पंजाब नैशनल बैंक ने टीएमएसएसी पोर्टल एवं विजिलेंस मैनुअल 2020 का अनावरण किया

 


नई दिल्ली । सतर्कता जागरूकता सप्ताह (VAW) में, देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने आज पीएनबी ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग स्टाफ एकाउंटेबिलिटी केसेस (TMSAC) पोर्टल और पीएनबी 2020 विजिलेंस मैनुअल का अनावरण किया। इस समारोह में श्री सुरेश एन. पटेल, सतर्कता आयुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा श्री पी. डेनियल, प्रभारी सचिव, केंद्रीय सतर्कता आयोग एवं श्री सीएच. एस. एस. मल्लिकार्जुन राव, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पीएनबी उपस्थित थे।


श्री सुरेश एन. पटेल, सतर्कता आयुक्त ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि “हमें याद रखना चाहिए नई पीढ़ी वर्तमान परिवेश से सीखती है यदि हमारे संगठन में सभी जगह उचित आचरण का पालन किया जाता है, तो यह पीढ़ी तुरंत इसे अपनाएगी और जीवन भर उस पर अमल करेगी। अतः संगठनों को हमेशा अच्छे आचरण को सीखने पर जोर देना चाहिए। हालांकि कार्यस्थल पर निष्पक्षता एवं पारदर्शिता होनी चाहिए साथ ही, शुचिता के साथ समझौता करने वालों के लिए दण्ड का प्रावधान भी होना चाहिए।


उन्होंने कहा कि एक पूर्व-बैंकर होने के नाते मैं बैंक में ईमानदारी और शुचिता का महत्व समझता हूं। मैं निवारक सतर्कता के लिए पीएनबी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता हूं, जिनमें समावेशी पोर्टल तथा प्रभावशाली मैनुअल को तैयार करना शामिल है। इससे न सिर्फ वर्तमान कर्मचारियों अपितु नए स्टाफ को भी बैंक की नीतियों को बेहतर ढंग से समझने में लाभ होगा। इस प्रकार की पहल से संगठन में निष्पक्षता व पारदर्शिता का विकास होता है, जिससे मामलों के त्वरित निपटान में मदद मिलती है।


श्री पटेल ने कहा कि देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजिनिक क्षेत्र के बैंक के नाते पीएनबी की समाज, देश व समग्रतः ग्राहकों के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है अतः यह आवश्यक था कि बैंक द्वारा सर्वोत्तम प्रथाएं अपनाते हुए कर्मचारी हितैषी परिवेश तैयार किया जाए। 


श्री सीएच. एस.एस. मल्लिकार्जुन राव, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पीएनबी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “सतर्कता जागरुकता सप्ताह के आयोजन से हमारे व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में जोखिम को समझने के महत्व को रेखांकित किया जाता है तथा यह सुनिश्चित किया जाता है कि इस जोखिम का समुचित आंकलन करते हुए उसे किस प्रकार दूर किया जाए। एक संगठन के रूप में हम प्रक्रिया एवं दिशानिर्देशों को पूरे संगठन में प्रसारित करें ताकि जोखिम का आंकलन किया जा सके। सतर्कता जागरुकता सप्ताह के दौरान हम निवारक सतर्कता तथा जोखिम के संगठन पर प्रभाव को बेहतर अनुभव व समझदारी से कम करने के प्रति अपने समर्पण को दोहराते हैं।


श्री विजय कुमार त्यागी, मुख्य सतर्कता अधिकारी, पीएनबी ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि पीएनबी 27 अक्तूबर से 02 नवंबर, 2020 तक तर्कता जागरुकता सप्ताह मना रहा है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के आयोजन की शुरुआत 1999 में केंद्रीय सतर्कता आयोग(CVC) द्वारा की गई थी। प्रति वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन के पीछे सीवीसी की मूल रणनीति सामूहिक रूप से सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सभी हितधारकों को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष का विषय " सतर्क भारत, समृद्ध भारत " है ताकि सतर्क व समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सके। 


उन्होंने कहा कि सीवीसी जैसी संस्थाओं के प्रयासों से हमें बेहतर फ्रेमवर्क व दिशानिर्देश प्राप्त हुए हैं, जिनसे संगठन में नए कार्यग्रहण करने वाले प्रबंधन प्रशिक्षु तथा परिवीक्षा अधिकारियों के बेहतर प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाता है, जिससे बड़ी जिम्मेदारी संभालने से पहले वे इनमें शामिल जोखिमों का सही आंकलन कर सके। उन्होंने कहा कि दिशानिर्देशों में बेहतर तालमेल बिठाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि परिचालनगत फ्रेमवर्क में जोखिम दूर किए जा सकें।


प्रयोगकर्ता अनुकूल टीएमएसएसी पोर्टल वास्तविक समय में शिकायतों/एनपीए संदर्भ को उसके ट्रिगर बिंदु से विभिन्न चरणों तक ट्रैक और मॉनिटर करता है। पोर्टल बैंक अग्रिम रूप से आंतरिक धोखाधड़ी की पहचान करने, तुरंत कार्रवाई करने और आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार करने में मदद करेगा। यह संबंधित अधिकारियों व प्रभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक सेतु का कार्य करेगा और वित्तीय सेवाएं विभाग तथा भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रेषित सूचनाओं को ट्रैक करने में मदद करेगा। यह कर्मचारियों के बीच ईमानदारी और सत्यनिष्ठा की भावना पैदा करेगा और आंतरिक प्रणालियों को अधिक पारदर्शी बनाते हुए नियंत्रित करेगा|


सतर्कता मैनुअल,2020 सतर्कता विभाग के कार्यों एवं दिशानिर्देशों को बेहतर ढंग से समझने में सहायक होगा।इसमें निवारक सतर्कता मॉनीटरिंग पोर्टल, सतर्कता जागरुकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण सत्र, क्या करें व क्या न करें की जानकारी तथा पालिसी में नवीनतम संशोधन को शामिल किया गया है।


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