शासकीय मुद्रणालय (सरकारी प्रेस) बंद होने से सैकड़ों लोग हो जाएंगे बेरोजगार

भोपाल। शासकीय मुद्रणालय इंदौर होलकर स्टेट के समय की प्रेस है जिसमें देवी अहिल्या बाई होलकर के शासन काल के सिक्के भी ढाले जाते थे । मध्य प्रदेश राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले इस मुद्रणालय का मुख्यालय भोपाल में स्थित होकर मध्य प्रदेश में जिलेवार क्षेत्रीयता के आधार पर चार पैसे स्थापित की गई थी इंदौर प्रेस में सभी क्षेत्रीय प्रेसों से ज्यादा मुद्रण कार्य होता है। इंदौर प्रेस में इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों के सभी शासकीय विभागों में लगने वाली सामग्री की छपाई का कार्य किया जाता है। वर्तमान में मुद्रणालय में लगभग 30-35 वर्ष पुरानी मुद्रण मशीन है। राजस्व विभाग द्वारा कभी भी इन मशीनों को रिप्लेस कर आधुनिक मशीनें स्थापित करने का कार्य नहीं किया गया। अब राजस्व विभाग द्वारा प्रेस में अत्याधुनिक मशीनें लगाने के बजाय प्रेस बंद कराने पर तुला हुआ है, जबकि पुलिस, न्यायालय, राजस्व एवं निर्वाचन के मतपत्रों के मुद्रण का काम प्रमुखता से किया जाता है। इंदौर जैसी आर्थिक राजधानी की शासकीय प्रेस बंद होने से इंदौर के 15 जिले के सभी शासकीय विभाग इंदौर से कट जाएंगे और उन जिलों को भोपाल के केंद्रीय मुद्रणालय पर निर्भर रहना पड़ेगा। इंदौर प्रेस में पर्याप्त रूप से कार्य उपलब्ध है लेकिन शासन को गुमराह करके यह बताया जा रहा है कि प्रेस में कार्य नहीं है जबकि 24 घंटे प्रेस चलाई जा सकती है इतना कार्य उपलब्ध है। प्रेस बंद करने से सैकड़ों लोग बेघर हो जाएंगे और शासन को बड़ी हानि होगी क्योंकि शासकीय विभागों में होने वाला कारण निजी प्रिंटर को चला जाएगा जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।


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