एक बार फिर दिल्ली बन रहा ‘क्राइम कैपिटल’, मर्डर और लूट की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की खोल रही पोल: Latest News

(symbolic Photo)

दिल्ली पर एक बार फिर ‘क्राइम कैपिटल’ का लेबल चस्पा होता जा रहा है. दिल्ली देश की राजधानी है, कहने के लिए तो सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से देश का सबसे चाक-चौबंद शहर है लेकिन हकीकत ये है कि दिल्ली में लोग डर-डर कर जी रहे हैं. क्योंकि यहां एक के बाद एक अपराधी क्राइम की ऐसी कथाएं लिख रहे हैं, ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिन्हें सुनकर कलेजा कांप जाए. बीते 3 दिन में एक के बाद एक फायरिंग, मर्डर और डकैती की 4 बड़ी वारदातें हुईं. जिन्होंने एक बार फिर ये सवाल उठा दिया है कि आखिर दिल्ली में अपराधी इतने बेखौफ कैसे हो गए हैं.

कहीं घर में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया, तो कही सरेराह गोलियों की गड़गड़ाहट से खौफ पसर गया. इसीलिए दिल्ली में अब डर लगता है. यहां सिर्फ अपराधियों की चल रही है. अपराधियों के पंजे से कोई दूर नहीं है… ना घर पर, ना सड़क पर… ना बच्चे, ना महिलाएं, ना बुजुर्ग… दिल्ली में कोई सुरक्षित नहीं हैं. 6 जुलाई को वसंत विहार इलाके में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी आर कुमारमंगलम की पत्नी की हत्या हो गई थी और उसी दिन पालम विहार में एक एयरफोर्स कर्मी की पत्नी और बेटे के डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात हुई.

इन दोनों मामलों में आरोपियों को पकड़ने का दावा करके पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही थी, लेकिन 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि उत्तम नगर में एक घर में घुसकर लोगों को बंधक बनाकर लाखों की लूट को अंजाम दे दिया गया और उसके बाद 24 घंटे के भीतर बीती रात बाड़ा हिंदूराव इलाके में सरेराह फायरिंग में 2 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली में इतनी सुरक्षा व्यवस्था रहती है, जितनी देश के किसी भी दूसरे शहर में नहीं होती क्योंकि ये देश की राजधानी है. लेकिन जिस तरह जुर्म की दुनिया दिल्ली को अपने खूनी पंजों का जोर दिखाने में लगी है, उसने यहां चप्पे-चप्पे पर चौकसी के दावों को फेल कर दिया है.

8 जुलाई की रात करीब सवा 9 बजे बाड़ा हिंदूराव सड़क पर सरेआम फायरिंग से दिल्ली दहल उठी. इस घटना में जिन दो राहगीरों की मौत हुई, उनमें से एक की पहचान संजय के रूप में हुई है, लेकिन दूसरे राहगीर की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस को अंदेशा है कि वारदात की वजह आपसी रंजिश है. पुलिस के हाथ मौके से कुछ सीसीटीवी फुटेज लगी है और चश्मदीदों की मानें तो आरोपियों ने मास्क नहीं पहन रखा था, इसलिए सीसीटीवी से पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

8 लाख रुपए कैश और दूसरे सामान लूटे

7 जुलाई को उत्तम नगर के एक घर में हथियारबंद बदमाश घुस गए. आम घरों की तरह लिविंग रूम में एक परिवार बैठा रहता है तभी दरवाजे की घंटी बजती है और महिला दरवाजा खोलती है. दरवाजे पर खड़ा शख्स खुद को बिजली कर्मचारी बताता है और अचानक हथियार निकालकर घर में घुसने लगता है. महिला सहमकर पीछे हट जाती है. हथियारबंद लोगों को देखकर सोफे के पास बैठा युवक भी अवाक रह जाता है. कोई कुछ सोच-समझ पाता, अब तक 4 बदमाश अंदर आ चुके हैं. सबके हाथ में हथियार और मुंह पर मास्क होता है. तीन बदमाशों ने टोपी पहन रखी थी, जबकि एक ने हेलमेट लगा रखा था.

