पीएनबी में सतर्कता जागरुकता सप्ताह में सत्यनिष्ठा शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन 


नई दिल्ली ।  पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक के देश भर में कार्यरत 1 लाख कर्मचारियों ने 27 अक्तूबर से 2 नवंबर, 2020 तक चलने वाले सतर्कता जागरुकता सप्ताह में आज सत्यनिष्ठा शपथ समारोह में प्रतिभागिता की। यह शपथ हमेशा ईमानदारी एवं शुचिता के उच्चतम मानकों के लिए प्रतिबद्धता तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में योगदान की प्रतीक है। श्री सीएच.एस.एस.मल्लिकार्जुन राव, प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा श्री विजय कुमार त्यागी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने स्टाफ सदस्यों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशकों द्वारा माननीय राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा केन्द्रीय सतर्कता आयोग के संदेश पढ़कर सुनाए गए। 


इस वर्ष के सतर्कता जागरुकता सप्ताह का विषय “सतर्क भारत, समृद्ध भारत” है। शपथ ग्रहण के दौरान सीएच.एस.एस.मल्लिकार्जुन राव, प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा कि “ हम सभी को अपने दैनिक जीवन में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहने की आदत डालने की जरुरत है। निवारक सतर्कता किसी भी संगठन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, एक सतर्क संगठन निश्चय ही मजबूत भी होगा। निवारक सतर्कता वास्तव में निर्धारित दिशानिर्देशों का जांचबिंदु है। केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के परामर्श से इस बात को सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं कि नए स्टाफ सदस्यों को ऋण प्रभाग में तैनात करने से पहले 1 वर्ष का क्लसारूम प्रशिक्षण तथा ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दिलाया जाए। माननीया वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना का शुभारंभ किया था।”


श्री राव ने इस बात पर भी जोर दिया कि हमें अपनी प्रतिबद्धता को प्रतिवर्ष दोहराने और गत वर्ष के दौरान हुई घटनाओं पर विमर्श करने की आवश्यकता है। सतर्कता जागरुकता सप्ताह 2020 के आयोजन का उद्देश्य है- हम अपने व्यावसायिक व व्यक्तिगत जीवन में किसी भी संभावित जोखिम के प्रति सतर्क और सावधान रहें। निवारक सतर्कता हमें एक ऐसा परिवेश तैयार करने में सहायक है, जिसमें पीएनबी परिवार के सदस्य स्वयं एवं संगठन को जोखिममुक्त रख सकें।


श्री त्यागी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग के संदेश की मुख्य बातों को बताते हुए कहा कि सभी संगठनों को आंतरिक प्रक्रियाओं व गतिविधियों में सुधार पर ध्यान देने की जरुरत है। प्रक्रियागत सुधार लाकर बेहतर जनसेवा दी जा सकती है।


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