आईपीएल स्‍पॉन्‍सरशिप के लिए 150 करोड़ रु. से अधिक का भुगतान किया: अपस्टॉक्स

अपस्टॉक्स ने कहा कि आईपीएल 2021 के लिए बीसीसीआई के साथ साझेदारी वित्तीय समावेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी
1. वित्‍त वर्ष'21 में रिकॉर्ड संख्‍या में डीमैट खाते खुले। क्या आपको इस रफ़्तार के बने रहने की उम्मीद है?
वित्‍त वर्ष'21 में रिकॉर्ड संख्‍या में डीमैट खाते जुड़ने के कई कारण रहे, जैसे कि वित्तीय जागरूकता में वृद्धि, इक्विटी भागीदारी में बढ़ती रुचि, फ्लैट ब्रोकरेज शुल्‍क पर बुद्धिमानीपूर्ण तकनीकें उपलब्‍ध कराने वाले डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट की आसान उपलब्‍धता। हमारा दृढ़ विश्‍वास है कि यह ट्रेंड केवल लॉकडाउन के चलते ही नहीं है बल्कि यह लगातार बने रहने वाला है। 
2. अपस्टॉक्‍स ने कितने क्‍लाइंट्स जोड़े? एक साल में इसकी बाजार हिस्‍सेदारी में कितना बदलाव आया है? 
जनवरी 2021 में, अपस्‍टॉक्‍स ने 600,000 से अधिक डीमैट खाते जोड़े। अब हम लगभग 3 मिलियन ग्राहकों के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी ब्रोकरेज हैं। हम हर महीने औसतन 200,000 से 300,000 नये खाते जोड़ रहे हैं। जून 2020 में 1 मिलियन ग्राहकों का आंकड़ा छूने के पांच महीने के भीतर ही अपस्टॉक्स के ग्राहकों की संख्‍या 2 मिलियन से अधिक हो गयी। हमें कैलेंडर वर्ष 2021 तक ग्राहक आधार में तीन से चार गुनी वृद्धि का अनुमान है। वृद्धिशील ग्राहक अधिग्रहण की दृष्टि से, ब्रोकरेज में हमारी बाजार हिस्‍सेदारी एक वर्ष पूर्व के 5 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी 2021 को 11.3 प्रतिशत हो चुकी है। 
3. अपस्‍टॉक्‍स ने आईपीएल स्‍पॉन्‍सरशिप के लिए 150 करोड़ रु. से अधिक का भुगतान किया है। इस करार से कंपनी को किस रूप में लाभ मिलेगा? 
यह स्पष्ट है कि आईपीएल ने न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी क्रिकेट की दुनिया में बड़े पैमाने पर क्रांति लाने का काम किया है। आज, स्‍टॉक ट्रेडिंग व्यवसाय भी बड़े पैमाने पर क्रांति के दौर में है। इसका उद्देश्य डिजिटल तकनीक के जानकारों और मिलेनियल्‍स की एक बड़ी संख्‍या तक पहुंचना है जो धन सृजन में अगली बड़ी पारी के लिए तैयार हैं। स्‍पोर्ट्स और फाइनेंस का यह एकीकरण दो ब्रांड्स - आईपीएल और अपस्‍टॉक्‍स के बीच स्‍वाभाविक ही है। हमें उम्मीद है कि साझेदारी निश्चित रूप से हमें पहले से कहीं अधिक दृश्यता प्रदान करेगी क्योंकि यह हमारी अब तक की सबसे बड़ी विपणन साझेदारी है। हमारा लक्ष्य उसी तरह से देश के सुदूरतम स्‍थानों तक पहुंचना है जिस तरह से आईपीएल ने क्रिकेट को पहुंचाया है।
4. ब्रोकिंग जगत में प्रतिस्‍पर्द्धा अधिकाधिक कड़ी होती जा रही है। हर कोई प्राइसिंग पर अंडरकट करने की कोशिश कर रहा है। क्‍या आपको नहीं लगता कि लाभदेयता की दृष्टि से यह स्‍वास्‍थ्‍यकर है?
यही बाजार गतिकी है, और ऐसा किसी भी व्यवसाय में होता है। इक्विटी भागीदारी के मामले में, भारत अभी भी काफी पीछे है। भारतीय निवेशकों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी इसके तुलनीय विश्व साथियों की तुलना में काफी कम है। भारत में इक्विटी भागीदारी वर्तमान में हमारी जनसंख्या के 3-4% पर है, जो तुलनीय वैश्विक पूंजी में सबसे कम है। हमारे देश की जनसांख्यिकी यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रौद्योगिकी तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ, स्मार्ट मोबाइल फोन की लोकप्रियता, सरकार की डिजिटल इंडिया की पहल, टियर 2 - 3 शहरों से ग्राहक की दिलचस्पी तेज गति से बढ़ रही है। पिछले वर्ष में हमने जिन युवा ग्राहकों और महिला ग्राहकों की संख्या बढ़ाई है, वह अभूतपूर्व है और हमें बहुत आशाएं हैं। हमारा लक्ष्‍य इसे बढ़ाना है। लाभप्रदता, जैसा कि आप जानते हैं, बाजार हिस्सेदारी के लिए एक प्राकृतिक कोरोलरी है। 
5. हमने देखा है कि भारी संख्‍या में युवा निवेशक डाइरेक्‍ट इन्‍वेसिटंग की ओर मुड़ रहे हैं। नये निवेशकों में प्रमुख रूप से किस तरह का चलन है? 
खुदरा निवेशकों में मोबाइल ट्रेडिंग की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। अपस्टॉक्स के 85% से अधिक ग्राहकों ने अपने मोबाइल से अपनी दैनिक ट्रेडिंग की। इंटरनेट कनेक्टिविटी, मोबाइल फोन की आसान पहुंच, इंटरनेट की गिरती लागत और निवेशक जागरूकता के चलते, यह प्रवृत्ति 2021 में लगातार बनी हुई है।  

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