चारों अंदर आ जाने के बाद दरवाजा बंद करते हैं. एक डकैत महिला को पकड़कर वहां पड़ी कुर्सी की ओर ले जाता है. बदमाशों से बचने के लिए वहां मौजूद बच्ची दौड़कर अपनी मां के पास चली जाती है. इस बीच एक डकैत वहां मौजूद युवक की तरफ लपकता है, उसके हाथ और पांव बांध दिए जाते हैं. लुटेरे परिवार को लगातार धमाका रहे थे, पूछ रहे थे कि कैश, जूलरी और बाकी कीमती सामान कहा रखा है. हथियारों का डर दिखा रहे थे, चुप रहने का इशारा कर रहे थे. करीब आधे घंटे तक बदमाश बेखौफ होकर लूटपाट करते रहे. 8 लाख रुपए कैश और लाखों की जूलरी लेकर फरार हो गए और अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.

दिल्ली में लगातार बढ़ रहा क्राइम का ग्राफ

मुमकिन है कि पुलिस जल्द ही अपराधियों को दबोच भी ले, लेकिन सवाल ये है कि आखिर बदमाशों में इतनी हिम्मत कैसे आ जाती है. कैसे वो देश के सबसे चाक-चौबंद शहर यानी राजधानी दिल्ली में जुर्म करने की सोच लेते हैं. क्योंकि जिस तरह दिल्ली में क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है, उसे देखकर ये सवाल बहुत अहम हो जाते हैं. दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के हिसाब से इस साल 15 जून तक लूट के 942 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल 15 जून तक 701 थे. वहीं डकैती की वारदात का जिक्र करें, तो इस साल 15 जून तक ये आंकड़ा 7 है, जो पिछले साल इसी दौरान 4 था.

आंकड़ों के मुताबिक, घरों में चोरी के मामले पिछले साल 15 जून तक 875 थे, जो इस बार बढ़कर 938 हो गए. राह चलते स्नैचिंग के मामले बढ़कर इस साल 15 जून तक बढ़कर 3829 हो गए. गाड़ी की चोरियां भी बढ़ गई है. पिछले साल 15 जून तक और इस साल 15 जून तक के आंकड़ों को देखकर फर्क आसानी से समझा जा सकता है. पिछले साल के मुकाबले इस साल 15 जून तक के आंकड़ों में दिल्ली में रेप के मामले भी ज्यादा रिपोर्ट हुए हैं.

ये भी पढ़ें- केंद्र सरकार से हटाए गए सीनियर मंत्रियों को बीजेपी संगठन में जल्द मिल सकती है अहम जिम्मेदारी!

ये भी पढ़ें- केंद्र सरकार से हटाए गए सीनियर मंत्रियों को बीजेपी संगठन में जल्द मिल सकती है अहम जिम्मेदारी!

Name

General knowledge,2,Latest news,897,अंतर्राष्ट्रीय,27,खेल,10,मध्यप्रदेश,1107,मनोरंजन,18,राजनीति,48,राष्ट्रीय,191,शिक्षा,16,स्वास्थ्य,68,
ltr
item
PRAJA PARKHI: एक बार फिर दिल्ली बन रहा ‘क्राइम कैपिटल’, मर्डर और लूट की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की खोल रही पोल: Latest News
एक बार फिर दिल्ली बन रहा ‘क्राइम कैपिटल’, मर्डर और लूट की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की खोल रही पोल: Latest News
https://cdn1.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2021/02/delhi-police-farmers-chakkajam.jpg
PRAJA PARKHI
https://www.prajaparkhi.page/2021/07/latest-news_39.html
https://www.prajaparkhi.page/
https://www.prajaparkhi.page/
https://www.prajaparkhi.page/2021/07/latest-news_39.html
true
8551324065602745983
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content