Tokyo Olympics: ओलंपिक में किसी को मिलीं उम्मीदें तो किसी के टूट गए सपने, हारने के बाद भी यह खिलाड़ी रहेंगे स्टार: Latest News

Deepika Kumari (3)

दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) दुनिया की नंबर वन तीरंदाज की हैसियत से क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उतरी थीं. लेकिन ओलंपिक में पांच सेट के मैच में वो पहले ही तीन सेट में हार गईं. कोरियाई तीरंदाज एन सान ने उन्हें कहीं टिकने ही नहीं दिया. तीनों सेट को मिलाकर दीपिका ने चार बार सात पर निशाना साधा यानी दस से काफी दूर और यहीं वो चूक गईं. अब बहस इस बात पर है कि क्या दीपिका कुमारी अपनी साख के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती हैं. अगर आप भी ऐसी राय बना रहे हैं तो उससे पहले कुछ फैक्ट्स जान लीजिए.

क्वार्टर फाइनल में दीपिका कुमारी को हराने वाली एन सान ने ही इस इवेंट का गोल्ड मेडल जीता. इस मुकाबले में उतरने से पहले ही एन सान टोक्यो ओलंपिक में मिक्सड और वूमेंस टीम के दो गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. ये दो बातें हमने आपको सिर्फ इसलिए बताईं जिससे आपको समझ आ जाएगा कि दीपिका का मुकाबला कितनी दक्ष तीरंदाज से था.

ऐसा नहीं कि दीपिका में दम-खम नहीं. बल्कि इस हार की कसक जितनी खेल प्रेमियों को है उससे कई सौ गुना ज्यादा दीपिका कुमारी को होगी. बचपन के कड़े संघर्षों से लेकर अभी तक के सफर में उनका सबसे बड़ा ओलंपिक मेडल का सपना एक बार फिर छन्न से टूट गया, लेकिन ये खेल है. यहां कहने और करने में बहुत बड़ा फर्क होता है.

सौरभ चौधरी के भी पूरे नहीं हुए ख्वाब

कुछ ऐसी ही कहानी मनु भाकर की भी है. मनु भाकर (Manu Bhaker) के पास ओलंपिक मेडल जीतने के तीन मौके थे. वो दस मीटर एयर पिस्टल के इंडीविजुअल और मिक्सड इवेंट के साथ साथ 25 मीटर एयर पिस्टल में भी मेडल की दावेदार थीं. लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना होगा. जिस शूटर के पास वर्ल्ड कप के 9 गोल्ड मेडल हों उसके हाथ खाली हैं. पहले इवेंट में पिस्टल में तकनीकी खराबी को दोष दें, ओलंपिक का दबाव कह लें या अनुभव की कमी, पर कड़वा सच यही है कि सपना मनु का भी टूट गया.

ख्वाब सौरभ चौधरी के भी पूरे नहीं हुए. करीब पौने दो लाख उधार लेकर पिस्टल दिलाने के बाद शूटिंग का जो सफर शुरू हुआ था उसकी चमक पूरी दुनिया भर में रही. लेकिन टोक्यो में वो चमक फीकी पड़ गई. 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप पर रहकर वो फाइनल में लक्ष्य से भटक गए. बावजूद इसके हाथ में पिस्टल या तीर-कमान लेकर ओलंपिक का सपना पाले देश भर के हजारों बच्चों के लिए ये पहले भी स्टार थे, अब भी स्टार हैं और आगे भी स्टार रहेंगे.

ऐसा इसलिए क्योंकि इनके नाम के आगे लिखा होगा ‘ओलंपियन’. ये ओलंपिक इतिहास का हिस्सा हैं. मेडल भले ही छिन गया लेकिन ओलंपियन का तमगा इनसे कोई नहीं छीन सकता. मेडल आता तो छाती और चौड़ी हो जाती, मेडल नहीं आया तब भी ओलंपियन के तमगे की चमक को समझिए. आप इस चमक को समझ जाएंगे तो उसमें भी दीपिका, मनु और सौरभ जैसे खिलाड़ियों की जीत है.

पीवी सिंधु और लवलीना की सेमीफाइनल में जगह पक्की 

चलिए अब बात कर लेते हैं आज की स्टार पीवी सिंधु और लवलीना बोरगोहेन की. इन दोनों खिलाड़ियों ने आज अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है. शुक्रवार को पीवी सिंधु ने जापान की आकाने यामागुची को 21-13, 22-10 से हराया. अब सेमीफाइनल में कल उनका मुकाबला चाइनीज ताइपे की खिलाड़ी ताई त्जु यिंग से होगा.

वहीं लवलीना बोरगोहेन ने क्वार्टर फाइनल में चाइनीज ताइपे की खिलाड़ी चेन निन चिन को 4-1 से हराया. इस जीत के साथ ही लवलीना का  ब्रांज मेडल पक्का हो गया. उनका अगला मुकाबला 4 अगस्त को तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से होगा. इस जीत के बाद लवलीना ने कहा कि वो जीत का जश्न गोल्ड मेडल के बाद मनाएंगी. आज खेलप्रेमियों के मन में एक सवाल रह-रहकर आ रहा है कि सेमीफाइनल में जगह बनाने पर मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का पदक पक्का हो गया तो सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद भी पीवी सिंधु का मेडल पक्का क्यों नहीं हुआ. हम आपको इसकी वजह भी बता देते हैं.

ओलंपिक नियमों के मुताबिक कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सेमीफाइनल क्वालिफाई करने पर ही मेडल पक्का हो जाता है. कॉम्बेट स्पोर्ट्स यानी ऐसे खेल जिसमें खिलाड़ियों की आपस में भिड़ंत होती है, जो एक दूसरे से शारीरिक तौर पर लड़ते हैं. ऐसे खेलों में बॉक्सिंग के अलावा, रेसलिंग, जूडो, ताइकवांडो, फेंसिंग जैसे खेल आते हैं. क्योंकि बैडमिंटन में खिलाड़ी किसी तरह की शारीरिक लड़ाई नहीं लड़ते इसलिए उसे कॉम्बैट स्पोर्ट्स नहीं कहा जाता. बैडमिंटन में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ी ब्रांज मेडल के लिए मुकाबला करते हैं.

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PRAJA PARKHI: Tokyo Olympics: ओलंपिक में किसी को मिलीं उम्मीदें तो किसी के टूट गए सपने, हारने के बाद भी यह खिलाड़ी रहेंगे स्टार: Latest News
Tokyo Olympics: ओलंपिक में किसी को मिलीं उम्मीदें तो किसी के टूट गए सपने, हारने के बाद भी यह खिलाड़ी रहेंगे स्टार: Latest News
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