लोक निर्माण विभाग का नवीन एसओआर विमोचित


भोपाल ।  लोक निर्माण विभाग में नवीन एसओआर (दर अनुसूची) लागू हो जाने के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय की बचत होगी। इस एसओआर में आधुनिक नवीन तकनीकी आयटमों को समाहित किये जाने से शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने यह बात लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क/पुल तथा भवन कार्यों के लिये बनाये गये नवीन एसओआर के विमोचन अवसर पर मंत्री गोपाल भार्गव ने कही। श्री भार्गव ने कहा कि निर्माण गतिविधियों में आईं अनेक आधुनिक तकनीकों के बाद उनका समावेश आसानी से शासकीय निर्माण कार्यों में हो सके, इसके लिये एसओआर दरों में संशोधन की माँग लम्बे समय से की जा रही थी। इससे पूर्व अगस्त-2014 में एसओआर का निर्धारण किया गया था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय की माँग अनुसार किये जा सकेंगे।


प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नीरज मण्डलोई ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद विभाग द्वारा एसओआर में परिवर्तन किये गये हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक और समय की माँग के अनुसार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों के समस्त आयटम्स में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग स्पेशिफिकेशन्स, नेशनल बिल्डिंग कोड, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसियंसी तथा इण्डियन स्टेण्डर्ड (IS) का पालन किया गया है। इसके अतिरिक्त ऐसे आयटम्स, जिनके संबंध में मानक मापदण्ड उपलब्ध नहीं हैं, इण्डस्ट्री बेस्ट प्रेक्टिसेस के आधार पर मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं।


सिविल कार्यों के एसओआर में मुख्यत: एन्टीबेक्टीरियल फ्लोरिंग, एन्टीमाइक्रोबियल फॉल्स सीलिंग, प्रिकास्ट बाउण्ड्री-वॉल, वॉटर प्रूफिंग के लिये क्रिस्टीलाइन एडमिक्सर, एचडीपीई मेम्ब्रेन, पॉलीयूरिथेन कोटिंग, मॉड्यूलर एक्सपोज्ड ब्रिक वर्क, जीआई शीट्स से निर्मित छतों के थर्मल इंसुलेशन इत्यादि आयटम्स का समावेश किया गया है। इसके अतिरिक्त निर्माण के दौरान कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिये इस्केफोल्डिंग नेट का आयटम भी सम्मिलित किया गया है। ग्रीन बिल्डिंग तथा सीवेज ट्रीटमेंट के आयटम भी सम्मिलित हैं 

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