केरल में क्यों ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका है कोरोना वायरस? TV9 की इस पड़ताल में निकल कर सामने आई सच्चाई: Latest News

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क्या कोरोना से लड़ाई में देश की मेहनत पर केरल पानी फेर देगा. ये सवाल, ये आशंका इसलिए क्योंकि केरल में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका है. हालात हाथ से निकलते जा रहे हैं. कैसे सबसे ज्यादा कोविड के मरीज इस वक्त केरल में पाए जा रहे हैं, ये तमाम चीजें दिखाने के लिए हम आपको ले चल रहे हैं कोविड वार्ड में, आपको तस्वीरें दिखाने की कोशिश करेंगे कि केरल सरकार के इंतजाम क्या हैं, केरल में कैसे कोविड के केस कंट्रोल करने की कवायद चल रही है?

TV9 भारतवर्ष की टीम जैसे ही अस्पताल परिसर में दाखिल हुई तो कोविड वार्ड के बाहर एक के बाद एक मरीजों को लाती हुई एंबुलेंस नजर आईं.

अस्पताल कर्मचारी: अभी थोड़ा ज्यादा है, पहले कम थे.
संवाददाता: अभी केस ज्यादा हो रहे हैं?
अस्पताल कर्मचारी: अभी थोड़ा ज्यादा हो रहे हैं.

करीब 5 मिनट के अंदर-अंदर 3 मरीजों को आते देखा, लेकिन इन मरीजों का इलाज कैसे चल रहा है. क्या इंतजाम हैं ये जानने के लिए हमारी टीम कोविड वार्ड की तरफ बढ़ी. तभी अचानक अस्पताल का एक कर्मचारी ने हमें रोक दिया.

अस्पताल कर्मचारी: पहले आप परमिशन लीजिए.
संवाददाता: मैंने अभी सुपरिटेंडेंट से फोन पर बात की है. मैंने अभी उनसे बात की है.
अस्पताल कर्मचारी: मेरे पास कोई जानकारी नहीं है.
संवाददाता: आपके पास कोई जानकारी नहीं है.
अस्पताल कर्मचारी: नहीं, कोई जानकारी नहीं है.
संवाददाता: हम केरल में कोविड के हालात दिखाना चाहते हैं.

हमने सुपरिटेंडेंट से फिर संपर्क कराना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं मिला. तभी अस्पताल की सिक्योरिटी में तैनात करीब आधा दर्जन पुलिस वाले और गार्ड्स आए. हमें बाहर निकाल लाए.

संवाददाता: आप बात कर रहे हैं? आप सुपरिटेंडेट साहब से बात कर रहे हैं?
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: बुला रहा है, उनको बुला रहा है.

हमने इंतजार किया, लेकिन उसके बावजूद हमें अंदर जाकर रिपोर्टिंग की परमिशन नहीं दी गई. हम लोग कोविड नियमों का पालन कर रहे हैं, पीपीई किट पहनी हुई है, मास्क लगाया है, ग्लव्स पहना हुआ है. फेश शील्ड पहनी है, हेड शील्ड भी लगाया है, हर तरह से खुद को कवर किया है. कोविड के नियमों का हम पालन कर रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद हमें अस्पताल में जाने नहीं दिया जा रहा है क्योंकि हम दिखाना चाहते हैं कि केरल में सरकारी इंतजाम क्या हैं, कोविड जो मरीज भर्ती हैं, उनका इलाज कैसे चल रहा है?

इसीलिए सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या छुपाने की कोशिश की जा रही है, क्या तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड की तस्वीरें सामने आने से केरल में इंतजामों की पोल खुल जाती? क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो फिर रोका क्यों जाता, खैर हम परमिशन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन हॉस्पिटल सिक्योरिटी हमें वहां से निकालने पर आमादा थी. सबके सब कोविड वार्ड के गेट पर आकर खड़े हो गए. पहले तो दूर से जाने का इशारा किया और फिर हमारी ओर बढ़े जोर जबरदस्ती करने लगे, गोली मारने की धमकी तक दे डाली.

हॉस्पिटल सिक्योरिटी: आप शूट नहीं कर सकते हैं, बाहर जाओ.
संवाददाता: उस गेट के बाहर
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: नहीं तो हम भी शूट कर सकते हैं.
संवाददाता: नहीं तो
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: हम भी शूट कर सकते हैं.
संवाददाता: आप शूट करोगे?
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: हां, शूट कर दूंगा.
संवाददाता: कैसे शूटिंग, कैमरा से या गन से?
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: शूटिंग के लिए गन भी है.
संवाददाता: आपके पास गन है?
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: हां, मेरे पास गन है.
संवाददाता: आप हमें गोली मारोगे?
हॉस्पिटल सिक्योरिटी: हां, गोली मार देंगे.
संवाददाता: गन कहां है?
सिक्योरिटी: मैं आपको गन दिखाऊंगा.
संवाददाता: आप हमें गन से शूट करोगे, आप गोली मारोगे हम लोगों को?

