नये कृषि कानून का किसानों को लाभ मिलना शुरू : कमल पटेल

महाराष्ट्र के किसान को मध्यप्रदेश के व्यापारियों से मिल सका भुगतान, प्रधानमंत्री ने मन की बात में किया उल्लेख 


 


कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा नये कानून के तहत खेती के साथ व्यापार भी कर सकेंगे किसान, बिचौलिए खत्म होंगे 


 


भोपाल । किसान नेता एवं मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि नए‌ कृषि कानूनों से किसान को किस तरह से लाभ मिल रहा है , इसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में किया। नये कृषि कानून के कारण महाराष्ट्र के किसानों को मध्यप्रदेश में शिकायत के बावजूद न्याय मिल सका। कमल पटेल ने कहा कि नये कृषि कानून में किसान खेती के साथ व्यापार कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। 


कृषि मंत्री कमल पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में उल्लेख किए गए महाराष्ट्र के धुले जिले के किसान जितेंद्र भोई को लेकर कहा कि नये कृषि कानून के तहत ही बकाया भुगतान प्राप्त हुआ। कमल पटेल ने कहा कि नये कानून का लाभ किसानों को मिलने लगा है, धुले महाराष्ट्र के किसान ने 270 क्विंटल मक्का 1240 रुपए प्रति क्विंटल की दर ‌से मध्यप्रदेश के बड़वानी के खेतिया इलाके के 2 व्यापारियों सुभाष वानी और अरुण वाणी को बेचा था जिसका पूरा भुगतान नहीं किया गया था।


फसल 19 जुलाई 2020 को विक्रय की थी लेकिन व्यापारी द्वारा कृषक को 3,32,617 रुपए का भुगतान नहीं करने पर कृषक द्वारा कृषक उत्पाद व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश 2020 ( संवर्धनऔर सरलीकरण ) के नियम -5 के अंतर्गत एसडीएम पानसेमल ज़िला बड़वानी को उसे राशि भुगतान कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। कृषक शिरपुर महाराष्ट्र का निवासी होने से तथा कृषि उत्पाद का क्रय विक्रय भी शिरपुर होने तथा व्यापारी भी शिरपुर का लाइसेंसी होने से नियम 5 की परिधि में नहीं आने के बाद भी कलेक्टर बड़वानी शिवराज सिंह वर्मा के निर्देश पर एसडीएम पानसेमल ज़िला बड़वानी द्वारा कृषक को, व्यापारी से उसकी कृषि उपज मक्का का सम्पूर्ण भुगतान कराया गया। किसान ने शिकायत बड़वानी के एसडीएम से की जिसके बाद एसडीएम ने नए कृषि कानून के तहत दोनों व्यापारियों को नोटिस जारी किया था।।। नोटिस मिलने के बाद दोनों व्यापारी पेश हुए और किसान को पूरा पैसा देने के लिए राजी हो गए।


कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नये कानून बहुत उपयोगी हैं। किसान अपनी फसल का भाव अब खुद तय कर उसे बेच सकता है। किसानों को भंडारण की सुविधा का लाभ मिलेगा जिससे उन्हें खलिहान से फसल बेचने की मजबूरी नहीं होगी और जब उसे फसल का अच्छा दाम मिलेगा तब वह उसे बेच सकेगा। किसान अब खेती के साथ व्यापार भी करेंगे जिससे जो लाभ बिचौलियों को मिलता था वह किसान के खाते में जाएगा।


0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post