नगरीय निकाय सभी संपत्तियों को कर के दायरे में लें: कियावत

संभागायुक्त ने भोपाल संभाग के नगरीय निकायों के सीएमओ और राजस्व अधिकारियों के प्रशिक्षण शिविर में आय बढाने के दिए निर्देश


 


          भोपाल। संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने कहा है कि नगरीय निकाय अपनी आय में वृद्धि करने के लिए अपने क्षेत्र अतंर्गत सभी संपत्तियों को कर के दायरे में ले और शासन के नीति निर्धारण सिद्धातों के तहत विभिन्न उपभोक्ता प्रभारो की दरे निर्धारित करे। श्री कवीन्द्र कियावत ने सोमवार को समन्वय भवन में संपन्न हुई भोपाल संभाग अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों की निकाय में उपभोक्ता प्रभारों की दरो के निर्धारण एवं आय में वृद्धि के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे।


 


      प्रशिक्षण कार्यक्रम में संपत्ति कर सहित विभिन्न उपभोक्ता प्रभारों/शुल्कों की दर निर्धारण एवं फायर सेफ्टी संबंधी एन.ओ.सी जारी करने संबंधी प्रशिक्षण दिया गया एवं इन प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक कठिनाईयों संबंधी प्रश्नों के समाधानकारक उत्तर विषय विशेषज्ञों ने दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर निगम, भोपाल के समस्त अपर आयुक्त सहित संभाग के सभी नगर पालिका के सीएमओ और राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। 


 


 श्री कियावत ने कहा कि प्रदेश शासन के नीतिनिर्धारण सिद्धांतों के तहत नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त की जाने वाली सेवाओं के लिए उपभोक्ता प्रभारों की दरों के निर्धारण निकायों की आय वृद्धि में की जाए। नगरीय निकायों के वित्तीय संसाधन सीमित हैं और करों, शुल्कों की वसूली में कमी के कारण स्थानीय निकायों को राज्य शासन पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय निकायों की आय बढाने के लिए आवश्यक है कि निकाय अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाली सभी सम्पत्तियों को कर के दायरे में लें और उनसे वास्तविक करों की वसूली सुनिश्चित करें। 


 


 श्री कियावत ने निकाय द्वारा नागरिकों को प्रदत्त की जाने वाली जलप्रदाय, सीवेज, डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण सहित अन्य शुल्कों/प्रभारों का निर्धारण सेवाओं पर आने वाले व्यय एवं उपभोक्ताओं की संख्या के अनुपात अनुसार निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करों का निर्धारण में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आगामी 08 दिसंबर तक सम्पत्तियों को करों के दायरे में लाने एवं उपभोक्ता प्रभार की दर निर्धारण की प्रक्रिया पूर्ण कर सक्षम स्वीकृतियां प्राप्त करने और खाते एवं डिमांड कायम की जाएं। 


 


 श्री कियावत ने कहा कि इस व्यवस्था से सर्वे का कार्य शत-प्रतिशत समय अवधि में कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर और उत्कृष्ट कार्यशैली से राजस्व की वसूली 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। यह लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में आने वाले समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान प्राप्त करें। सर्वेक्षण के विभिन्न पैरामीटर्स के आधार पर आम नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं ताकि आने वाले समय में स्वछता रैंकिंग में संभाग के सभी 41 निकाय शीर्ष पर हों। 


 


     श्री कियावत ने कहा कि सभी निकायों में सीएमओ एवं राजस्व अधिकारी निकायों और वार्डों में रहने वाले हाउस होल्ड परिवारों का भौतिक सत्यापन आईटीआई, पॉलिटेक्निक अथवा 12वीं कक्षा के भौतिक रसायन छात्रों से कराएं ताकि सत्यापन के आधार पर हाउसहोल्ड परिवारों सहित अन्य कार्यो का सत्यापन एक निश्चित समय सीमा में कराया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वे कार्य में लगाए छात्रों का अस्थाई और निश्चित समय अवधि के लिए उपयोग किया जाए तथा उन्हें एक समय अवधि के लिए पहचान पत्र भी उपलब्ध कराएं ताकि सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से आपके निकायों का भौतिक सर्वे सत्यापन के आधार पर शीघ्र संपन्न हो सकेगा। विद्यार्थियों से सम्पत्तियों का सर्वेक्षण करा कर सभी सम्पत्तियों के खाते एवं कर वसूली की जा सकेगी। अच्छे वातावरण और कार्य शैली से नागरिकों से की गई राजस्व वसूली नगरीय निकायों के लिए जीवनदायनी साबित होगी।  


 


  श्री कियावत ने प्रत्येक जिले के लिए एक नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश भी दिए जिससे मॉनिटरिंग का कार्य सुगमता से हो सकें। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी द्वारा अपने अधिनस्थ स्थानीय निकायों से दर निर्धारण प्रक्रिया के क्रियान्वयन की योजना एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की जा सकेंगी।   


 


     कार्यक्रम में अन्य सत्रों में सम्पत्तिकर, विभिन्न उपभोक्ता प्रभारों एवं फायर एनओसी जारी किए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा एवं प्रशिक्षण दिया गया और उपभोक्ता प्रभारों के निर्धारण एवं करों की वसूली में आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों से भी नगरीय निकायों के अधिकारियों ने अवगत कराया गया।


 


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