अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम का पालन करें : लवानिया

भोपाल । मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम, 2020 राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋणता से राहतग्रस्त के लिये उपबंध करने के लिए अधिनियम है। अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत 15 अगस्तक 2020 तक दिया गया प्रत्येक ऋण, जिसमें ब्याज की रकम, यदि कोई हो, भी सम्मिलित है, जो अनुसूचित क्षेत्र में निवासरत अनुसूचित जनजाति के सदस्या द्वारा किसी लेनदार को देय हो, पूर्णत: उन्मोचित हो गया समझा जाएगा। अधिकारिता रखने वाला कोई भी सिविल न्यायालय खण्ड (क) में निविर्दिष्टा किसी ऋणी के विरूद्ध को भी वाद या कार्यवाही, जो उसके ऋण की वसूली के लिये हो, ग्रहण नहीं करेगा।


 अधिनियम की उपधारा (1) के उपबंधों का उल्लंघन करने पर, तीन वर्ष तक का कारावास या एक लाख रूपए तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जाएगा। इस धारा के अधीन कोई अपराध संज्ञेय तथा जमानतीय अपराध होगा।


 कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जिले के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देशित किया है कि मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम 2020 के प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए अनुसूचित क्षेत्र के निवासरत अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋण ग्रस्तता से मुक्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।


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