रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आत्म निर्भर भारत परिदृश्य एवं संभावनाएं विषय पर वेबीनार

भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के विधि संकाय, शिक्षा संकाय, वाणिज्य संकाय एवं आई.आई.सी के संयुक्त तत्वाधान में वेबीनार का आयोजन किया गया। इस वेबीनार का मुख्य विषय: ‘‘आत्म निर्भर भारत परिदृश्य एवं संभावनाएं’’ था। वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रो. मनोज दीक्षित पूर्व कुलपति डॉ. राममनोहर लोहिया, अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद (उ.प्र.) एवं श्री दीपक शर्मा अध्यक्ष लघु उद्योगसंघ (म.प्र.) थे।
वेबीनार के आरंभ में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रारंभ से ही कौशल विकास एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए कार्य कर रहा है, साथ में उन्होंने वोकल फॉर लोकल की तरफ भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि गावों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए, गांवों में यदि उद्योग लगाने का कार्य करें तो देश को आत्मनिर्भर बनाने की परिकल्पना को हम साकार कर पाएंगे। 
मुख्य वक्ता दीपक शर्मा ने कोरोना काल पर चिंता जताते हुए कहा कि यह वैश्विक महामारी का दौर है जिससे पूरी दुनिया का परिदृश्य बदल रहा है। लोगों के दृष्टिकोण में अवश्य ही परिवर्तन आएगा राज्य में, जिलों में, राष्ट्र में परिवर्तन आना स्वभाविक है। एक नई दुनिया का निर्माण होगा। भारत की युवापीढी को विचार करना चाहिए कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करें एवं भारत की दिशा और दशा को बदलने का प्रयास करें। 
उन्होंने मंत्र दिया कि ‘‘जो पहले करेगा वो आगे बढ़ेगा’’। आत्मनिर्भर भारत के 5 बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला एवं उसे विस्तार से समझाया। विवेकानंदजी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा कि हमें कहीं से कुछ भी अच्छा सीखने को मिल रहा है तो उसे स्वीकार कीजिये। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया। हमें छोटे - छोटे उद्योगो को खड़ा करना चाहिए। युवा पीढी की कौशल क्षमता को विकसित करने की आवश्यकता है। 
प्रो. अमिताभ सक्सेना कुलपति डॉ. सी.वी.रमन विश्वविद्यालय खंडवा (म.प्र.) ने कोरोना महामारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया कब सामान्य होगी यह नही मालूम लेकिन आज हमें इसी माहौल में कार्य करते हुए रास्ते निकालने होंगे। परिस्थिति के अनुसार कार्य करें। शिक्षक को यह देखने की आवश्यकता है कि शोधार्थी के कौशल को पहचाने उसे आगे बढाने के लिए प्रोत्साहित करें। उत्पादन पर ध्यान दें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि आधुनिक तकनीकों को हम किसान तक पहुचायें, जिससे कि गुणवत्ता एवं उत्पादन दोनो ज्यादा मात्रा में हों। हमें संभावनाओं को तलाशनें की आवश्यकता है।
वेबीनार का आयोजन प्रो. अमिताभ सक्सेना के मार्गदर्शन मे किया गया। कार्यक्रम का संचालन विधि विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री नाईस ज़मीर ने किया। वेबीनार के अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. विजय सिह कुलसचिव रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने किया।

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