एमवे इंडिया का दृष्टिबाधितों को सशक्त बनाने के लिए एक और कदम

अपने एनजीओ पार्टनर सक्षम के साथ मिलकर लॉन्च किया सक्षम ऐप – जो सहायक तकनीक और सूचना के लिए एक सिंगल विंडो है
इंटरनेशनल डे ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस) मनाने के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया

इंदौर। देश की अग्रणी एफएमसीजी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों में से एक एमवे इंडिया ने अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस के अवसर पर अपने एनजीओ पार्टनर के साथ मिलकर दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए एक नया ऐप ‘सक्षम’ लॉन्च किया। सक्षम ऐप दृष्टिबाधितों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में काम करेगा, क्योंकि यह उन्हें मोबाइल फोन में उपलब्ध टॉक बैक और वॉइस ओवर सुविधाओं का उपयोग करते हुए सभी प्रासंगिक जानकारी प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ एमवे इंडिया ने इस साल की ग्लोबल थीम 'बिल्डिंग बैक बैटर : टुवर्ड ए डिसेबिलिटी-इंक्लूजिव, एक्सेसिबल एंड सस्टेनेबल पोस्ट कोविड-19 वर्ल्ड' को आत्मसात करते हुए दृष्टिबाधितों के लिए एक बेहतर और समावेशी कल के निर्माण की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

सक्षम ऐप का उद्देश्य दृष्टिबाधितों के लिए डेटा बैंक/सूचना के भंडार के रूप में काम करके दृष्टिबाधित व्यक्तियों की चुनौतियों को कम करना है, जिससे उनके लिए सभी प्रासंगिक जानकारी सुलभ हो सके। यह ऐप उचित लागत पर उपलब्ध सहायक तकनीक उपकरणों से संबंधित सभी जानकारी, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचे जाने वाले उपकरणों के लिए ट्रेनिंग्स मॉड्यूल्स, दिव्यांग लोगों के लिए प्रमुख सरकारी कानून और आदेश, विभिन्न सब्सिडी योजनाओं के बारे में विवरण और उनके लिए आवेदन कैसे करें, इस बारे में तो जानकारी प्रदान करेगा ही, साथ ही अन्य प्रासंगिक जानकारियों की बात करें तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों, जैसे कि प्रमुख कानूनों एवं योजनाओं तक पहुंच से संबंधित जानकारी को भी दृष्टिबाधितों के लिए सुगम और विशेष रूप से सहायक प्रारूप में प्रदान करेगा।

सक्षम के साथ सहयोग और इस नई पहल पर बोलते हुए एमवे इंडिया के सीईओ श्री अंशु बुधराजा ने कहा, “भारत में चूंकि 2.68 करोड़* लोग किसी न किसी प्रकार की विकलांगता से जूझ रहे हैं, ऐसे में हमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए नए तरीके खोजने होंगे, ताकि सभी को अपने आसपास के सामाजिक-आर्थिक वातावरण में पूरी तरह से भाग लेने के लिए सक्षम किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य में प्रौद्योगिकी पर बढ़ती निर्भरता के कारण काम करने के नए तरीके अपनाने में विकलांग व्यक्तियों को अपनी स्वयं की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एमवे 1998 से ही दृष्टिबाधितों के सहयोग और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है तथा उन्हें शिक्षा व आजीविका के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए ऐप की शुरुआत का उद्देश्य समाज में दृष्टिहीन व्यक्तियों को सशक्त बनाते हुए अधिक समावेशी भविष्य का निर्माण करना है। लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए हम अपने एनजीओ पार्टनर सक्षम के अत्यंत आभारी हैं।”

इस अवसर पर बोलते हुए सक्षम के फाउंडर मैनेजिंग ट्रस्टी श्री दीपेन्द्र मनोचा ने कहा “सेवा और सहायक तकनीकी उत्पाद अक्सर दिव्यांग व्यक्तियों के बीच केवल क्रीमी लेयर तक पहुंचते हैं। यह इवेंट और ऐप दिव्यांग लोगों के बीच भी हाशिए पर पहुंचे दिव्यांगों तक सेवाओं व सहायक तकनीकी समाधानों को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। मैं एमवे को इस अत्यंत महत्वपूर्ण पहल का समर्थन करने के लिए तहे-दिल से धन्यवाद देता हूं।”

सक्षम ऐप का अनावरण एक वेबिनार के दौरान ‘एक्सेस टु द रेलेवेंट इन्फॉर्मेशन एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स फॉर पर्सन्स विद विजुअल डिसेबिलिटीज’ थीम पर सक्षम द्वारा एमवे के सहयोग से आयोजित एक वेबिनार के दौरान किया गया। वेबिनार में कई मुख्य वक्ताओं ने शिरकत की, जैसे कि सक्षम के फाउंडर मैनेजिंग ट्रस्टी श्री दीपेन्द्र मनोचा, एमवे इंडिया के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट - डिजिटल एंड ग्लोबल सॉल्यूशंस श्री सैकत घोष, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के हैड (ए.आई.) ऑफ द एक्सेस टु असिस्टिव टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल डिवाइसेस यूनिट मिस्टर चैपल खसनाबिस; आईआईटी दिल्ली में मेहरा चेयर प्रोफेसर एवं डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन के हैड श्री पी.वी. मधुसूदन राव; इंटरनेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन ऑफ चिल्ड्रन विद विजुअल इम्पेयरमेंट (ICEVI), वेस्ट एशिया के चेयरपर्सन डॉ. भूषण पुनानी; रेज्ड लाइंस फाउंडेशन के को-फाउंडर और सीईओ तथा सक्षम में स्ट्रेटजी एंड इनोवेशन कंसल्टैंट डॉ. पीयूष चानना, डिपार्टमेंट ऑफ एम्पॉवरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पॉवरमेंट, भारत सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी और आईआरएस डॉ. प्रबोध सेठ और पद्मश्री से सम्मानित एवं प्रोजेक्ट अप्रूवल एंड मोनिटरिंग कमिटी, टेक्नोलॉजी इनोवेशन फॉर डिसेबल्ड एंड एल्डरली (टीआईडीई) प्रोग्राम ऑफ डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भारत सरकार के चेयरमैन डॉ. वाई.एस. राजन इत्यादि।

इंटरनेशनल डे ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस) मनाने की घोषणा 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 47/3 द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य समाज और विकास के सभी क्षेत्रों में विकलांग लोगों के अधिकारों व कल्याण को बढ़ावा देना और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के हर पहलू में उनकी स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

पिछले दो दशकों में कंपनी ने अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से 2.50 लाख से भी अधिक दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन को छुआ है। दृष्टिबाधितों के लिए अपनी राष्ट्रीय परियोजना के तहत एमवे इंडिया ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए कई पहल की हैं, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन जीने में मदद मिली है। इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध एमवे इंडिया ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल पाठ्यपुस्तकें, डिजिटाइज्ड शैक्षिक सामग्री, भारत भर में 33 ब्रेल-कम-ऑडियो लाइब्रेरी और पूरी तरह से संचालित कंप्यूटर केंद्र मुहैया कराए हैं तथा अन्य पहलों की बात करें तो कई संगीत और नृत्य अकादमियां भी खोली हैं।

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post