सीएम हेल्प लाइन भी हेल्प पर, शिकायत के दो माह बाद नहीं हो रही सुनवाई

सीमांकन के लिए एक वर्ष से भटक रहा है किसान, लेकिन जवा राजस्व विभाग के अधिकारी नहीं देते सीएम हेल्प लाइन के शिकायतों पर तबज्जों


 


सीएम हेल्प लाइन द्वारा दी जा रही तारीख पे तारीख, लेकिन जवा के आरआई  पटवारी  नहीं पहुंचते तारीख पर। 


 


 रीवा।  जिले की जवा तहसील निमगहना गांव  के किसान को एक वर्ष से अधिक समय होने उपरान्त भी सीमांकन नहीं किया जा रहा है जबकि इस मामले की शिकायत राजस्व निरीक्षक के खिलाफ सी एम हेल्प लाइन में भी शिकायत उपरान्त कोई परिणाम सामने नहीं आया है। जानकारी अनुसार जवा तहसील,कहने को तो तहसील है लेकिन यह तहसील बैसाखी के सहारे वर्षों से चल रही हैं जिसके कारण किसान अक्सर परेशान नजर आते रहते है  लेकिन कोई काम समय पर नहीं होता है।


वहीं आम लोगों का कहना है कि जो भी कर्मचारी प्रभार पर रहते है या वर्षों से मुख्यालय में पैर जमाए हुए है  किसानों को शोषण कर अपना जेब भरते है लेकिन किसानों का कोई काम बिना चढ़ोतरी के नहीं होता है हाल ये है कि जवा तहसीलदार के रीडर व बाबू जो भी हो कोई काम कराना है तो बिना पैसे के कोई फाइल नहीं मिल सकती है। और शिकायत पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार उन बाबुओं  और रीडर पर कोई कार्यवाही भी नहीं करते है मामला जो भी हो। ऐसा लोगो का कहना है


जिसे यह कहा जाता है कि जवा तहसील भ्रष्टाचार का गढ़ है


        इसी बजह से किसानों के साथ छलावा किया जाता है  लेकिन काम नहीं किया जाता है और किसान तहसील कार्यालय या पटवारी का चक्कर काटता रहता है।


जहा पर जवा तहसील अंतर्गत निमगहना गांव  से एक शिकायत आई है कि आवेदक रामप्रसाद तिवारी पिता अमर नाथ तिवारी ने सीमांकन के लिए जवा तहसील में 26 अक्टूबर 2019 को जवा तहसील कार्यालय में आवेदन दिए थे लेकिन  10 माह बीत जाने के बावजूद सीमांकन नहीं होने पर उन्होंने 28 अगस्त 2020 को सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी  जिसका सीमांकन हेतु 04 सितंबर 2020 को तारीख 


दी गई थी इसके बाद कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचने पर पुनः शिकायत दर्ज कराई तो उसके बाद सीएम हेल्प लाइन से दुबारा  29 सितंबर 2020 की तारीख सुनिश्चित की गई। जहा पर सुबह से परेशान किसान राजस्व विभाग के कर्मचारियों का रास्ता देखते रहे लेकिन शाम 6 बजे तक कोई भी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी नहीं  पहुंचा।


       इसके बाद तीसरी बार पुनः मजबूर किसान ने अपनी समस्या को सीएम हेल्प लाइन में दर्ज कराई  जिसका 11 दिसंबर 2020  की तिथि निर्धारित की गई है ।


अब सवाल यही उठता है कि क्या तीसरी बार दिए तारीख पर संबंधित कर्मचारी पहुंचेंगे या आगे भी तारीख ही मिलती रहेगी।


        आखिर ये सीएम हेल्प लाइन की क्या मजबूरी है कि समय निश्चित होने के बावजूद कोई भी राजस्व विभाग का कर्मचारी उनके आदेशों का पालन क्यों नहीं कर रहा है। क्या सीएम हेल्प लाइन राजस्व विभाग के लिए मजाक है  या कहे की जवा तहसील के भ्रष्ट रवैए का परिणाम है।


 


 


 


 


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