इस साल इथेनॉल बिक्री से 15,000 करोड़ रुपये कमाएंगी चीनी मिलें, किसानों की इस समस्या का होगा समाधान: Latest News

Ethanol

चीनी मिलों में इथेनॉल उत्पादन (Ethanol Production) बढ़ाकर सरकार ने एक साथ दो समस्याओं का समाधान करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. अतिरिक्त चीनी की समस्या का निदान और गन्ना किसानों के बकाये (Sugarcane arrears) का समय पर भुगतान. गन्ना किसानों का बकाया राजनीतिक मुद्दा है. वर्तमान इथेनॉल आपूर्ति वर्ष ( दिसंबर-नवंबर ) में चीनी मिलों द्वारा तेल कंपनियों को इथेनॉल की बिक्री से लगभग 15,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की संभावना है. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने यह अनुमान लगाया है. चीनी मिलों के पास इससे नकदी आएगी और वे किसानों (Farmers) की गन्ना बकाया राशि समय पर दे पाएंगे.

इसके लिए सरकार मिलों में इथेनॉल बनाने को बढ़ावा दे रही है. केंद्र सरकार ने वर्ष 2023-24 तक पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रण का लक्ष्य रखा है. इसी साल विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “बीते साल ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 21,000 करोड़ रुपये का इथेनॉल खरीदा है. इसका एक बड़ा हिस्सा हमारे किसानों की जेब में गया है. विशेष रूप से गन्ना किसानों को इससे बड़ा लाभ हुआ है.”

चीनी मिलों की समस्या क्या है?

भाजपा सांसद संजय काका पाटिल के एक लिखित सवाल के जवाब में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बताया कि सामान्य चीनी मौसम (अक्तूबर-सितंबर) में, देश में 260 लाख टन घरेलू उपत की तुलना में चीनी का उत्पादन लगभग 320-330 लाख टन होता है. जिसकी वजह से चीनी मिलों के पास भारी मात्रा में चीनी का अतिरिक्त स्टॉक रह जाता है.

देश में चीनी की अतिरिक्त उपलब्धता के कारण इसके दाम में मंदी रहती है. इससे मिलों को नकदी का नुकसान होता है. 60-70 लाख टन के इस अतिरिक्त स्टॉक से चीनी मिलों (Sugar Mills) की नकदी की स्थिति प्रभावित होती है. जिसकी वजह से किसानों की गन्ना बकाया राशि इकट्ठी होती चली जाती है. इस समस्या का निदान इथेनॉल है.

इथेनॉल की बिक्री से मिलों ने कितना पैसा एकत्र किया

सरकार अतिरिक्त चीनी की समस्या से निपटने के लिए इथेनॉल बनाने पर जोर दे रही है. इससे कच्चे तेल के आयात में विदेशी मुद्रा की बचत भी हो रही है. मिलों को इथेनॉल बिक्री से मिली रकम से किसानों का गन्ना बकाया भुगतान करने में सहायता मिल रही है. चीनी सीजन 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में, चीनी मिलों ने तेल कंपनियों को इथेनॉल की बिक्री से लगभग 22000 करोड़ रुपए एकत्र किए.

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PRAJA PARKHI: इस साल इथेनॉल बिक्री से 15,000 करोड़ रुपये कमाएंगी चीनी मिलें, किसानों की इस समस्या का होगा समाधान: Latest News
इस साल इथेनॉल बिक्री से 15,000 करोड़ रुपये कमाएंगी चीनी मिलें, किसानों की इस समस्या का होगा समाधान: Latest News
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