हमें धमकी देते हुए चारों ओर से घेरकर गेट के बाहर ले गए. हमारा कैमरा तोड़ने की कोशिश की गई. और कॉर्डलेस माइक छीन लिया गया. जिस तरह का सलूक टीवी9 भारतवर्ष की टीम के साथ तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में किया गया. वो दिखाता है कि जिस सरकार-प्रशासन पर कोविड से लड़ाई का जिम्मा है, वो सच बाहर आने से कितना डरते हैं. तभी तो पहले कोविड वार्ड में जाने से रोका गया और फिर सरेआम गोली मारने की धमकी तक दी गई.

लापरवाह रवैया ही केरल में भयावह हालात के लिए जिम्मेदार

ये धमकी. केरल का वो सच है, जो कैमरे में कैद हुआ है और इसे झुठलाया नहीं जा सकता है. ये भी नहीं झुठलाया जा सकता है कि कोरोना से लड़ाई में केरल में शासन और प्रशासन का लचर और लापरवाह रवैया ही इन भयावह हालात के लिए जिम्मेदार है. आखिर तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में ऐसा क्या था, जिसे छुपाने के लिए वहां के स्टाफ और सिक्योरिटी ने टीवी9 भारतवर्ष की टीम को गोली मारने की धमकी तक दे डाली. कुछ तो है, जिस पर पर्दा डालने के लिए कैमरा अंदर नहीं जाने दिया गया.

टीवी9 भारतवर्ष की टीम को रोका गया और वो रुक गई. हमें गोली मारने की धमकी दी गई. कैमरा तोड़ने की कोशिश की गई, जबकि हमारा मकसद था वहां की व्यवस्था को दिखाना, लेकिन शायद अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए व्यवस्था में कमियां थीं और इसी वजह से टीवी9 भारतवर्ष की टीम के साथ बदसलूकी की गई. खैर, तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के बाद हमारे संवाददाता विपिन चौबे ने रुख किया, केरल की उन जगहों का, जो सिर्फ केरल नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए सुपर स्प्रेडर का काम कर सकती हैं.

भीड़ कैसी भी हो, कोरोना संक्रमण को खुला निमंत्रण होती है और तिरुवनंतपुरम के मेन बस स्टॉप पर टीवी9 भारतवर्ष को वही भीड़ नजर आई. जिन्हें सोशल डिस्टेंसिंग की रत्ती भर परवाह नहीं थी. ये भीड़ सुपर स्प्रेडर साबित हो सकती है, लेकिन फिर भी लापरवाही का आलम देखिए. रैंडम कोविड टेस्टिंग का कोई इंतजाम नहीं दिखा, ना कोई पुलिसवाला दिखा, ना कोई मार्शल और ना ही लोगों को अलर्ट करने के लिए कोई पब्लिक अनाउसमेंट हो रहा था. बस स्टैंड पर भीड़ दिख रही थी, लेकिन यहां के जिम्मा जिन कर्मचारियों और अफशरों पर है. वो आराम से अंदर ऑफिस में बैठे थे.

केरल में स्थितियां सुधारने की जरूरत

बस स्टॉप के बाद हमने रुख किया तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन का, जहां से रोज सैकड़ों मुसाफिर ना सिर्फ केरल आ रहे हैं, बल्कि केरल से बाहर भी जा रहे हैं. टिकट लेने के लिए लाइन में लगे लोग नजर आए, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई. जब हमारा कैमरा पहुंचा, तो अचानक लाइनों में लोगों के बीच दूरी नजर आने लगी. केरल में संपूर्ण और सख्त लॉकडाउन की मांग इसीलिए उठ रही है क्योंकि एक तो यहां तेजी से लोग संक्रमित हो रहे हैं और संपूर्ण लॉकडाउन नहीं होने की वजह से बढ़ते संक्रमण के बीच लोग बस, ट्रेन और फ्लाइट से देश के बाकी हिस्सों में भी जा रहे हैं.

हम त्रिवेंद्रम के अंतर्देशीय टर्मिनल पर खड़े हैं, यहां से तमाम फ्लाइट देश के अलग-अलग राज्यों में जाती हैं. यहां कल जब हम पहुंचे, तो लगा कि बाहर से आने पर टेस्टिंग होगी, चेकिंग होगी, लेकिन कोई टेस्टिंग या चेकिंग नहीं हुई. यहां से जाने वालों की भी टेस्टिंग और चेकिंग नहीं हो रही है, ये चिंता की बात है. केरल में अगर स्थितियां नहीं सुधारी गईं, तो देश को तीसरी लहर की त्रासदी को देखना पड़ सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो बहुत ज्यादा खतरा पूरे देश के लिए हो सकता है.

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PRAJA PARKHI: केरल में क्यों ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका है कोरोना वायरस? TV9 की इस पड़ताल में निकल कर सामने आई सच्चाई: Latest News
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