऐसा क्या हुआ कि तीस साल में ही बि्डिंग जर्जर होने लगी. अभी भी जीडीए ने नगर निगम के नोटिस के बाद असेसमेंट कराया था उसमें स्ट्रक्चर के स्ट्रेंथ पर क्वेश्चन था उसमें था कि रेट्रो फिटिंग कराना है.ये डेढ़ दो साल पुरानी बात है तो क्या हुआ ..क्यों नहीं कराई रेट्रो फिटिंग.

पिलर का कभी भी रिपेयरिंग का काम नहीं हुआ

जिस पिलर पर नौ मंजिल की इमारत खड़ी है, उस पिलर का कभी भी रिपेयरिंग का काम नहीं हुआ .मजबूरी है लोगों ने जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगाकर यहां फ्लैट लिया. अब हालात ये है कि उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. (9.34) पिलर्स के क्या कुछ हालात हैं देखिए.यहां जो पत्थर लगाए गए थे, जो सीमेंट लगाया था वो पूरी तरह से निकल चुका है यहां से जो छड़े हैं वो दिख रही हैं.ये भी ढीली है, जिस तरह से हम हाथ से हिला रहे हैं.ये हिलती हुई भी दिखाई देगी.ऐसे में जब बारिश हती है तो डर के साये में लोग रहने को मजबूर हैं.

ज़रा सुनिए इस बिल्डिंग में रहने वाले लोगों को बारिश से कितना डर लगता है.बारिश आ जाती है रात को कभी भी तो हमें निकलकर बाहर आ जाना पड़ता है.डर रहता है कि बिल्डिंग से कभी भी कुछ भी टूटकर गिरने लगता है. रात को तीन बजे बारिश आ गई ना हम उठकर बैठ जाएंगे..बाहर आकर खड़े हो जाएंगे.

कुछ टावर केंद्र सरकार के इनकम टैक्स जैसे विभागों को भी दिए गए. लेकिन अलकनंदा और मंदाकिनी टावर GDA के पास ही रह गए. दोनों इमारतों की खस्ता हालत की शिकायत मिलने पर गाजियाबाद नगर निगम ने वर्ष 2018 में बिल्डिंग की जांच कराई और अपनी रिपोर्ट में कहा कि मरम्मत के बिना इसमें रहना खतरनाक है. इसके बाद GDA ने जामिया मिलिया इस्लामिया के इंजीनियरिंग विभाग से इन दोनों टावरों का सेफ्टी ऑडिट कराया.जिसमें ये निकलकर आया कि दोनों इमारतों को रेट्रो फिटिंग की ज़रूरत है. रेट्रो फिटिंग यानी दरार की.या कमज़ोर हो रहे पिलर की खास तरीके से दोबारा मरम्मत. लेकिन इसके लिए बिल्डिंग में रहने वालों से ही साढ़े तीन करोड़ रुपये मांगे जा रहे हैं.

यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि करोड़ों खर्च कर भी दिए जाएं तो क्या गारंटी है कि बिल्डिंग मरम्मत के बाद ठीक हो जाए.इसलिए रेट्रो फिटिंग कोई विकल्प नहीं है.आज की कंडीशन है कि जो बीम हैं.जो बार्स हैं वो भी रस्टेड हो चुके हैं और निकलरहे हैं.इसका मतलब हुआ कि स्टेबल नहीं हो सकता.रेट्रो फिटिंग हो सकता है..लेकिन वो भी कितने साल चलेगा.ये इमारत 99 की लीज पर हैं.मुझे नहीं लगता कि रेट्रो फिटिंग करेंगे तो ये दस साल भी चल जाएगा.मुझे लगता है कि ये बिल्डिंग को डिमॉलिश करके एक नया टावर खड़ा करें.

बिल्डिंग की क्यों नहीं होती मरम्मत

तो ख़तरे के साये में जीना अब यहां के लोगों की मजबूरी बन गई है..ज़रा सुनिए यहां की महिलाएं क्या कह रही हैं.पैदल ही ऊपर जाते हैं बुजुर्ग तो नीचे उतरते ही नहीं हैं इंद्रप्रस्थ गैस कनेक्शन ने यहां पीएनजी किसी को नहीं दिया कि बिल्डिंग की हालत बहुत जर्जर है…शुरू में एक को दिया..फिर किसी को नहीं दिया.कोई डिलीवरी ब्वॉय ऊपर नहीं आता है..पानी के लिए भी ऊपर कोई आता है तो उसे भी एक्स्ट्रा पे करना पड़ता है…हर चीज के लिए एक्स्टा पे करना पड़ता है.पंद्रह बीस लोग रहते हैं कितना मेंटेन कर लेंगे…पूरी बिल्डिंग तो रिपेयर नहीं करा सकते गवर्नमेंट या जीडीए को ही एक्शन लेना पड़ेगा…अगर कुछ इनोवेट करना है तो हमने जीडीए से पूछा कि आप बिल्डिंग की मरम्मत क्यों नहीं कराते.

जहां लोग मेंटेन नहीं कर रहे हैं, वहां बिल्डिंग की स्थिति खराब हो रही है…इसको हमलोगों ने चेक कराया है…हमने कई डेवलपर्स से बोला है…आप बायर्स से करार कर लीजिए..जितने पेपर वर्क हैं जीडिए करेगा…हमारा पहला प्राइरॉटी है होम बायर्स सुरक्षित रहें. दिक्कत ये है कि बिल्डिंग की मरम्मत का काम भी अपने आप में काफी बड़ा होगा…और उसके लिए इन परिवारों को कुछ दिनों के लिए इमारत को खाली करना होगा.कल आपको लूट घर में एक नई रिपोर्ट दिखाएंगे…इस पूरी सीरीज को विस्तार से देखने के लिए आप tv9hindi.com पर जा सकते हैं..वहां आपको मिलेंगे सीरीज के सारे एपिसोड एक साथ

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